मध्यप्रदेश शासन द्वारा खेल विभाग का कार्य जिला पंचायत को सोपना गलत - अर्जुन अवार्डी पहलवान कृपाशंकर बिशनोई

शब्दवाणी समाचार रविवार 14 जुलाई 2019 खंडवा,मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश शासन भी 3% हर शासकीय डिपार्टमेंट में दें खेलो को कोटा । यह बात अंतराष्ट्रीय कुश्ती कोच कृपाशंकर बिश्नोई ने पत्रकारों से सोजन्य भेंट में कही । वहीं युवाओं से अपील करते हुए बताया कि वह फर्जी खेल संस्थानों से दूर रहें । उन्होंने आगे कहा की अब देश में महिला कुश्ती को लेकर क्रांति की लहर आ गई है हर मां चाहती है कि उसकी बेटी गीता, बबीता बनकर देश ओर अपना दुनिया में नाम रौशन करे ।



खंडवा पहुंचे अंतराष्ट्रीय कुश्ती कोच व रेफरी कृपाशंकर बिश्नोई ने बताया । कि अब मध्य प्रदेश खेल नीति से होगा खिलाड़ियों का विकास शासन ने पहली बार खिलाड़ियों से मांगे है सुझाव उन्होंने कहा खेल में राजनीति से होगा खेलों को नुकसान, जिला स्तर पर जिला खेल युवा कल्याण विभाग का कार्य जिला पंचायत को सोपना गलत है । वह कहते है की दंगल ओर सुल्तान जैसी फिल्में युवाओं को और लड़कियों को कुश्ती के प्रति काफी प्रोत्साहित कर रही है आज कुश्ती के प्रति लोगों की मानसिकता बदली है अब कुश्ती में महिलाओं की भागीदारी अधिक हो गई है छोटे-छोटे गांव से बालिकाएं आगे आ रही है कुश्ती के लिए और कुश्ती में राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक जाकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर रही है | मध्य प्रदेश की ही 40% बालिकाएं कुश्ती में आगे हैं और मध्य प्रदेश में कुश्ती के प्रति भागीदारी निभा रही हैं साक्षी मलिक, गीता फोगाट, पूजा ढांड़ा, बबिता बालिकाओं के लिए प्रेरणा बन गई है महिला कुश्ती ने पूरे देश में आज एक क्रांति ला दी है अब हर मां चाहती है कि मेरी बेटी भी गीता और बबीता बने यह बात पत्रकारों से चर्चा के दौरान कुश्ती कोच अर्जुन अवार्ड कृपाशंकर बिश्नोई ने खंडवा आगमन पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही उन्होंने कहा कि परिजनों की भी जिम्मेदारी बनती है कि अपने बच्चों को किस खेल में आप भेज रहे हैं उसका कैरियर खेल के प्रति कितना है आजकल फर्जी खेल संस्थाएं भूटान नेपाल अन्य देशों खेल खिलाने के नाम खिलाड़ियों को गुमराह करते हैं प्रमाण पत्र तो दिलवा देते है लेकिन नौकरी में उन प्रमाण पत्रों की कितनी प्राथमिकता है कितने अंक मिलते हैं यह तो जब पता लगता है जब प्रमाण पत्रों की औपचारिकता ही कठघरे में खड़ी हो जाती है युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करना होगा जिन खेलों में उनका कैरियर बने और उनको चुनकर वह आगे बढ़ सके ओलंपिक गेम में किन खेलों को प्राथमिकता दी जा रही है उन खेलों के प्रति युवाओं को जागरूक होना पड़ेगा आज के खिलाड़ियों को सही दिशा देने की जरूरत है मध्यप्रदेश शासन द्वारा खेल विभाग को जिला पंचायत को सोपे जाने के प्रश्न पर कोच कृपाशंकर बिश्नोई ने कहा कि जिला पंचायत को देना खेल विभाग की बहुत बड़ी गलती है खेल में राजनीति बंद होनी चाहिए यदि खेल में राजनीति हुई तो खेल बर्बादी की ओर चला जाएगा पूर्व में खेल युवा कल्याण विभाग पुलिस अधीक्षक महोदय के अंदर होता था उसमें एक पारदर्शिता थी लेकिन अब जिला पंचायत में पंचायत स्तर पर सरपंच को भी प्राथमिकता देने के आधार पर खेलों में राजनीतिकरण की बात कहीं खेलों में आरक्षण नहीं होना चाहिए खेलों में जो प्रतिभावान खिलाड़ी हैं वे आगे आएं तभी खेल आगे बढ़ेगा मध्य प्रदेश सरकार ने पहली बार खिलाड़ियों की भी राय ली है कि खेलों को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए इसके लिए समिति भी बनाई गई है जिसमें मैं भी हूं खेल नीति पर दो मीटिंग हो चुकी है तीसरी और अंतिम मीटिंग भी इसी महीने संपन्न हो चुकी है खेल नीति पर जल्द ही अच्छे काम होंगे | उन्हीने रेलवे विभाग की तारीफ़ करते हुए कहा की भारतीय रेलवे ने कुश्ती खिलाड़ियों के लिए जो प्रमोट किया है बहुत ही अच्छा प्रयास है रेलवे प्रशासन के ऐसे प्रयासो से ही आज देश भर के अच्छे पहलवान देश सहित विदेशों में अपना नाम रोशन कर रहे हैं यहां तक कि ओलंपिक में भी मेडल दिलाएं हैं मध्यप्रदेश शासन को भी पुलिस, डाक, बैंक सहित अन्य विभागों में भी खेल कोटा रखना चाहिए जिससे खिलाड़ियों को सुनहरा अवसर मिलेगा और आगे बढ़ेंगे खेल नीति में हमने शासन से 3% कोटा हर डिपार्टमेंट में खिलाड़ियों के लिए हो इसकी बात भी कही है।
पूर्व पहलवान व जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष मंगल यादव ने कहा छोटे से गांव सोनखेड़ी से निकले अंतरराष्ट्रीय पहलवान कृपाशंकर | मध्यप्रदेश का खंडवा शहर जो अब तक दादाजी की नगरी और किशोर कुमार के नाम से जाना जाता है, वहीं अब तो पहलवानों के नाम से भी जाना जाने लगा है । इस क्षेत्र से जुड़े ऐसे भी महारथी भी हैं, जिनको आमिर खान जैसे फिल्म कलाकार भी गुरु मानते हैं । जी मै बात कर रहा हूं खंडवा के सोनखेड़ी गांव निवासी कृपाशंकर बिश्नोई की एक छोटे से गांव से निकलकर पूरे खंडवा का नाम पहलवानी में रोशन किया यहां तक कि पूरे परिवार ने कई पहलवान दिए हैं जिन्होंने अपना नाम रोशन किया और अपने जिले और राज्य का नाम रोशन किया। ये न केवल पहलवान हैं, बल्कि नेशनल महिला कुश्ती के कोच और देश के अर्जुन अवार्ड से सम्मानित भी है ।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान कृपाशंकर ने कहा कि पहले अपनी बेटियों को जब कुश्ती में उतारा तो लोग ताने कसते थे, लेकिन जब वे स्टेट और नेशनल खेलने लगीं तो सबकि मानसिकता ही बदल गई । जहां कभी लोग लड़कियों का उपहास करने में नहीं चूकते थे । आज वही बेटियों को खुले दिल से हर क्षेत्र में बड़ावा देने की बातें करते नजर आते हैं और बेटियों की कामयाबी का हर जगह उदाहरण देते नजर हैं। आज छोटे-छोटे गांव से बेटियां कुश्ती स्पर्धा में आगे आ रही हैं । यह बात कुश्ती संघ के सचिव रघुनाथ पांजरे ने कही। वहीं खंडवा कुश्ती के वरिष्ठ पहलवान मंगल यादव ने कहा कि युवतियां अपनी क्षमता पहचानें ओर बढ़चढ़कर कुश्ती के क्षेत्र में आगे आये । वही अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा । कि जिले के युवाओं में असीम क्षमता है । उन्हें उसे पहचानने की जरूरत है । अगर युवा और खिलाड़ी निरंतर मन से मेहनत करें, तो वे सफलता जरूर पाएंगे । अगर लंबे समय तक फिट रहना है तो गप्पेबाजी को कम करते हुए अपने शरीर के लिए भी कम से कम एक घंटा तो अपने शरीर के लिए निकालकर मेहनत तो करना चाहिए । हमारे खंडवा में भी कई सुविधाओं वाले अखाड़े हैं और लेकिन अब हमें जरूरत स्पोर्ट्स स्कूल की है । जहां पढ़ाने के लिए बेस्ट टीचर हों और गेम्स की कोचिंग के लिए बेहतरीन कोच हों । यहां बच्चा सुबह प्रैक्टिस करें और अपनी डाइट लेकर यहीं पढ़े और दोपहर में आराम करे । शाम को फिर प्रैक्टिस और पढ़ाई हो। तब हमारे यहां से वाकई पदक जीतने वाले खिलाड़ी निकलेंगे |



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