मिरेकल फाउंडेशन इंडिया ने ‘फैमली बेस्ड केयर’पर वर्कशॉप आयोजित किया 

शब्दवाणी समाचार सोमवार 23 सितम्बर 2019 इंदौर। अपने पूरे जीवन  में हर अनाथ और कमजोर बच्चे के लिए एक सुरक्षित, प्यार करने वाले परिवार को तलाशने के अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, मिरेकल फाउंडेशन इंडिया,  लाइसेंस प्राप्त सेक्शन 25 नॉन प्रॉफिट आॅर्गेनाइजेशन ने इंदौर के आरंभ चिल्ड्रन होम के साथ पार्टनरशिप में एक कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला परिवार-आधारित देखभाल के लिए 'वर्किंग टू गेदर फॉर फैमली-बेस्ड केयर' पर थी, जिसमें सरकारी और गैर-सरकारी स्टेकहोल्डर्स के लिए, एक व्यवस्थित परिवर्तन पर चर्चा के लिए चाइल्ड केयर के लिए सभी को एक साथ लाया गया था। इसका उदेश्य संस्थागत देखभाल को परिवार-आधारित देखभाल में बदलना। वर्कशॉप का पहला बैच 18 और 19 सितंबर 2019 को इंदौर के होटल सूर्या में आयोजित किया गया था। 



आरम्भ होम के बच्चों के एजेंट चेंज करने के साथ एक कदम बढ़ाने और  और फैमिली-बेस्ड केयर (एफबीसी) में बदलाव के शुरूआती दौर में, लक्ष्य कार्यशाला राज्य बाल अधिकार चिकित्सकों को बच्चों की देखभाल के लिए, सिद्धांतों और परिवर्तन की देखभाल की गहरी समझ विकसित करने में मदद करने के लिए आयोजित की गई थी। परिवार आधारित इस देखभाल पहल में सीडब्ल्यूसी सदस्य, आईसीपीएस सदस्य, इंदौर जिले के सीसीआई प्रतिनिधि और सामुदायिक विकास में काम करने वाले प्रमुख गैर सरकारी संगठन के प्रतिनिधि शामिल थे। इस अवसर पर संध्या व्यास (संयुक्त निदेशक, डब्ल्यूसीडी, एमपी), श्रीराजनीश सिन्हा (उप निदेशक, डब्ल्यूसीडी, एमपी) और सुश्री भारती डांगी (सहायक निदेशक, डब्ल्यूसीडी - धार जिला) उपस्थिति दर्ज कराने वाले प्रमुख सदस्य थे। 
कार्यशाला का फोकस चाइल्ड केयर संस्थानों (सीसीआईएस) से संक्रमण वाले बच्चों को उनके परिवार के लिए समर्थन देने के लिए एक साथ काम करने पर था, ताकि यह सुनिश्चित बना रहे है कि बच्चो को रिस्क और खतरे से हमेशा बताया जाता है और इस बदलाव के लिए उनकी देखभाल आवश्यक है। इसका उद्देश्य सीसीआई और सरकार / समुदाय-आधारित एनजीओ के बीच संबंध बनाने में इन स्टेक होल्डर्स की मदद करना भी था। कार्यशाला के दौरान, गेटकीपिंग और सीसीआई में प्रवेश करने वाले बच्चों की रोकथाम पर वर्तमान रुझानों और सफलता की कहानियों की चर्चा की गई। कार्यशाला में परिवार के आधार और वैकल्पिक देखभाल के संबंध में वर्तमान परिदृश्य और उपायों के बारे में विचारों को साझा करने के साथ ही अनुभवों को प्रस्तुत किया गया।



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