स्मार्ट प्रत्यायन के तहत प्रशिक्षण साझेदारों के लिए लक्ष्य का निर्धारण

शब्दवाणी समाचार 26 नवंबर 2019 नई दिल्ली। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-एनयूएलएम) की ओर से कौशल प्रबंधन और प्रशिक्षण केंद्र प्रत्‍यायन (एसएमएआरटी) पोर्टल पर प्रशिक्षण केंद्रों की मान्यता पर एक-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बताया गया कि अगले वित्तीय वर्ष से, लक्ष्यों के निर्धारण से लेकर व्यापारिक साझेदारों का मामला स्मार्ट मान्यता के तहत होंगे। राज्यों को सलाह दी गई थी कि वे पहले से ही ऐसा न होने पर मान्यता की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दें। कार्यशाला में राज्यों, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और प्रशिक्षण साझेदारों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य एसएमएआरटी पर प्रत्‍यायन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और विशेष रूप से डीएवाई-एनयूएलएम के कौशल प्रशिक्षण और प्लेसमेंट (ईएसटी एंड पी) घटक के माध्यम से रोजगार के संबंध में किसी अन्य विशिष्ट समस्‍या का समाधान करने के लिए राज्यों को हैंड होल्डिंग सहायता प्रदान करना है। स्मार्ट पोर्टल पर तकनीकी सत्र राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित किया गया था।



राज्यों के प्रतिनिधियों से इस कार्यशाला का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया गया गया, ताकि वे अपने-अपने राज्यों के अन्य हितधारकों को समर्थन प्रदान करने में सक्षम हों।
कार्यक्रम के दौरान, राज्यों के साथ स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा तैयार किए गए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के ई-विपणन पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। इस सत्र में विभिन्न ई-कॉमर्स पोर्टलों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। यह सत्र अत्‍यंत महत्वपूर्ण था क्‍योंकि डीएवाई-एनयूएलएम ने बड़े और उभरते बाजारों तक पहुंच प्रदान करने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर स्‍व-सहायता समूहों के उत्पादों के लिए ऑन-बोर्डिंग की सुविधा प्रदान की है। इन ई-कॉमर्स पोर्टलों के साथ प्रस्तावित समझौते में शामिल हितधारकों की अपेक्षित भूमिकाओं पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला में शहरी गरीबों के लिए स्थायी आजीविका बनाने और उनके सामाजिक और व्यावसायिक कमजोरियों को दूर करने के लिए समग्र उद्देश्य के साथ मिशन के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए विचार-विमर्श काफी उपयोगी होगा।
दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-एनयूएलएम) आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं में से एक है, जो सशक्‍त सामुदायिक संस्थानों, कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार के लिए सस्ती ऋण तक पहुंच के माध्यम से शहरी गरीबी को कम करने, फेरीवालों के लिए सहायता और शहरी बेघरों के लिए आश्रय प्रदान करने के लिए प्रयत्‍नशील है। 



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