8 जनवरी को किसानों के साथ मजदूर करेंगे विरोध प्रदर्शन : गंगेश्वर दत्त शर्मा

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 6 जनवरी  2021, गौतम बुध नगर। को चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) व तीन कृषि कानूनों को निरस्त कराने के लिए भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र "सीटू" के राष्ट्रीय आह्वान पर दिल्ली एनसीआर में मजदूर करेंगे जगह-जगह विरोध प्रदर्शन यह निर्णय मंगलवार 5 जनवरी 2020 को सीटू दिल्ली एनसीआर राज्य कमेटी सचिव मंडल की  बीटीआर भवन 13 ए, राउज एवेन्यू नई दिल्ली में राज्य कमेटी अध्यक्ष कामरेड वीरेंद्र गौड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया बैठक में सीटू राज्य महासचिव कामरेड अनुराग सक्सेना ने चल रहे मजदूर किसान आंदोलन की रिपोर्ट रखी और कहा कि इस समय हमें किसानों के संघर्ष के प्रति समर्थन जारी रखते हुए मजदूरों की मांगों को लेकर तुरंत तेज अभियान और संघर्ष के कार्यक्रम को शुरू करना है और सीटू सेंटर के राष्ट्रीय आह्वान के तहत 7- 8 जनवरी 2021 को जिला स्तरीय जुझारू प्रदर्शन/ गिरफ्तारियां देना/ कलेक्ट्रेट का घेराव/ धरना- प्रदर्शन करना है।

बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड तपन सैन ने कहा कि मजदूर विरोधी श्रम संहिता और राष्ट्र विरोधी निजीकरण के खिलाफ मजदूर वर्ग का संघर्ष जो किसान विरोधी कृषि कानूनों और बिजली संशोधन बिल 2020 के खिलाफ किसानों के संघर्ष का पूरक बनेगा संघर्ष के इन मोर्चा के साथ अकेले किसान और मजदूर ही कारपोरेट समर्थक नव उदारवादी शासन को पीछे धकेल सकते हैं इस प्रकार कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग के साथ-साथ मजदूर वर्ग को अपनी विशिष्ट मांगों पर संघर्ष को तेज करना महत्वपूर्ण और जरूरी है इसीलिए सीटू ने राष्ट्रीय स्तर पर 7- 8 जनवरी को देशव्यापी संघर्ष का आह्वान किया है उन्होंने राज्य के नेताओं से अपील किया कि बड़े पैमाने पर उपरोक्त कार्यक्रमों में मजदूरों को लामबंद किया जाए।

सीटू दिल्ली एनसीआर राज्य उपाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि सभी चार श्रम संस्थाओं को निरस्त किया जाए एवं तीन कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए, बिजली बिल 2020 को वापस लिया जाए, निजीकरण बंद करों, सभी गैर आयकर दाता परिवारों के लिए ₹7500 प्रति माह का नगद हस्तांतरण, सभी जरूरतमंदों को 10 किलो खाद्यान्न प्रति व्यक्ति प्रति माह, कम से कम ₹700 दैनिक मजदूरी के साथ 200 दिन मनरेगा के तहत काम कानूनी रूप से लागू रोजगार गारंटी योजना का शहरी क्षेत्रों में विस्तार करों, एनपीएस निरस्त करो, पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करो, सभी को सामाजिक सुरक्षा दो, सार्वभौमिक निशुल्क स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करो आदि आंदोलन की प्रमुख मांगे हैं। बैठक में सचिव मंडल सदस्य कामरेड अनुराग सक्सेना, वीरेंद्र गौड़, गंगेश्वर दत्त शर्मा, सिद्धेश्वर शुक्ला, एच.सी. पंथ, पुष्पेंद्र सिंह, जी.एस. तिवारी, हरपाल त्यागी, मनवर रावत एवं सीटू सेंटर की ओर से राष्ट्रीय महासचिव कामरेड तपन सेन ने हिस्सा लिया।

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