50 बेड का फील्ड अस्पताल बनाने के लिए अल शिफा अस्पताल से साझेदारी किया

 

◆ एस्टर वॉलंटियर्स, ऐस्टर डीएम हेल्थ केयर की ग्लोबल सीएसआर शाखा है, जो नई दिल्ली में अल शिफा मल्टी स्पेश्यलिटी अस्पताल चलाने वाले लाभ-निरपेक्ष  संगठन, ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट को अपना सहयोग प्रदान कर रही है, यह फील्ड अस्पताल देश की राजधानी में कोरोना के मरीजों के लिए अस्पताल में बेड की लगातार बढ़ती कमी को पूरा करेगा

◆ इस पहल के लिए खाड़ी देशों में ऐस्टर अस्पतालों के संचालन से फंड एकत्र किया जाएगा। फील्ड अस्पताल के निर्माण के लिए ऐस्टर 87 लाख रुपयों का निवेश कर रहा है। यह अस्पताल दो हफ्ते में शुरू होने के उम्मीद है।

◆ भारत के 5 राज्यों में ऐस्टर के 14 अस्पताल पहले से चल रहे हैं। यह अस्पताल यथासंभव ज्यादा से ज्यादा संख्या में कोरोना मरीजों की सेवा करके इस जानलेवा बीमारी से सक्रिय रूप से जंग लड़ने में सहयोग कर रहे हैं

◆ केरल के ऐस्टर अस्पतालों में सभी तरह की आपातकालीन सर्जरी, जैसे कि ट्रांसप्लांट, दिल और कैंसर या ट्यूमर के ऑपरेशन में गरीब और आर्थिक रूप से साधनविहीन लोगों को 50% डिस्काउंट का ऑफर दिया जा रहा है।

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 30 अप्रैल  2021, नई दिल्ली। ऐस्टर डीएम हेल्थकेयर की ग्लोबल सीएसआर शाखा, ऐस्टर वॉलंटियर्स, ने नई दिल्ली के अल शिफा मल्टी स्पेश्यलिटी अस्पताल के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत  कोरोना मरीजों के लिए अस्पताल में बेड की बढ़ती कमी को पूरा करने के लिए 50 बेड की फील्ड अस्पताल बनाने में मदद की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य उन गरीब मरीजों की मदद करना है, जिनके पास इलाज पर खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे नहीं है, लेकिन उन्हें गंभीर देखभाल की जरूरत है।     

एमओयू के अंतर्गत ऐस्टर मेडिकल सुविधाओं के विकास में मदद करेगा और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण सुनिश्चित करेगा। अल शिफा की जिम्मेदारी अस्पताल के संचालन की होगी। इस फंड का उपयोग फील्ड अस्पताल के संचालन के लिए जरूरी सामान, जैसे कि मरीजों के बेड, मेडिकल उपकरण और अन्य सामान खरीदने में किया जाएगा।

ऐस्टर डीएम हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक और संस्थापक अध्यक्ष डॉ. आजाद मूपेन ने इस पहल पर कहा कि, “भारत में मौजूदा स्थिति को संभालने के लिए इस समय आक्रामक कदम उठाने की जरूरत है। भारत में केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में स्थित हमारे 14 अस्पताल यथासंभव ज्यादा से ज्यादा संख्या में कोरोना मरीजों का युद्ध स्तर पर इलाज करने में जुटे हैं। ये अस्पताल संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सभी प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों में, खासतौर से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कोरोना मरीजों को रोजाना बेड की किल्लत का सामाना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए अस्पताल में बेड की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी करने की जरूरत है। नई दिल्ली में 50 बेड के फील्ड अस्पताल से हमें यह उम्मीद है कि हम जरूरतमंद मरीजों की सेवा करने में सक्षम हो पाएंगे और कुछ परिवारों के बीमार प्रियजनों की जिंदगी बचा सकेंगे, जिससे उन्हें अपनी फैमिली के लोगों को हमेशा के लिए न खोना पड़े। इसके अलावा केरल के ऐस्टर अस्पतालों में  जरूरतमंद मरीजों को  ट्रांसप्लांट, दिल और कैंसर या ट्यमूर से संबंधित आपातकालीन गंभीर सर्जरी पर 50% छूट का ऑफर देने की हमारी योजना है।

अल शिफा मल्टी स्पेश्यलिटी अस्पताल का संचालन करने वाले ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के श्री आरिफ अली ने कहा कि, “दिल्ली और एनसीआर के कोरोना मरीजों की जितनी ज्यादा से ज्यादा मदद हम कर सकते हैं, कर रहे हैं, लेकिन यह काफी कम है। हालात दिन पर दिन बदतर होते जा रहे हैं। हम ऐस्टर वॉलंटियर्स के साथ साझेदारी कर काफी खुश हैं। इससे हम ज्यादा से ज्यादा मरीजों की सेवा करने की अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं और महामारी को कंट्रोल करने की भारत की जरूरत को पूरा करने में सहयोग देने के लिए आगे आए हैं।

ऐस्टर के 27 में से 14 अस्पताल भारत में स्थित है। ऐस्टर डीएम हेल्थकेयर ग्लोबल नेटवर्क का लगभग 70% स्टाफ भारतीय है। संस्थान ने जीसीसी और भारत के बीच हेल्थ केयर इकोसिस्टम बनाया है, जो स्थानीय सरकार के साथ मिलकर महामारी से जंग के ऐस्टर के प्रयासों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (युएई) ने कोरोना की पहली लहर का सामना 2020 में किया था। ऐस्टर उस समय भारत और युएई सरकार के साथ काम करने वाली पहली कंपनी थी। तब ऐस्टर ने कोरोना पॉजिटिव के मामलों को नियंत्रित करने के लिए भारत के ऐस्टर अस्पतालों में काम करने वाली 88 नर्सों को युएई भेजा था। अब अपने 14 मौजूदा अस्पतालों और नई दिल्ली में बनने वाले नए फील्ड अस्पताल से ऐस्टर डीएम हेल्थकेयर मौजूदा संकट से निपटने में भारत की मदद करने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रख रहा है।

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