केजरीवाल की दरियादिली का खुला पिटारा

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 21 मई  2021(शोएब अजीज) नई दिल्ली। अगर हम दिल्ली सरकार की कल्याणकारी नीतियों की बात करें तो दसियों पन्नों का लेख तैयार किया जा सकता है। दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने जिस तरह से मध्यम और छोटे वर्गों का विशेष ख्याल रखा है वह भारत के इतिहास में किसी भी राज्य में नहीं मिलता है। अक्सर यह देखा गया है कि सत्ता में रहने वाली सरकारें केवल साहूकारों की दरबानी करती हैं। जिस तरह से हम वर्तमान में केंद्र सरकार को देखते हैं। ज्यादा विस्तार में न जाते हुए मैं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा कल घोषित चार कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बात कर्रूँगा। कोरोना महामारी के इस युग में जहां गरीबों को अपनी घरेलु ज़रुरत को पूरा करने के लिए 100-200 रुपये की जरूरत है वहीँ  ये घोषणाएं इन गरीबों के लिए कुछ फायदेमंद ज़रूर होंगी। उम्मीद यही है क़ी अखबारों और मीडिया बाजारों तक सीमित नहीं बल्कि जनता के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। दिल्ली सरकार की चार कल्याणकारी योजनाओं में पहली राशन योजना है। 

दिल्ली के लोगों के पास राशन कार्ड न होने पर भी उन्हें हर महीने 10 किलो राशन मुफ्त दिया जाएगा। अरविंद केजरीवाल ने अपनी घोषणा में कहा कि राशन कार्ड केवल दिल्ली के 72 लाख लोगों को ही उपलब्ध हैं, इसलिए राशन कार्ड धारकों को ही राशन वितरित करना संभव नहीं है, बल्कि बिना किसी भेदभाव के अपनी गरीबी दिखाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को राशन दिया जाएगा। दूसरी योजना के तहत मुख्यमंत्री ने घोषणा की है  कि कोरोना से मरने वालों के परिवारों को 50,000 रुपये मुआवजा दिया जाएगा। अपनी बात जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने तीसरी घोषणा में कहा कि अगर कमाने वाले की मौत कोरोना से हुई है तो घर वालों को 50,000 रुपये के साथ-साथ 2,500 रुपये प्रति माह का भुगतान भी किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने चौथी घोषणा भी की है कि जिन बच्चों के माता-पिता इस दुनिया में नहीं हैं और यदि माता-पिता में से एक का निधन कोरोना महामारी से पहले हो गया है और अब माता-पिता में से एक की कोरोना से मृत्यु हो गई है तो 25 वर्ष तक 2500 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाएगा, इसके अलावा उनकी शिक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी। यहाँ उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार लोगों की जरूरतों के लिए पहले ही कुछ बुनियादी सुविधाएं मुफ्त कर चुकी है, इन योजनाओं से गरीबों का जीवन तो नहीं काट सकता लेकिन उनके जीवन में कोरोना महामारी की मुश्किलें जरूर कम होंगी।

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