ड्रीम स्‍पोर्ट्स फाउंडेशन की नई पहल बैक ऑन ट्रैक

◆ कोविड से प्रभावित 3500 से अधिक भारतीय खेल पेशेवरों की मदद कर रही है

◆ दिल्‍ली में 100 से अधिक लाभार्थियों को प्रदान की गई महत्‍वपूर्ण सहायता 

शब्दवाणी समाचार, रविवार 20 जून  2021, नई दिल्ली। ड्रीम स्‍पोर्ट्स (Dream Sports) की परोपकारी इकाई ड्रीम स्‍पोर्ट्स फाउंडेशन (Dream Sports Foundation (डीएसएफ) ने अपने बैक ऑन ट्रैक (Back on Track) नई पहल के तहत महामारी के दौरान 29 खेलों के 3500 से अधिक खेल पेशेवरों को सफलतापूर्वक मदद पहुंचाई है। 3500 लाभार्थियों में से 3300 मौजूदा और रिटायर्ड एथलीट्स हैं, 100 से अधिक कोच हैं, और 70 से ज्‍यादा स्‍पोर्ट्स सपोर्ट स्‍टाफ एवं पत्रकार हैं। लाभार्थी भारत के 24 राज्‍यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। दिल्‍ली में 100 से अधिक खेल पेशेवरों ने इस पहल के माध्‍यम से महत्‍वपूर्ण मदद हासिल की है। 

कोविड-19 महामारी ने विभिन्‍न स्‍तरों पर जीवन को प्रभावित किया है, जिससे खेल सहित सभी उद्योगों और क्षेत्रों में नौकरी एवं आय का नुकसान हुआ है। राष्‍ट्रीय खेल दिवस पर अगस्‍त 2020 में लॉन्‍च किया गया ‘बैक ऑन ट्रैक’ खेल उद्योग के जरूरतमंद लोगों को वित्‍तीय सहायता, प्रशिक्षण एवं खेल उपकरण मदद, कोचिंग, उचित आहार और पोषण, मासिक वजीफा और स्‍वच्‍छता किट प्रदान कर मदद करने में सक्षम रहा है। भारतीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र के सबसे ज्‍यादा प्रभावित सदस्‍यों तक सहायता पहुंचे यह सुनिश्चित करने के लिए डीएसएफ ने देशभर में 16 गैर सरकारी संगठनों की भी मदद की, जिसमें नव सहयोग फाउंडेशन, ड्रिबल अकादमी, नागालैंड फुटबॉल फाउंडेशन, द राइट पिच, द बॉल प्रोजेक्‍ट और कई अन्‍य शामिल हैं। डीएसएफ ने प्‍लेफील्‍ड पत्रिला पहल के माध्‍यम से उन खेल पत्रकारों की भी मदद की, जिन्‍होंने कोविड संकट के कारण अपनी नौकरी खो दी थी। कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए, भावित सेठ, सीओओ और सह-संस्‍थापक ड्रीम स्‍पोर्ट्स और ड्रीम 11, ने कहा, महामारी की वजह से अवसरों और संसाधनों की कमी के कारण कई खेल पेशेवर और एथलीट अपने सपनों को छोड़ रहे थे क्योंकि वे खुद को बनाए रखने में असमर्थ थे। हम ‘बैक ऑन ट्रैक’ के माध्‍यम से उन्‍हें अपने पैरों पर खड़ा होने और उनके व्‍यक्तिगत एवं खेल लक्ष्‍यों की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करना चाहते थे। हमें खुशी है कि हम पूरे भारत में कई खेल लाभार्थियों तक पहुंच सके और पिछले नौ महीनों में समग्र समर्थन प्रदान कर सके।

बैक ऑन ट्रैक’ के लाभार्थियों में से एक है रानी लक्ष्‍मीबाई स्‍पोर्ट अकादमी, बिहार, यह एक ऐसा संस्‍थान है जो वंचित पृष्‍ठभूमि की लड़कियों को राज्‍य, राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर खेल खेलने का अवसर देता है। अकादमी के संस्‍थापक, संजय पाठक ने कहा, “हम ‘बैक ऑन ट्रैक’ जैसी पहल के लिए आभारी हैं, जिसने हमारे 55 वरिष्‍ठ छात्रों, जो फुटबॉल और हैंडबॉल खेलते हैं, की बहुत मदद की। उन्‍होंने खेल खेलने के उनके सपने को बनाए रखने में मदद की है, विशेषकर इस कठिन समय में। लड़किया पूरे साल एक जोड़ी जूते के साथ खेलती थीं, लेकिन ड्रीम स्‍पोर्ट्स फाउंडेशन की मदद से, अब उनके पास राष्‍ट्रीय-स्‍तर के खिलाडि़यों की तरह उच्च गुणवत्‍ता के कई जोड़ी जूते और स्‍पोर्ट किट्स हैं। वित्‍तीय समर्थन ने हमें छात्रों को बेहतर पोषण उपलब्‍ध कराने में भी मदद की है।

कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में राष्‍ट्र के साथ जुड़ते हुए, अप्रैल 2021 में डीएसएफ ने चिकित्‍सा उपकरणों, अस्‍पतालों में बिस्‍तर की आपूर्ति और पूरे भारत में टीकाकरण में तेजी लाने के जरिये तत्‍काल चिकित्‍सा सहायता उपलब्‍ध कराने के लिए गिव इंडिया और एसीटी को अनुदान देने के लिए 15 करोड़ रुपये का दान दिया। डीएसएफ ने केटो के माध्‍यम से एक सार्वजनिक वित्‍त संग्रह की भी शुरुआत की है, जो भारत में कोविड-19 सहायता पहलों के समर्थन के लिए पहले ही 1.25 करोड़ रुपये जुटा चुका है। 2020 में, ड्रीम स्‍पोर्ट्स फाउंडेशन ने संकट के दौरान पका भोजन, सूखा राशन और पिछड़े समुदायों को स्‍वच्‍छता किट्स एवं महाराष्‍ट्र सरकार तथा बीएमसी (बृहनमुंबई महानगर पालिका) के फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रोटेक्टिव उपकरण उपलब्‍ध कराने के जरिये 6 लाख से अधिक भारतीयों की मदद की थी। डीएसएफ ने कोविड-19 के लिए पीएम केयर्स और सीएम रिलीफ फंड में भी योगदान दिया है। 

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