दिल्ली पुलिस ने मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी किया

◆ दिल्ली गुरुद्वारा कमिटी में भ्रष्टाचार के मामले में कारवाई 

◆ शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (सरना)की तरफ से दाखिल याचिका के बाद 09-07-2021 को कोर्ट ने लिया था ◆ कोर्ट के आदेशानुसार पुलिस ने एल.ओ.सी खोला

◆ सरना ने प्रेस वार्ता में सबूत पेश किए

◆ श्री अकालतख्त साहिब के जत्थेदार के चुप्पी पर उठाए सवाल

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 28 जुलाई 2021, नई दिल्ली।  दिल्ली गुरुद्वारा कमिटी के अंदर फंड के चोरी और दुरुपयोग के मामले में चल रही जाँच में दिल्ली पुलिस ने डीएसजीएमसी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ "लुक आउट नोटिस" जारी किया। जानकारी हो कि, सिरसा के खिलाफ कोर्ट केस शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (सरना) के द्वारा दाखिल किया गया था।  केस की सुनवायी करते हुए माननीय कोर्ट ने 9 जुलाई, 2021 को पूर्व- विधायक के देश छोड़ने पर पाबंदी लगायी थी। जिसको लेकर बीते सोमवार को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपी के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया। पूरे मामले में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने वाले शिअदद पार्टी प्रधान परमजीत सिंह सरना और हरविंदर सिंह सरना ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सबूत पेश किए।

सिख इतिहास में पहली बार हो रहा है कि डीएसजीएमसी के प्रधान के खिलाफ चोरी, गबन और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों में लुक आउट नोटिस हुआ है। अपराधी के देश छोड़ने पर भी रोक लगी है। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि जिनको "शहीदां-दी-जथेबंदियों" का उदाहरण होना चाहिए वह सिर्फ "टोला-ए-ठग" बनकर रह गए है। यदि दुनिया का कोई भी जिम्मेदार ओहदेदार गलत कामो में लिप्त पाया जाता है तो वह खुद ही इस्तीफा देता है। लेकिन यहाँ कुर्सी और राजनीति के भूखे हिलने को तैयार नही। सरना ने श्री अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल , एसजीपीसी प्रमुख जगीर कौर और श्री अकालतख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के चुप्पी पर गहरा दुःख जताया। सरना के अनुसार उन्होंने 2018-19 में श्री अकालतख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से मुलाकात करके दिल्ली कमिटी के अंदर हो रहे भृष्टाचार के मामले को उठाया था। उन्होंने अस्वाशन दिया गया कि जल्द ही करवाई शुरू की जाएगी लेकिन कुछ भी नही हुआ।

प्रेस वार्ता में पार्टी महासचिव गुरमीत सिंह शंटी और याचिकर्ता भुपिंदर सिंह भी मौजूद थे। शंटी के अनुसार वर्तमान दिल्ली गुरुद्वारा कमिटी के किसी भी कार्यो का निष्पक्ष ब्यौरा संगत के सामने नही  है। 120 करोड़ के रिजर्व खत्म है और 250 करोड़ के अनुमानतः रिजर्व के किसी भी खर्चो का आंकड़ा मौजूद नही है। स्कूल, कॉलेज अपने दम तोड़ने के कगार पर है। स्टॉफ को तनख्वाह नही मिल रहे है।  कोरोना काल मे सेवा के नाम पर जमा आक्सीजन कंस्ट्रेटर इत्यादि को दिल्ली से बाहर भेजा गया। अमिताभ बच्चन जैसे 1984 के कातिलों के दोषी से 12 करोड़ इत्यादि लिए गए उनका कोई हिसाब -किताब नही। सिख मर्यादाएं तार-तार हो रही है। उनको देखने वाला कोई नही है।

प्रेस वार्ता में शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के वरिष्ठ सदस्य मौजूद थे जिन्होंने भृष्टाचार के खिलाफ अपनी जंग को और तेज करने की बात कही। सरना ने अपील करते हुए कहा कि " गुरु की संगत से हमारा निवेदन है कि कमिटी में किसी भी तरह के गलत कामो की जानकारी मिलते ही हमें या पुलिस को तुरंत सूचित करें। गोलक चोरों को सजा दिलवाने मे आप सभी सहयोग करें।

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