एमजी मोटर इंडिया की जियो के साथ साझेदारी

◆ भारतीय एसयूवी बाजार में अत्याधुनिक 'कनेक्टेड कार सॉल्युशन' करेंगे प्रदान

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 4 अगस्त 2021, मुंबई। बेस्ट-इन-क्लास कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध एमजी मोटर इंडिया ने आज इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) स्पेस में भारत के प्रमुख डिजिटल सर्विसेस प्रोवाइडर जियो के साथ साझेदारी की घोषणा की है। ऑटो-टेक पायोनियर के रूप में अपनी पोजिशन को मजबूती करते हुए एमजी मोटर इंडिया अपनी आगामी मिड-साइज एसयूवी में जियो के आईओटी सॉल्युशन द्वारा सक्षम आईटी सिस्टम का सीमलेस इंटिग्रेशन प्रदान करेगा। यह साझेदारी नए जमाने के मजबूत मोबिलिटी सॉल्युशन को सक्षम बनाएगी, जो कि प्रतिष्ठितकार निर्माता के फ्यूचरिस्टिक मोबिलिटी एप्लिकेशन बनाने और जादुई अनुभवों को सुविधाजनक बनाने के उत्साह को रेखांकित करेगा। भारत का सबसे बड़ा इंटिग्रेटेड टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर जियो की एक विस्तृत रेंज प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए ऑटोमोटिव सॉल्युशन को सपोर्ट करेगा। एमजी की मिड-साइज़ एसयूवी के ग्राहकों को न केवल महानगरों में बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी हाई-क्वालिटी कनेक्टिविटी के साथ-साथ जियो के व्यापक इंटरनेट आउटरीच से लाभ होगा।

जियो का नए जमाने का कनेक्टेड व्हीकल सॉल्युशन हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और कनेक्टिविटी का एक कॉम्बिनेशन है जो यूजर्स को चलते-फिरते वाहनों और लोगों को ट्रेंडिंग इंफोटेनमेंट और रियल-टाइम टेलीमैटिक्स तक पहुंचने में सक्षम बनाता है और उनके लिए डिजिटल जीवन के लाभ लाता है। एमजी मोटर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राजीव चाबा ने कहा, “टेक्नोलॉजी और इनोवेशन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में कनेक्टेड कार स्पेस का नेतृत्व कर रहे हैं। सॉफ्टवेयर-ड्रिवन डिवाइसों पर फोकस बढ़ने का ट्रेंड देखा जा रहा है और आईओटी स्पेस में जियो जैसे टेक-इनोवेटर के साथ हमारी वर्तमान साझेदारी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में एमजी मोटर को एक टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस साझेदारी से यह सुनिश्चित होगा कि हमारी अगली मिड-साइज कनेक्टेड एसयूवी से ड्राइविंग अनुभव और सरल बने और टेक्नोलॉजी सपोर्टेड सिक्योरिटी मिले।

जियो के डायरेक्टर और प्रेसिडेंट किरण थॉमस ने कहा, "जियो भारतीय यूजर्स के लिए अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और सॉल्युशंस का एक इकोसिस्टम बना रहा है। एमजी मोटर इंडिया के साथ हमारी साझेदारी इस यात्रा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। जियो के ईसिम, आईओटी और स्ट्रीमिंग सॉल्युशन एमजी यूजर्स को रियल-टाइम कनेक्टिविटी, इंफोटेनमेंट और टेलीमैटिक्स तक पहुंचने में सक्षम बनाएंगे। यह अपने प्रमुख स्तंभ के रूप में इनोवेशन के साथ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में तकनीकी विकास के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एमजी मोटर इंडिया ने भारत में अपनी यात्रा देश की पहली इंटरनेट से कनेक्टेड कार - एमजी हेक्टर के लॉन्च के साथ शुरू की थी। इसके बाद प्योर इलेक्ट्रिक इंटरनेट एसयूवी - एमजी जेडएस लॉन्च की। इसने ग्लॉस्टर को लेवल-1 ऑटोनॉमस फीचर्स के साथ भी लॉन्च किया है, जिसमें ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB), एडेप्टिव क्रूज़ कंट्रोल (ACC) और अन्य एडवांस फीचर शामिल हैं। फिनटेक प्लेटफॉर्म एंजेल ब्रोकिंग ने अपनी नई पहचान एंजेल वन को पेश किया है, जो एक 'डिजिटल फर्स्ट' ब्रांड है। यह स्टॉकब्रोकिंग सर्विसेस सहित अपने ग्राहकों की सभी वित्तीय जरूरतों को पूरा करेगा। अपने नए अवतार में एंजेल वन नाम से यह अम्ब्रेला ब्रांड कंपनी की प्रत्येक मौजूदा और भविष्य की बिजनेस यूनिट को शामिल करेगा। एंजेल वन को पेश करते हुए एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड के चीफ ग्रोथ ऑफिसर श्री प्रभाकर तिवारी ने कहा, “हमारा लक्ष्य एंजेल वन को फिनटेक यूनिट के रूप में स्थापित करना है। नए जमाने के जेनरेशन जेड और मिलेनियल भारतीय निवेशकों से मजबूत रिश्ता बनाने के लिए हम खुद को एक समकालीन, डाइनामिक, टेक अवतार के तौर पर पेश करना चाहते हैं।

एंजेल वन एक इनोवेटिव और मजबूत प्लेटफॉर्म है, जो आसानी से जेन-जेड और मिलेनियल्स के साथ जुड़ जाए, जिसमें टियर-2 और टियर-3 शहरों के लोग भी शामिल हैं। यह परिवर्तन कंपनी की ब्रांड विरासत और महत्वाकांक्षाओं का एक फ्यूजन है, क्योंकि कंपनी एक ब्रोकिंग हाउस से हर वित्तीय जरूरत के लिए 'वन-सॉल्युशन' प्लेटफॉर्म में बदलना चाहती है, जिसमें म्यूचुअल फंड से लेकर बीमा, ऋण और अन्य सुविधाएं पेश की जा सके। कॉर्पोरेट यूनिट का नाम एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड ही रहेगा, पर कंज्यूमर के सामने जो मास्टरब्रांड जाएगा, वह अब 'एंजेल वन' कहलाएगा। यह बदलाव एंजेल ब्रोकिंग के सभी प्लेटफॉर्म और बाहरी व आंतरिक टचप्वाइंट दोनों पर देखे जाएंगे। डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड होने की महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए वेब और ऐप पर इसके प्लेटफॉर्म को लगातार अपडेट किया जा रहा है। 1996 में एक पारंपरिक ब्रोकर के रूप में स्थापित एंजेल ब्रोकिंग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का बड़े पैमाने पर उपयोग करने पर फोकस किया और यह 2019 तक पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म में परिवर्तित हो गया। इसने एआरक्यू प्राइम, एंजेल बीईई, स्मार्ट स्टोर, स्मार्ट मनी, आदि जैसे अत्याधुनिक सॉल्युशन को जोड़ा। इसने डिलीवरी ट्रेड्स पर शून्य ब्रोकरेज की एक सरल प्राइजिंग स्ट्रक्चर और अपने आईट्रेड (iTrade) प्राइम प्लान के तहत इंट्राडे, फ्यूचर्स और ऑप्शंस, करेंसी और कमोडिटी के लिए प्रति ऑर्डर 20 रुपए शुल्क तय किया। एंजेल ब्रोकिंग ने अपनी ओर से कंज्यूमर्स के लिए डिजिटल अनुभव को विकसित किया है और इसकी ओपन-आर्किटेक्चर अप्रौच ने वेस्टेड, स्मॉलकेस, सेंसिबुल और स्ट्रीक सहित कई थर्ड-पार्टी टाई-अप का नेतृत्व किया।

एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री नारायण गंगाधर ने कहा, “हमने अपने टेक-आधारित प्लेटफॉर्मों के साथ डिजिटल बदलाव के बाद राजस्व में वृद्धि देखी है। हम अपने डील टेक्नोलॉजी स्किल का उपयोग करते हुए अधिक प्रोडक्ट्स और सर्विसेस के निर्माण की प्रक्रिया में भी हैं, जो हमारे ग्राहकों के लिए पेशकशों के दायरे को बढ़ाएंगे। यह जानकारी अपने ग्राहकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए हम खुद को एंजेल वन के रूप में बदल रहे हैं। एंजेल ब्रोकिंग अतीत में किए गए सफल बदलावों के आधार पर अपनी नई स्थिति की सफलता को लेकर आश्वस्त है। वर्तमान में कंपनी के पास भारत के 98% पिन कोड यानी 18,874 स्थानों पर फैले 5 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं। वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में इसने अब तक सबसे अधिक ग्रॉस रेवेन्यू 4,745 मिलियन रुपए दर्ज किया।

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