क्या कम AMH होने पर गर्भधारण में आ सकती है परेशानी

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 16 सितम्बर  2021, नई दिल्ली। महिलाओं के शरीर में हर hormones का एक विशिष्ट उद्देश्य होता है। समस्याएं आमतौर पर तब बढ़ जाती हैं जब ये hormones ठीक से काम नहीं करते हैं। एक महिला अपने पूरे Life में hormonal changes का अनुभव करती है। यह अक्सर मासिक धर्म (Menstrual) के दौरान या गर्भावस्था (pregnancy) के दौरान होता है। लेकिन गर्भावस्था (pregnancy) में हार्मोनल परिवर्तन (hormonal changes) थोड़ा अधिक सामान्य हो सकता है। 

AMH (Anti-Müllerian hormone) एक हार्मोन है, जो follicles के माध्यम से महिला के ovary में बनता है। यह प्रजनन क्षमता और गर्भावस्था (fertility and pregnancy) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि महिला में Anti-Müllerian hormone का Level असामान्य है, तो गर्भधारण करने में समस्या होने की अधिक संभावना है। अधिकांश महिलाएं Anti-Müllerian hormone के बारे में नही जानती है। 

प्रत्येक महिला अपने पूरे जीवनकाल (lifetime) में 10 से 20 लाख अंड़े उत्सर्जित (eggs released) करती है। परंतु माहवारी (menstruation) शुरु होते ही इनकी संख्या 4 लाख के करीब ही रह जाती है। इसके साथ-साथ जैसे जैसे महिला की उम्र बढ़ती (aging) जाती है वैसे-वैसे रिजर्व अंडों की संख्या (Reserve eggs) कम होती जाती है। fertility specialists के अनुसार एक महिला की ओवरी (Ovary) से 400 अंडे ऐसे अंडे निकलते है कि अगर वह शुक्राणु (Sperm) से मिल जायें । तो महिला के गर्भवती (Pregnant) होने की पूर्ण संभावना होती है। इसलिए गर्भधारण (pregnancy) करने के पूर्व महिला को यह जरुर जान लेना चाहिए । कि महिला की ओवरी में कितने अंडे बचे है और उन अंडो की quality कैसी है। ऐसे में गर्भधारण करने में आसानी होती है। 

What should be the level of amh in women?

महिलाओं में कितना होना चाहिए  amh का लेवल ? जिससे गर्भधारण संभव हो 

गर्भधारण के लिए महिलाओं में amh level  2.5 ng/ml से 6.0ng/ml के बीच होना चाहिए। तभी गर्भधारण (pregnancy) करने में आसानी होती है। यदि  amh level 2.5 ng/ml से कम होता है तो इससे स्पष्ट हो जाता है कि महिलाओं की Ovary में reserve eggs की संख्या कम है । और यदि  amh level   6.0ng/ml इससे अधिक हो जाता है। तो महिलाओं के ovary में FOLLICLES अधिक है । जिसे PCOD or PCOS  कहा जाता है। 

AMH लेवल पर उम्र का क्या प्रभाव पड़ता है ? Does age affect AMH levels?

AMH लेवल स्वाभाविक रूप से उम्र के साथ कम हो जाता है, लेकिन आपकी उम्र के लिए विशेष रूप से कम एएमएच प्रारंभिक रजोनिवृत्ति की संभावना को इंगित कर सकता है। बहुत अधिक एएमएच स्तर पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (पीसीओएस) का संकेतक हो सकता है।

क्या एएमएच लेवल  में सुधार किया जा सकता है? Can AMH Levels Be Improved

एएमएच स्तर आपके अंडाशय में अंडों की संख्या का सिर्फ एक प्रतिबिंब है। इस संख्या को बढ़ाने के लिए कोई दवा नहीं है। आपके एएमएच स्तर को बढ़ाने से अंडाशय में आपके अंडे नहीं बढ़ते हैं। परंतु यदि आप अपने खानपान और जीवनशैली में सुधार कर लेती है तो बचे हुए अंडो की क्वालिटी में सुधार जरुर हो जाता है। जिससे आप गर्भधारण कर सकती है। 

How to improve egg quality for pregnancy -  गर्भावस्था के लिए अंडे की गुणवत्ता में सुधार कैसे करें ?

अपने रक्त प्रवाह में सुधार करें। अंडों के स्वास्थ्य के लिए अंडाशय में ऑक्सीजन युक्त रक्त प्रवाह आवश्यक है। 

स्वस्थ आहार लें।

फर्टिलिटी फूड्स अपने भोजन में शामिल करें। 

धूम्रपान बंद करें। 

स्वस्थ वजन बनाए रखें और तनाव को जीवन से दूर रखें। 

How does AMH level get lower and higher - कैसे कम और ज्यादा हो जाता है एएमएच लेवल ?

ऐसे कई कारक हैं जो एएमएच लेवल के उच्च और निम्न स्तर को जन्म दे सकते हैं। उनमें से कुछ यहां हैं। एंटी-ऐंठन, उच्च रक्तचाप वाली दवाओं और ओपियेट्स की श्रेणियों में दवाओं में हाइपोथायरायडिज्म, एनोरेक्सिया (अनिद्रा), अनिद्रा, गंभीर तनाव, ज़ोरदार व्यायाम, पिट्यूटरी ग्रंथि ट्यूमर और पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम (पी) शामिल हैं। इन स्थितियों वाली महिलाओं में एएमएच लेवल  पर विचार किया जाना चाहिए।

यह जानकारी आशा आयुर्वेदा की Infertility Specialist Dr Chanchal Sharma से खास बातचीत के दौरान प्राप्त हुई है।  अगर आप भी अपने कम या ज्यादा AMH लेवल से परेशान हैं तो हमारे आशा आयुर्वेदा केन्द्र के फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट आपकी मदद के लिए हमेशा तत्पर हैं |

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