मूव ने अपना नया कैंपेन- ‘जिंदगी के बीच दर्द ना आये’ लॉन्च किया

 कैंपेन उन महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करता है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए अपनी सीमाओं से बाहर निकलती हैं

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 23 सितम्बर  2021, नई दिल्ली। भारत के नंबर 1 दर्द निवारक क्रीम ब्रांड मूव ने अपना नया कैंपेन- ‘जिंदगी के बीच दर्द ना आये’ लॉन्च किया है। दो ब्रांड वैरिएंट्स- मूव और मूव स्ट्रॉन्ग के लिए दो फिल्मों का उद्देश्य हर उम्र की महिलाओं को अपने सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रेरित करना है, जहां शरीर का दर्द किसी प्रकार से बाधक नहीं बनेगा। मजबूत महिलाओं की कहानी वाली फिल्में इस बात पर भी जोर देती हैं कि कैसे परिवार उन्हें अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने में सहायता कर सकते हैं।

1986 में भारत में लॉन्च के बाद से मूव महिलाओं की मदद कर रही है और उनकी जरूरत के उत्पादों की पहचान कर रही है, जो उन्हें सीमाओं को तोड़ने में मददगार हो सकते हैं। पुरुष और महिलाओं दोनों में व्यापक रूप से लोकप्रिय ब्रांड उन लोगों को समर्थन देने पर विचार कर रहा है, जो खुद को बेचैनी और शरीर दर्द की स्थिति से बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। यह शरीर में दर्द की समस्या से जूझ रहे हर व्यक्ति को एक उत्पाद के माध्यम से ‘मूव अप’ (आगे ले जाने) और सहायता करने का प्रयास कर रहा है, जो उन्हें अच्छा महसूस करा सकता है और दर्द से मुक्त जीवन की ओर ले जा सकता है। मूव ने तेज दर्द से निजात दिलाने के लिए 2019 में डाइक्लोफेनैक सोडियम से युक्त अपना एक वैरिएंट लॉन्च किया था, जो जल्दी से राहत देने में सहायक होता है।

रेकिट के रीजनल मार्केटिंग डायरेक्ट, साउथ एशिया- हैल्थ और न्यूट्रीशियन श्री दिलेन गांधी ने कहा, “इसके लॉन्च के बाद से, मूव के विज्ञापनों में महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो अपनी महत्वाकांक्षाओं तक पहुंचने और उन्हें हासिल करने के बीच में आने वाली चुनौतियों या दर्द के बावजूद कहीं भी नहीं रुकती हैं। यह अभियान फिर से महिलाओं और परिवारों का उत्सव है, जो एक दूसरे के साथ खड़े होते हैं और कोई भी बाधा सामने आने के बावजूद ‘मजबूती’ के साथ वापसी करते हैं। जहां हमारे उत्पाद दर्ज से जूझ रहे किसी भी व्यक्ति के द्वारा प्रभावी रूप से इस्तेमाल किए जा सकते हैं, वहीं हमारे विज्ञापन उन सभी महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं जो अपने सपनों और अपने प्रियजनों के सपनों को साकार करने के लिए लगातार अतिरिक्त प्रयास करती हैं।

मैक्केन वर्ल्डग्रुप के क्रिएटिव हैड, दिल्ली श्री कपिल बत्रा ने कहा, “मूव का हमेशा से मानना रहा है कि हमारे लक्ष्यों की राह में दर्द कभी सामने नहीं आना चाहिए। इस विचार के साथ आगे बढ़ते हुए, हमारा नया कैंपेन आज की महिला के लिए श्रद्धांजलि है जो किसी भी स्थिति में अपने लक्ष्य का पीछा करती है। इसमें दो कहानियां हैं और ये दिखाती हैं कि कैसे मूव हमारी महिला मुख्य पात्रों को अपनी मर्जी से अपनी जिंदगी जीने यानी अजेय रहने में सक्षम बनाती है।

मूव और मूव ‘स्ट्रॉन्ग’ के लिए सावधानी से तैयार कहानियों के साथ, मूव ऐसी महिलाओं और पुरुषों के साथ जुड़ने पर विचार कर रही है, जो अपने जीवन में एक महिला के योगदान को समझते हैं। मूव की नई फिल्म एक भावनात्मक कहानी है कि कैसे माताएं यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी सीमाओं से आगे निकलती हैं कि उनके बच्चे अपने सपनों को पूरा करें और उनका अपना दर्द सहित कुछ भी उन्हें अपना काम करने से नहीं रोकेगा। मूव स्ट्रॉन्ग टीवीसी एक भाई-बहिन के संबंध को दिखाता है, जहां बहिन को लगी मोच उसे एक बाइक रैली में भाग लेने से रोकती है। दोनों ही विज्ञापनों में उनकी देखभाल के लिए उनके परिवार एक साथ आ रहे हैं और वे इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि कैसे मूव की गर्मी से उनकी जिंदगी रुकती नहीं है। ‘जिंदगी के बीच दर्द ना आए’ टैगलाइन दोनों ही विज्ञापनों में काफी उपयुक्त है।

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