76% भारतीय रियल एस्टेट को निवेश का सबसे बेहतर विकल्प मानते : नोब्रोकर

◆ 3 और 4 बीएचके की डिमांड काफी तेजी से बढ़ी 

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 20 जनवरी  2022, मुंबई। देश के 76 फीसदी लोगों ने प्रॉपर्टी में निवेश को सबसे लोकप्रिय निवेश का विकल्प बताया है। यह उस सुरक्षा की बढ़ी भावना की ओर संकेत करता है, जो घर खरीदने से आती है। इस बात का खुलासा भारत का पहला प्रॉपटेक यूनिकॉर्न नोब्रोकर डॉटकॉम द्वारा रिलीज किए गए पांचवे ‘इंडिया रियल एस्टेट रिपोर्ट 2021” में हुआ हैं। एसआईपी या शेयर और गोल्ड में निवेश इससे काफी दूरी पर दूसरे और तीसरे विकल्प बनकर उभरे हैं। बिटकॉइन को उपभोक्ताओं की काफी थोड़ी तादाद ने निवेश के आकर्षक विकल्प के रूप मे चुना है। सर्वे में यह विचारधारा विक्रेताओं के एक सर्वेक्षण से सामने आई, जहां 43 फीसदी खरीदारों ने कहा कि वह 2022 में निवेश के उद्देश्य से एक अन्य प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं। सर्वे से ये नतीजे इस तथ्य के साथ उभरे हैं कि 84 फीसदी लोगों का विश्वास है कि  अपने वास्तविक उपयोग के लिए संपत्ति खरीदने का यह सबसे बेहतर समय है। इस सर्वे ने संकेत दिया कि इस समय मार्केट में प्रॉपर्टी खरीदने के लिहाज से लोग काफी उत्साहित है।

सर्वे के यह नतीजे लगातार चली जा रही वर्क फ्रॉम होम कल्चर के तालमेल में सामने आए हैं। यह नतीजे हाइब्रिड वर्क सेटअप के माहौल, बिल्डर्स की ओर से दिए जा रहे डिस्काउंट और घर की खरीद के लिए गए लोन की ऐतिहासिक रूप से कम दरों के साथ सामंजस्य बढ़ाने के रूप में सामने आए हैं। आंशिक लॉकडाउन और सीमित मात्रा में आवागमन ने खरीदारों को अपने पैसे की बचत का मौका दिया है, नहीं तो यही पैसा बाहर छुट्टिय़ां बिताने या लाइफस्टाइल का लेवल बढ़ाने के लिए उपभोक्ता वस्तुओं की खरीद पर खर्च होता था। इन सब कारकों ने मिलकर घर खरीदने की जरूरत महसूस करने वाले खरीदारों का घर खरीद का बजट बढ़ा दिया है। 15 फीसदी लोग 1 करोड़ से ज्यादा कीमत का घर खरीदने की योजना बना रहे हैं। (जो 2020 से 4 फीसदी ज्यादा और 2019 से 8 फीसदी ज्यादा है)।    

3 बीएचके की डिमांड में पिछले साल आई 29 फीसदी की डिमांड की तुलना में इस वर्ष 33 फीसदी का उछाल आया है। 2 बीएचके अब भी डिमांड में सबसे ऊपर है। 37 फीसदी लोगों ने 2 बीएचके का विकल्प चुना है। हालांकि उनकी लोकप्रियता का कुछ प्रतिशत 3 और 4 बीएचके की यूनिट्स में बंट गया है। 2021 की पिछली तिमाही में ऑफिसों के दोबारा खुलने के साथ लोगों की अपने दफ्तर के पास घर लेने की इच्छा काफी बढ़ी है। इस साल 80 प्रतिशत किरायेदारों ने अपने ऑफिस के पास ही घर लेना ज्यादा पसंद किया, जबकि 78 फीसदी खरीदार अपने शहर में ही घर खरीदने की सोच रहे हैं। 2020 की रिपोर्ट में घर से ऑफिस की दूरी किराएदारों की प्राथमिकता की सूची में कई पायदान नीचे आ गई थी।

78 फीसदी खरीदारों ने रेडी टु यूज प्रॉपर्टीज को खरीदने को प्राथमिकता देना जारी रखा है। इस ट्रेंड के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण घरों का निर्माण और कब्जा मिलने में देरी होना है। यह भी देखा गया कि 73 फीसदी लोग घर खरीदने के लिए वास्तु को एक प्रासंगिक कारक मानते हैं। वहीं 55 फीसदी किरायेदार भी घर किराए पर लेते हुए वास्तु को प्राथमिकता देते हैं। कंपनी भारत का सबसे बड़ा ब्रोकरेज फ्री-प्रॉपर्टी पोर्टल है, जिसने 2021 में देश के सभी शहरों में 2874 करोड़ रुपये के ब्रोकरेज की बचत की है। इसमें बेंगलुरु में लगातार तीसरे साल सबसे ज्यादा 787 करोड़ की बचत की गई। इसके बाद मुंबई में 653 करोड़ रुपये, चेन्नई में 497 करोड़ रुपये, पुणे में 424 करोड़ रुपये, हैदराबाद में 264 करोड़ रुपये और दिल्ली एनसीआर में 250 करोड़ रुपये के ब्रोकरेज की बचत हुई।

नोब्रोकर डॉटकॉम के सहसंस्थापक और सीबीओ सौरभ गर्ग ने कहा, “बड़े घरों की डिमांड और घर खरीदने के लिए लोगों के लिए बढ़े हुए बजट के अलावा शहर की सीमाओं में घर खरीदने की प्राथमिकता से 2022 में रियल एस्टेट के सेक्टर को सकारात्मक माहौल प्रदान किया है। 2021 में प्रॉपर्टी सेक्टर में एक उल्लेखनीय साल बनकर आया, जिसमें पूरे रियल एस्टेट मार्केट में कई सकारात्मक बदलाव और इनोवेशन हुए। इस वर्ष जहां रेडी टु-मूव इन प्रॉर्टीज की डिमांड प्रासंगिक बनी रही, विडियो टूर्स में काफी बढ़ोतरी हुई। इसी तरह वास्तविक उपयोग के लिए घर खरीदने वाले लोगों को भी मूल्यवान संपत्ति बनाने का माहौल बरकरार रहा। इसका क्रेडिट ऐतिहासिक रूप से होम लोन की कम ब्याज दरों को और उस सुरक्षा को मिलना चाहिए, जो अपना घर खरीदने से लोगों को मिलती है। इसके साथ ही निकट भविष्य के लिए रियल स्टेट मार्केट वास्तविक रूप से मकान खरीदने वाले लोगों का मार्केट बनेगा। यह जान कर राहत मिलती है कि निवेशकों का भरोसा भी लौट रहा है। यह एक विडंबना ही कही जाएगी कि महामारी ने भी तकनीकी द्खल का मार्ग प्रशस्त किया है।

अब जब दुनिया ज्यादा से ज्यादा डिजिटल होती जा रही है। विडियो वॉकथ्रू का कॉन्सेप्ट 2020 के दौरान सबसे ज्यादा आकर्षण वाले कारक के रूप में सामने आया। आने वाले वर्षों में यह विकल्प काफी प्रासंगिक रहेगा। इस सोल्यूशन ने मकानों को शॉर्टलिस्ट करने का उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प दिया। इसके अलावा इस विकल्प से किराएदारों ने किराए के मकानों की भी तलाश की। इस सोल्यूशन से उपभोक्ताओं को केवल मकान की तस्वीरों को देखने की जगह मकान के साइज, आकार और लेआउट का बेहतर आइडिया मिला। 2021 में 77 फीसदी किरायेदारों ने यह विश्वास जताया कि विडियो टूर्स से लोगों को मकानों को देखने और पसंद करने में उल्लेखनीय रूप से मदद मिली है।

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