फिनटेक स्टार्टअप जूनियो ने प्री-सीरीज ए राउंड में 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर राशि जुटाई

◆ बच्चों पर केंद्रित डिजिटल भुगतान और पॉकेट मनी

◆ जूनियो जुटाई गई इस पूंजी का इस्तेमाल अपनी टीम को मजबूत करने, नई उत्पाद सुविधाओं का विस्तार करने और ग्राहक अधिग्रहण में करेगी

शब्दवाणी समाचार, सोमवार 7 मार्च 2022, नई दिल्ली। भारत का पहले बच्चों पर केंद्रित डिजिटल भुगतान और पॉकेट मनी ऐप जूनियो ने आज घोषणा की है कि इसने राजीव ददलानी की महत्वपूर्ण भागीदारी के साथ संयुक्त अरब अमीरात स्थित कंपनी एनबी वेंचर्स के नेतृत्व में प्री-सीरीज ए फंडिंग राउंड में सफलतापूर्वक 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर की पूंजी जुटाई है। फिनटेक स्टार्टअप जुटाई गई इस पूंजी का इस्तेमाल अपनी टीम को मजबूत करने, नई उत्पाद सुविधाओं का विस्तार करने और ग्राहक अधिग्रहण की पहलों का दायरा बढ़ाने में करेगा।

शंकर नाथ और अंकित गेरा के दिमाग की उपज, जूनियो का उद्देश्य बच्चों के लिए पॉकेट मनी का डिजीटलीकरण करना और उसे पसंदीदा डिजिटल भुगतान विकल्प बनाना है। यह प्लेटफॉर्म एक 'स्मार्ट कार्ड' प्रदान करता है, जो बच्चों को ऑफलाइन और ऑनलाइन खरीदारी करने में सक्षम बनाता है। नई दिल्ली स्थित स्टार्टअप का लक्ष्य बच्चों में अनुशासन और जागरूकता का निर्माण करना है कि कैसे पैसे का प्रबंधन मज़ेदार और व्यावहारिक तरीके से किया जाए। माता-पिता के पास अपने बच्चों के खर्च करने तरीकों के बारे में साफ-साफ पता होता है, और वे धन प्रबंधन में शुरुआती सीख के जरिए उनका मार्गदर्शन कर सकते हैं।

जूनियो के सह-संस्थापक अंकित गेरा और शंकर नाथ ने कहा, “हमने पिछले साल अपने एप्लिकेशन को लॉन्च किया था जिसके बाद से इसे बड़े पैमाने पर अपनाया गया है। अभिभावक-बच्चों के समुदाय के बीच एक मजबूत स्वीकृति है। अब हम यूजर्स के अनुकूल उत्पाद विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए नई और रोमांचक सुविधाओं को पेश करने की प्रक्रिया में हैं। हम अपने नए निवेशकों को बोर्ड में पाकर खुश हैं, और उनके समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं।

एनबी वेंचर्स के नीलेश भटनागर ने कहा, “शंकर और अंकित ने पहले बड़े पैमाने पर डिजिटल भुगतान को संभाला है, और हम उस गति से बहुत प्रभावित हैं, जिसे जूनियो ने काफी कम समय में हासिल किया है। जूनियो छोटे बच्चों में डिजिटल भुगतान की आदत पैदा करेगा और नकदी पर निर्भरता कम करेगा। बच्चों द्वारा डिजिटल भुगतान की गुंजाइश बहुत अधिक है, और हमने इस मामले में अभी बस शुरुआत की है। नए, नवोन्मेषी उपयोग के मामले सामने आएंगे और जूनियो अपने बेहतर उत्पाद और बाजार की समझ के साथ इसका लाभ उठाने के लिए तैयार है।

राजीव ददलानी ने कहा, “पॉकेट मनी एक सदियों पुरानी अवधारणा है, और यह वर्षों में विकसित हुई है। अब, जूनियो ऐप तकनीक और डिजिटलीकरण का उपयोग करके इस क्षेत्र में क्रांति लाने की कोशिश कर रहा है। महामारी ने हमें एक नगदविहीन अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ाया है। बच्चों द्वारा पॉकेटमनी और डिजिटल भुगतान अभी भारत में अपने प्रारंभिक चरण में हैं और यह एक बड़ी संभावना है। हम पूरी तरह से टीम के विजन के साथ जुड़े हुए हैं और उनकी यात्रा का हिस्सा बनकर खुश हैं। 2021 में जूनियो ने कुणाल शाह और यशिश दहिया, वेंचर कैटालिस्ट्स और राजीव ददलानी समूह के नेतृत्व वाले फैमिली ऑफिस जैसे मुख्य निवेशकों से फंडिंग में 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि जुटाई थी। दिल्ली मुख्यालय स्थित जूनियो के उपयोक्‍ता देश भर में फैले हुए हैं। इसके मुख्‍य उपयोक्‍ता 10-16 साल के बच्चे हैं, जिन्होंने सभी चीजों को डिजिटल रूप से अपनाया है।

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