BPR&D ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 9 मार्च 2022, नई दिल्ली। BPR&D ने 8 मार्च 2022 को बीपीआरएंडडी मुख्यालय, महिपालपुर, नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सार्वजनिक एवं कार्य स्थलों पर महिलाओं की रक्षा और सुरक्षा'विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री,माननीयाश्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई और समारोह में उपस्थितBPR&D, CAPFs, CPOs, State Police, Academia, Member of National Policemen केवरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों,सिविल सोसाइटी संगठनों और ब्यूरो के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित किया। 

मुख्य अतिथि ने पुलिस बलों के क्षमता निर्माण के क्षेत्र में बीपीआरएंडडी के कार्यों और सार्वजनिक स्थानों एवं कार्यस्थलों पर महिलाओं की रक्षा और सुरक्षा की चुनौतियों का सामना करने हेतु पुलिस बलों को तैयार करने एवं उनके आधुनिकीकरण मेंBPR&D के प्रयासों की प्रशंसा की। सभी महिलाओं की ओर से माननीया मंत्री महोदया नेसभी पुरुषों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं। माननीया मंत्री महोदया जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब एक महिला जिम्मेदारी लेती है, तो वह तब तक आराम नहीं करती जब तक कि वह उसे पूरा न कर ले। उन्होंने आगे कहा कि इस अवसर पर BPR&D द्वारा आयोजित किया गया राष्ट्रीय सम्मेलन बेहद अनूठा और महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय महिला पुलिस की सबसे बड़ी विशेषता है कि वेअपने साथियों, समाज और संगठन के सामनेवे अपने को कमजोर नहीं दिखाना चाहती हैं। महिला पुलिसकर्मी हमेशा अन्य महिलाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित होती हैं, और वे उन चुनौतियों काबयाननहीं करती हैं जिनका वे सामना करती हैं।

माननीया मंत्री महोदया ने कहा कि वह भारतीय पुलिस महिलाओं के सामने आने वाली दो महत्वपूर्ण चुनौतियों से अवगत हैं और इसे कम करने के लिए बीपीआरएंडडी के साथ साझेदारी करने के लिए तैयार हैं।

1.महिला पुलिस के लिए शिशु गृह सुविधाओं का अभाव: यदि बीपीआरएंडडी चाहे तो महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारतीय पुलिस महिलाओं के लिए जिला स्तर पर शिशु गृह की व्यवस्था कर सकता है।

2. महिला पुलिसकर्मियों को परामर्श सेवा की व्यवस्था: यदिDG, BPR&D चाहें तो NIMHANS के सहयोग से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय पूरे देश में भारतीय महिला पुलिसकर्मियों के लिए परामर्श की व्यवस्था कर सकता है।

माननीया मंत्री महोदया जी ने आगे कहा कि बीपीआरएंडडी ने देश के लिए, विशेष रूप से राज्य सरकारों के लिएकार्यस्थल, समाज और घर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक रोडमैप बनाने का बहुत अच्छा काम किया है। बीपीआरएंडडी के रोडमैप को राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों तक पहुंचाया जाना चाहिए। इसमें मुख्य चुनौती यह है कि रोड मैप सामाजिक स्तर पर प्रचलित नहीं है। माननीया मंत्री जी ने आगे कहा कि इसे देश भर में पहुँचाने के लिए पहले क्षेत्रीय स्तर पर और फिर राज्य स्तर पर ले जाना होगा।कानून व्यवस्था राज्य का विषय है।

माननीया मंत्री जी ने आगे कहा कि देश में 704 वन स्टॉप सेंटर और 36 महिला हेल्प लाइन हैं, जिससे 70 लाख महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। बीपीआरएंडडी के प्रयास और सहयोग से हम इन सहायता केंद्रों में ओर अधिक लोगों को प्रशिक्षित करना चाहते हैं। वह हर जिले में स्कूली छात्राओं और महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण प्रदान करना चाहती है। माननीय मंत्री जी ने आगे कहा कि हर जिले में, हर पुलिस थाने में एक महिला हेल्प डेस्क होनी चाहिए जो वन स्टॉप सेंटरों के साथ सहयोग करे और इसमें ब्यूरो एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

निर्भया फंड में विभिन्न योजनाओं के लिए 9000 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं । जिसमें से  4000 करोड़ रुपये से अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को पहले ही आवंटित किएजा चुके हैं। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि यदि BPR&D निर्भया फंड के अंतर्गत कुछ नई परियोजनाओं को शुरुकरता है, तो उनका मंत्रालय अगले वित्तीय वर्ष में उन्हें स्वीकार करने और लागू करने के लिए तैयार है। इस अवसर पर, मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए श्री बालाजी श्रीवास्तव, महानिदेशक, बीपीआरएंडडी ने महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति कानूनी कार्रवाईयों को मजबूत करने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने निर्भया कांड के बाद कानूनी अधिनियमन और उनमें हुए संशोधनों की श्रृंखला को याद दिलाया, जैसे कि Criminal Law Amendment Act, 2018, Sexual Harassment of Women at Work Place and Redressal Act, 2013 आदि । उन्होंने BPR&D के CDTIs और CAPTके माध्यम से चलाए जा रहे कुछ capacity building programs का भी वर्णन किया जिनमेंobscene contents, Help desk for women, self-defence training आदि शामिल हैं ।

सम्मेलन के सचिव,श्रीतेजेंदर सिंह लूथरा ने माननीया मुख्य अतिथि और प्रतिभागियों को विषय-वस्तु से अवगत कराया। सम्मेलन का विषय "Break the Bias" है, जिसका अर्थ है महिलाओं के विकास संबंधी उद्देश्यों के व्यापक स्पेक्ट्रम की प्राप्तिकी दिशा में समावेशी दृष्टिकोण को बढ़ावा देना। सभी स्थानों पर महिलाओं कीरक्षा और सुरक्षा को बढ़ाना, विशेष रूप से सार्वजनिक एवं कार्यस्थलों में, एक अनिवार्य अपेक्षा है। ब्यूरो ने महिलाओं से संबंधित अपराधों के लिए PoliceInvestigator  और Prosecutors को प्रशिक्षित किया है, और पिछले 04 वर्षों में लगभग 20,000 ऐसे अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। ब्यूरो के दो प्रशिक्षण केंद्र भी पुलिस अधिकारियों को महिलाओं से संबंधित Investigation और Prosecution में प्रशिक्षण देने के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। ब्यूरो के पास महिलाओं की सुरक्षा और उत्थान से संबंधित एक अलग माइक्रो-मिशन भी है।

समापनसे पूर्व, सम्मेलन मेंMrs Sampat Meena, Joint Director, CBIने Women in Police, Mrs K. B. Vandana, DIG, NIA ने Women Safety and Security at Public Places और  Mrs Shikha Goel, ACB, Telangana Police ने Women Safety and Security at Work Places विषयों पर विधिवत चर्चा की। सम्मेलन का समापन समारोह बीपीआरएंडडी मुख्यालय, नई दिल्ली के सरदार वल्लभभाई पटेल सभागार में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि नेमहिलाओं के सशक्तिकरण, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलन के आयोजनोंऔर पुलिस अधिकारियों और जांचकर्ताओं की capacity building केलिए ब्यूरो के प्रयासों की सराहना की,जिनसे बेहतर प्रभावी अभियोजन के मामलों में अधिक प्रभावी ढंग से जांच की जा सके। प्रतिभागियों ने Women Help Desk in Police Station की स्थापना हेतु ब्यूरो की परियोजना रिपोर्ट के लिए बीपीआरएंडडी के प्रयासों की प्रशंसा की। उद्घाटन एवं समापन सत्र के अंत में ब्यूरो केअपर महानिदेशक,श्री नीरज सिन्हा, द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव दिया गया।

Comments

Popular posts from this blog

सरकारी योजनाओं से संबंधित डाटा ढूंढना होगा अब आसान

शब्दवाणी समाचार पाठक संघ के सदस्यों का भव्य स्वागत हुआ और अब सबको मिलेगी एक समान शिक्षा का लांच

रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड ने प्रशिक्षण शिविर के लिए चयन समिति का गठन किया