बच्चों को सैटेलाइट कोडिंग में सक्षम बनाने के लिए व्हाइटहैट जूनियर और एंडुरोसैट ने सहयोग किया

 

• अयाना नाम का ये सैटेलाइट, स्पेसएक्स फाल्कन 9 राइडशेयर रॉकेट द्वारा अंतरिक्ष में 25 मई को 18:35 जीएमटी पर केप कैनावेरल, फ्लोरिडा, यूएसए से लॉन्च किया गया 

• यह पहल व्हाइटहैट जूनियर के 'कोड ए सैटेलाइट' कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसे प्रमुख अंतरिक्ष सेवा संगठन एंडुरोसैट के साथ साझेदारी के माध्यम से शुरू किया गया है

• यह अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है जहां हजारों बच्चे अंतरिक्ष के विषय में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और एक स्पेस साइंटिस्ट की तरह काम करते हुए लाइव सैटेलाइट का उपयोग कर सकेंगे

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 27 मई 2022, नई दिल्ली। व्हाइटहैट जूनियर हमेशा अपने छात्रों को नए शिक्षा अनुभव तथा अभिनवता प्रदान करना चाहता है। इस बार अपने छात्रों को अंतरिक्ष अन्वेषण एवं अंतरिक्ष विज्ञान में ज्यादा जानकारी प्रदान करने हेतु एक लाइव सैटेलाइट का उपयोग किया जाएगा। अयाना नामक उपग्रह को प्रमुख अंतरिक्ष सेवा संगठन एंडुरोसैट द्वारा व्हाइटहैट जूनियर टीम के इनपुट और विशेषज्ञता के साथ विकसित किया गया है। अयाना स्पेसएक्स फाल्कन 9 राइडशेयर रॉकेट द्वारा ले जाए गए पेलोड का हिस्सा था, जिसे 25 मई को 18:35 जीएमटी पर केप कैनावेरल, फ्लोरिडा, यूएसए से लॉन्च किया गया था। यह अपनी तरह का बिल्कुल नया अनुभव होगा जहां हजारों छात्र अंतरिक्ष में काम कर रहे एक लाइव सैटेलाइट को कमांड भेज सकेंगे तथा उससे डाटा प्राप्त कर सकेंगे। 

अयाना व्हाइटहैट जूनियर के "कोड ए सैटेलाइट" कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसे व्हाइटहैट जूनियर छात्रों को अयाना सैटेलाइट की मदद से अंतरिक्ष को समझने तथा कुछ नई खोज करने के लिए डिजाइन किया गया था।  अयाना सैटेलाइट का इस्तेमाल करने से पहले छात्रों को कोडिंग की बुनियादी समझ होनी चाहिए तभी वह इस कार्यक्रम का पूर्णतया उपयोग करने में सक्षम होंगे। सभी छात्रों को निम्नलिखित अनुप्रयोगों को करने का एक अनूठा अवसर प्राप्त होगा:  

• एक शानदार 90-डिग्री कैमरे के माध्यम से रियल टाइम में अयाना सैटेलाइट की यात्रा को ट्रैक और मॉनिटर करें

• पृथ्वी के परिदृश्य और मौसम का निरीक्षण करें

• पावर और सन सेंसर वैल्यू के बीच संबंध को समझने के लिए ग्राफ़ को देखना 

• सेंसर वैल्यू में कुछ बदलाव के द्वारा सैटेलाइट के व्यवहार को समझना

इस पहल के बारे में बोलते हुए, व्हाइटहैट जूनियर सीईओ अनन्या त्रिपाठी ने कहा, “हम हमेशा सीमाओं से परे जाकर रचनात्मकता, अन्वेषण और इनोवेशन में विश्वास करते हैं। सैटेलाइट और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को अक्सर छात्रों की पहुंच से बाहर माना जाता है। 'कोड ए सैटेलाइट प्रोग्राम' के साथ, हम अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को बच्चों की पहुंच में ला सकेंगे और अपने छात्रों को रियल टाइम में एक लाइव सैटेलाइट के साथ काम करने का एक असाधारण अवसर प्रदान करेंगे। हमें विश्वास है कि यह दुनिया भर में हजारों प्रतिभाशाली छात्रों को उत्साहित और प्रोत्साहित करेगा तथा उन्हें एक स्पेस साइंटिस्ट की तरह कोड करने एवं परियोजना बनाने में सहायता करेगा।

इस प्रोग्राम के जरिए छात्रों को अप्लाइड साइंस को समझने का एक बेहतर अवसर प्राप्त होगा। किसी भी सैटेलाइट में 30 से अधिक सेंसर होते हैं जिनमें इंफ्रारेड, तापमान, सन सेंसर, जायरोस्कोप, आदि शामिल हैं, छात्र इन सभी सेंसर्स के द्वारा प्राप्त डेटा का विश्लेषण कर सकेंगे। इसके अलावा बच्चे सैटेलाइट पर उपलब्ध कैमरा को नियंत्रित कर अंतरिक्ष में मौजूद विभिन्न वस्तुओं की तस्वीर ले सकेंगे। सैटेलाइट के जरिए संदेश को प्रसारित कर सकेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से अंतरिक्ष कोडर बनने के लिए 500 से अधिक बच्चे पहले ही 'कोड-ए-सैटेलाइट' कार्यक्रम के लिए अपना नामांकन करा चुके हैं। व्हाइटहैट जूनियर भारत में पहली बार इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के लिए लाइव सैटेलाइट उपलब्ध करा रहा है।

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