फिल्म समीक्षा : खुदा हाफिज चैप्टर-2

  

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 8 जुलाई 2022(फिल्म समीक्षक रेहाना परवीन) नई दिल्ली। खुदा हाफिज चैप्टर-2 फिल्म 8 जुलाई 2022 को प्रदर्शित हुई है। खुदा हाफिज चैप्टर-2 फिल्म भारतीय न्याय पर एक कटाक्ष है कियोंकि भारतीय न्याय को कुछ लोगों ने अपने उँगलियों पर रखा हुआ है वो न्याय दिलवाने वाले लोगों से जैसा चाहे वैसा न्याय दिलवा देते हैं। इससे न्याय नहीं हो पता लेकिन जिनको न्याय चाहिए तो उसको अन्याय के रास्ते चलते हुए न्याय लेनी होती है। खुदा हाफिज चैप्टर-2 की कहानी भी ऐसी है विद्युत् जममवाल (समीर चौधरी) ने एक बच्ची रिद्धि शर्मा (नंदिनी चौधरी) को गोद ली हुई बेटी है शीबा चड्ढा (ठाकुर जी) जो एक बड़ी हस्ती है कानून को घुमाना अच्छी तरह से जानती है उसका पोता नंदिनी चौधरी का बलात्कार कर देता है उसकी दादी ठाकुर जी इसको बचाने के लिए न्याय को अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश करती है पर हिंदी फिल्म में अंत जैसा होता है वैसा ही है। फिल्म अच्छी है सिनेमाघरों में जाकर देखा जा सकती है। फिल्म को में पांच में से चार नम्बर देती हूँ पर जिन दर्शकों को मारधाड़ या किसी अच्छी मुद्दों पर बनी फिल्म पसंद है उन दर्शकों के लिए साढ़े चार नम्बर देती हूँ। 


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