पद्मश्री डॉ. मुकेश बत्रा ने अपनी नई पुस्तक का किया विमोचन

 

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 22 जुलाई 2022, नई दिल्ली। पद्मश्री से सम्मानित और होमियोपैथी चिकित्सालयों की सबसे बड़ी चेन, डॉ. बत्रा’ज़ हेल्थकेयर के संस्थापक डॉ. मुकेश बत्रा ने आज अपनी नई पुस्तक - ‘होमियोपैथी : सिंपल रेमेडीज फॉर ऑल एजेज़’ (होमियोपैथी - हर उम्र के लिए सरल उपचार) का लोकार्पण किया। इस पुस्तक को पॉपुलर प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। जैसा कि पुस्तक के नाम से स्पष्ट है, यह होमियोपैथी को समझने के लिए एक सरल और सुलभ मार्गदर्शिका है। यह पुस्तक घरेलू उपचार के माध्यम से स्वयं-सहायता और सामयिक कारवाई के लिए उपयोगी है।

डॉ. मुकेश बत्रा पिछले लगभग 50 वर्षों से चिकित्सक का कार्य कर रहे हैं। अपने इस विशाल अनुभव के साथ उन्होंने इस पुस्तक में सभी उम्र के लिए रोजमर्रा की व्याधियों का मुकाबला करने के उपचारों को सम्मिलित किया है। अमेज़न पर सर्वांगीण स्वास्थ्य देख-भाल श्रेणी में नंबर-1 बेस्टसेलर, यह पुस्तक एक सरल और सुबोध मार्गदर्शिका है। इसमें प्रसव-पूर्व की समस्याओं से लेकर बुजुर्गों की रूमेटाइड आर्थराइटिस जैसी समस्त व्याधियों की देख-भाल के त्वरित होम्योपैथिक समाधान बताए गए हैं। कुंजुम बुक स्टोर, जीके 2, नई दिल्ली में आयोजित लोकार्पण समारोह में अन्य अतिथियों के साथ श्रीमती मेनका संजय गाँधी, मीरन बोरवानकर और अम्बिका शुक्ला उपस्थित थीं। 

इस नवीनतम पुस्तक के लोकार्पण के विषय में पद्मश्री की उपाधि से सम्मानित और डॉ. बत्रा’ज़ कंपनी समूह के संस्थापक, डॉ. मुकेश बत्रा ने कहा कि, “होमियोपैथी भारत में स्वास्थ्य की देखभाल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है और लगभग 10 करोड़ लोग अपनी चिकित्सीय देखभाल के लिए इसका प्रयोग करते हैं। अपने पाँच दशकों से अधिक के चिकित्सा कार्य के साथ मैंने इस पुस्तक के द्वारा लोगों को उनके घरों में एक डॉक्टर प्रदान करते हुए स्वास्थ्यसेवा प्रदाताओं का बोझ कुछ कम करने का प्रयास किया है। पुस्तक के लोकार्पण के अवसर पर पॉपुलर प्रकाशन के प्रकाशक, श्री हर्ष भटकल ने कहा कि, “सबसे अधिक बिकने वाली पुस्तकों के लेखक और आधुनिक होमियोपैथी के पथ-प्रदर्शक, डॉ. मुकेश बत्रा के साथ काम करना सौभाग्य की बात है। इस पुस्तक को लोगों ने काफी पसंद किया है और अनावरण के पहले ही अमेज़न पर सर्वांगीण स्वास्थ्य देख-भाल श्रेणी में यह नंबर-1 बेस्टसेलर बन चुकी है।

डॉ. बत्रा एक स्तंभकार भी है और भारत तथा विदेशों में होमियोपैथी को लोकप्रिय बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के अनेक समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं में नियमित रूप से लिखते रहे हैं। वे सृजनशील लेखक है और विभिन्न संस्करणों तथा भाषाओं में होमियोपैथी पर आठ बेस्ट-सेलर पुस्तकें लिख चुके हैं। उनकी सबसे ताजा साहित्यिक कृति, उनकी आत्मकथा - द नेशंस होमियोपैथ - ने बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और पहले सप्ताह ही में नीलसन के शीर्षस्थ 10 कथेतर पुस्तकों में तीसरे स्थान पर आ गई है। उनकी जीवन-कथा का जीना इसी का नाम है  के रूप में नाट्य-मंचन भी किया गया है। यह किसी जीवित व्यक्ति के जीवन पर अभी तक का पहला नाट्य-प्रदर्शन के रूप में इतिहास में दर्ज है।

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