पश्चिम बंगाल ट्रांसपोर्ट कॉर्प ने 1180 इलेक्ट्रिक बस के लिए टाटा मोटर्स को एलओए प्रदान किया

o   सीईएसएल के ग्रांड चैलेंज ई-बसेज़ टेंडर से इलेक्ट्रिक बसों की एक समान मांग।

o   राज्य की ईवी नीति के अनुरूप डब्लूबीटीसी द्वारा जन परिवहन को उत्सर्जन मुक्त बनाने की ओर एक बड़ी पहल

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 4 अगस्त 2022कोलकाता। पश्चिम बंगाल ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (डब्लूबीटीसी) ने कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज़ लिमिटेड (सीईएसएल) के ‘ग्रांड चैलेंज’ अभियान के तहत 1180 इलेक्ट्रिक बस तैनात करने के लिए टाटा मोटर्स लिमिटेड को वर्क ऑर्डर दिया है। इस लैटर ऑफ एक्सेप्टैंस (एलओए) पर पश्चिम बंगाल के माननीय परिवहन मंत्री, श्री फिरहाद हाकिम; परिवहन सचिव, श्री बिनोद कुमार एवं एमडी-सीईएसएल, मिस महुआ आचार्या की मौजूदगी में दस्तखत किए गए। ग्रांड चैलेंज ‘‘सर्विस’’ के रूप में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का प्रतिनिधित्व करता है, जो एक नया एवं विकसित होता हुआ बिज़नेस मॉडल है और राज्य परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की प्रक्रिया को किफायती बनाता है। उद्योग में हुई एक नई पहल में ग्रांड चैलेंज टेंडर ने इलेक्ट्रिक बसों की मांग को एक समान बना दिया, जिससे आधुनिक जन परिवहन के मानकीकरण की ओर कदम बढ़ा।

टाटा मोटर्स डब्लूबीटीसी में एक सर्विस के रूप में बसें तैनात करेगा और आवश्यक चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास करेगा, तथा 2023 के अंत तक सभी 1180 ई-बसों की आपूर्ति पूरी कर देगा। इस परियोजना में ई-बसों की चार श्रेणियों में खरीद की जाएगी, जिनमें 12 मीटर लो-फ्लोर एसी, 12 मीटर स्टैंडर्ड-फ्लोर नॉन एसी, 9 मीटर स्टैंडर्ड फ्लोर एसी और 9 मीटर स्टैंडर्ड फ्लोर नॉन-एसी बसें शामिल हैं। परियोजना की देखरेख सीईएसएल करेगा ताकि टीएमएल के साथ कार्यक्रम प्रबंधन समझौते के तहत सुगम क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। सीईएसएल पूरे राज्य में संचालन में तालमेल और वाहन के मानक एक समान बनाने के लिए एक समान प्रक्रिया द्वारा सभी सरकारी एवं राज्य द्वारा संचालित इकाईयों में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद व तैनाती के लिए सरकार द्वारा निर्धारित एक नोडल एजेंसी है। इन इलेक्ट्रिक वाहनों में ई-बसें शामिल हैं। ये बसें सीईएसएल के ग्रांड चैलेंज अभियान के तहत तैनात की जाएंगी, जो पाँच मेट्रो - बैंगलोर, दिल्ली, सूरत, हैदराबाद और कोलकाता में 5,450 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए प्रस्तुत किया गया सबसे बड़ा टेंडर है। सीईएसएल और टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच हुए इस समझौते के अनुसार टाटा मोटर्स दिल्ली, कोलकाता और बैंगलोर में क्रमशः 1500, 1180, और 921 ई-बसें तैनात कर उनका संचालन और रखरखाव करेगा।

पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री, श्री फिरहाद हाकिम ने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य कोलकाता को दुनिया के सबसे स्मार्ट शहरों में से एक बनाना है और इस प्रगति के लिए हमारा मुख्य केंद्रण जन परिवहन पर है। आज का दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हम कार्बन-फ्री और नए युग की मोबिलिटी के नज़दीक जा रहे हैं। सीईएसएल और टाटा मोटर्स के सहयोग से हम पश्चिम बंगाल में संपूर्ण परिवहन के परिवेश एवं बसों का इलेक्ट्रिफिकेशन कर रहे हैं। हमें बसों का अपना पहला बेड़ा इस साल के अंत तक सड़कों पर उतारने की उम्मीद है। महुआ आचार्य, एमडी एवं सीईओ, सीईएसएल ने कहा, ‘‘हम ‘ग्रांड चैलेंज’ अभियान में डब्लूबीटीसी के उल्लेखनीय सहयोग के लिए उनके आभारी हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे क्षेत्र में प्रदूषण-मुक्त सतत वातावरण एवं हरियाली स्थापित करने के राज्य सरकार के उद्देश्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। कोलकाता एक सतत भविष्य का निर्माण करने की ओर बढ़ रहा है और हमें इस सफर का हिस्सा बनने की बहुत खुशी है। इस परियोजना को पूरा करने और देश में एक मजबूत ईवी परिवेश स्थापित करने के लिए सीईएसएल टाटा मोटर्स और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ काम करेगा।

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