17 सितम्बर को आर्य समाज हैदराबाद विजय दिवस मनायेगा

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 9 सितम्बर 2022, सम्पादकीय व्हाट्सप्प 8803818844गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने देश भर की समस्त आर्य समाजो से अपील की है कि सभी 17 सितम्बर को "हैदराबाद विजय दिवस" मनायें।उल्लेखनीय है कि आर्य समाज के सत्याग्रह व जेल भरो आंदोलन के कारण ही 17 सितम्बर1948 को हैदराबाद का भारत में विलय हो पाया था। सर्वविदित ही है कि स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज का सर्वाधिक योगदान रहा और हैदराबाद आंदोलन के कारण 17 सितम्बर 1948 को हैदराबाद के निजाम को घुटने टेकने पड़े और भारत में विलय स्वीकार किया। सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्कालीन प्रधान श्री रामगोपाल शालवाले (सांसद) के प्रयासों से हैदराबाद के सेनानियों को भारत सरकार ने "स्वतंत्रता सेनानी" की मान्यता दी और प्रतिवर्ष आर्य समाज दीवान हॉल दिल्ली में सेनानियों का अभिनंदन समारोह भी होता रहा है।लेकिन अब आजादी के "अमृत महोत्सव" में आर्य समाज व महर्षि दयानंद सरस्वती जी के योगदान की कहीं चर्चा नहीं हो रही यह चिन्ताजनक है,किसी ने कहा है- जब वक़्त गुलशन पर पड़ा तो लहू हमने दिया,अब बहार आयी तो कहते हैं तेरा क्या काम है। अतः समस्त आर्य समाजो से अपील है कि आगामी 17 सितम्बर को "हैदराबाद मुक्ति दिवस" सोल्लास मनायें और आर्य समाज के बलिदान व संघर्ष की बात समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुचायें। अपनी बात सुनाने को अपने गले में ढोल डालना ही होगा।राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने आह्वान किया कि सब मिलकर एक ऐसी मूवमेंट बनायें जिससे सच्चाई सबके सामने आ सके।

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