भारत की आर्थिक विकास दर में लगातार गिरावट,सरकार की नाकामी : डा सीमा

शब्दवाणी समाचार, रविवार 30 अक्टूबर 2022, सम्पादकीय व्हाट्सप्प 8803818844, नई दिल्ली। भारत की आर्थिक विकास दर में गिरावट, उभरती  अर्थव्यवस्था के लिए घातक है।अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष का  विश्लेषण है कि अनुमान के मुताबिक दूसरी बार कटौती की है ।आई एम एफ ने वित  वर्ष 2022-23में 7.4से 6.8प्रतिशत गिरावट दर्ज की है।वही जुलाई में विकाश दर 8.2से घटा कर 7.4प्रतिशत कर दी गई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता डा सीमा मालिक ने सरकार की कमजोर आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं।डा सीमा ने बताया कि आई एम एफ का मानना है कि वैश्विक कारणों के असर और सख्त मोनेट्रिंग पॉलिसी के कारण भारत की आर्थिक विकास दर कमजोर हो सकती हैं।उनका मानना है कि   आरबीआई के अनुमान से थोड़ा अधिक है। 

वर्तमान में केंद्रीय बैंक ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में जीडीपी में 7.4फीसदी की दर से इजाफा होने का अनुमान लगाया है।वही,  डा सीमा का कहना है कि वित वर्ष 2023=24 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.1फीसदी की दर से बदने का अनुमान है। रेटिंग एजेंसी फिंच ने भी चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की अर्थव्यवस्था को पूर्वानुमान 7.8 फीसदी बड़ने का अनुमान है।जो पिछले साल के अनुमान को 7फीसदी कर दिया है। फिंच का मानना है कि जून में लगाए गए 7.8 फीसदी की वृद्धि के अनुमान की तुलना मे अब उसे 2022=23में भारतीय अर्थव्यवस्था 7फीसदी बड़ने का अनुमान है। डा सीमा मालिक ने कहा कि हमारे देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह अच्छे संकेत नही दे रहे। उनका कहना है कि सरकार पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के अपने लक्ष्य को पूरा कर पाने में असमर्थ है।वही कमजोर होता रूपया भी भारत के विकास दर के लिए अच्छे संकेत नही है।

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