कैट ने कॉर्पोरेट कंपनियों से उत्पादों में प्लास्टिक के उपयोग बंद करने का आव्हान किया

शब्दवाणी समाचार शनिवार 24 अगस्त 2019 नई दिल्ली। 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 2 अक्टूबर से प्लास्टिक के उपयोग न करने की अपील को अपना समर्थन देते हुए कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने अपने सहयोगी सहयोगी संगठन आल इंडियन कंस्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन और फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूटर्स  एसोसिएशन  ने सभी कॉरपोरेट कंपनियों और मीडियम निर्माताओं से आग्रह किया है कि वे 2 अक्टूबर से पहले एकल प्लास्टिक उपयोग को अपनी उत्पादन लाइन अथवा तैयार हुए उत्पादों में उपयोग करना बंद करें और इसके विकल्पों को यूज़ में लाये जिससे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील को अमली जामा पहनाया जा सके ! कैट ने चेतावनी दी है कि यदि वे ऐसा करने में विफल होते हैं, तो पूरे देश में व्यापारी डिस्ट्रीब्यूटर्स, होलसेलर, रिटेलर्स और अन्य व्यापारी देश भर में ऐसे उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होंगे जिनमें प्लास्टिक का एकल उपयोग होगा।



देश भर में लगभग 7 करोड़ व्यापारी हैं, जिनमें से लगभग 5 लाख व्यापारी एफएमसीजी उत्पादों के वितरक के रूप में काम कर रहे हैं, जिनके देश में 30 लाख से अधिक खुदरा व्यापारी हैं। अखिल भारतीय आधार पर ऐसे उत्पादों का कोई भी बहिष्कार कॉर्पोरेट निर्माताओं की बिक्री को काफी हद तक बाधित कर सकता है।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने एफएमसीजी, उपभोक्ता वस्तुओं, दैनिक उपयोग की वस्तुओं, दवाओं और दवाइयों, पैकेजिंग और अन्य काम में लगे कॉरपोरेट कंपनियों को आज जारी एक खुले पत्र में कहा कि प्लास्टिक का एकल उपयोग नॉन इको फ्रेंडली साबित होता है जिसने प्रधानमंत्री को लाल किले से  प्लास्टिक को उपयोग में न लाने की घोषणा करने के लिए प्रेरित किया है जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है। इसलिए प्रधान मंत्री की घोषणा की गंभीरता को देखते हुए, कॉरपोरेट घरानों और निर्माताओं को उत्पादन में या तैयार माल में प्लास्टिक के एकल उपयोग को रोकना चाहिए। 
श्री भरतिया एवं श्री खंडेलवाल ने कहा की प्रधान मंत्री की अपील की सफलता के लिए कैट  देश भर के व्यापारियों को 2 अक्टूबर के बाद किसी भी ऐसे उत्पाद का बहिष्कार करने की सलाह दे रहा है जिसमें प्लास्टिक के एकल उपयोग का तत्व है। उन्होंने आगे कहा कि एकल उपयोग प्लास्टिक की प्रमुख सफलता कॉर्पोरेट कंपनियां हैं जो बड़े पैमाने पर अपने उत्पादों के उत्पादन और पैकिंग में उपयोग करती हैं और ऐसे में उन्हें एकल उपयोग प्लास्टिक शीट के उपयोग न करने की  शुरुआत करनी चाहिए जिससे २ अक्टूबर के बाद एकल प्लास्टिक उपयोग किसी भी वास्तु में न हो सके !
एआईपीसीडीऍफ़  के अध्यक्ष श्री धैर्यशील पाटिल ने कहा कि एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों पर इस अपील को पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि उनके उत्पादों का बड़े पैमाने पर आम लोगों द्वारा दैनिक आधार पर उपयोग किया जा रहा है और इसलिए इन कंपनियों को तुरंत अपने उत्पादों में एकल प्लास्टिक के विकल्पों की योजना बनानी चाहिए। अखिल भारतीय स्तर पर डिस्ट्रिब्यूटर्स बिरादरी ने प्रधानमंत्री की अपील के साथ खड़े होने का फैसला किया है और यह सुनिश्चित किया है कि उन उत्पादों का वितरण नहीं होना चाहिए जिनमें एकल उपयोग प्लास्टिक है।
श्री भरतिया और श्री खंडेलवाल दोनों ने कहा कि पूरे देश में 40 हजार से अधिक ट्रेड एसोसिएशन और फेडरेशन के माध्यम से कैट व्यापारियों और उनके संबंधित उपभोक्ताओं को एकल उपयोग प्लास्टिक से बचने और कपड़े या जूट बैग के लिए सामान ले जाने के लिए उपलब्ध विकल्पों का उपयोग करने के लिए शिक्षित और जागरूक करेगा। जैसा कि प्रधान मंत्री ने सुझाया है। कैट  ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में सभी राज्यों के व्यापार नेताओं के एक राष्ट्रीय सम्मेलन में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करने और भविष्य की रणनीति बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने आगे कहा कि यह कदम व्यापारियों को किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचाने के लिए एक निवारक उपाय के रूप में लिया गया है, जो 2 अक्टूबर, 2019 के बाद अधिकारियों द्वारा की जा  सकती है। उपभोक्ताओं का संपर्क केंद्र व्यापारी है जो आम तौर पर उत्पादों को स्टोर करते  और बेचते हैं और इस दृष्टि से उन्हें किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है !


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