सिख समुदाय ने बाला साहिब अस्पताल शुरू करने के लिए किया अरदास

शब्दवाणी समाचार, सोमवार 11 जनवरी  2021(विनोद तकियावाला) नई दिल्ली। दिल्ली की सुबह सर्द हवाओ  जहाँ दिल्ली वासियो ने अपने घरो मे रहकर गर्म रजाई का आनंद ले रहे थे बही ने दिल्ली सिख की संगतो के लिए पहेली का पर्याय बन चुका बाला साहिब मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल निर्माणाधीन स्थल पर पहुँचने का सिलशिला जारी था । आगामी महीनो मे दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी चुनाव के करीब आने से आशा की उम्मीदों के किरणे सिख समुदाय मे  दिखाई पढ़ने लगी है। 

विगत 2013 में आलीशान अस्पताल की नीवं रखने वाले परमजीत सिंह सरना ने इसको दुबारा शुरू करने के लिए कोशिशें करनी शुरू कर चुके है। इसी के तहत उनकी शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (शिअद) पार्टी ने भारी संख्या में दिल्ली की संगतो और कार्यकर्ताओं के संग अरदास समागम का भव्यआयोजन किया। जिसकी मुख्य वजह 500 बेडो के भव्य अस्पताल को फिर से शुरू करके, दिल्ली की संगत को सौंपना है।विशेषज्ञोंकेअनुसार, यह अस्पताल विश्वस्तरीय होगा जिसके निर्माण से हजारों जरूरत मंदो को मुफ्त इलाज के साथ ही  स्वास्थ्य बीमा का लाभभीमिलेगा।अरदास समागम के उपरांत के अपने उदगार मे कहा कि"आज का दिन एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। जिस विश्वस्तरीय अस्पताल का सपना हमने निःस्वार्थ भाव से तकरीबन एक दशक पहले देखा था उसको हकीकत में बदलने के लिए,आज हम सभी अरदास करने के लिए इक्कठे हुए है।"" बाला साहिब अस्पताल का निर्माण करके दिल्ली की सम्मानित संगत को मुफ्त इलाज एवं बीमा उपलब्ध कराना था। जो कि गंदी राजनीति का शिकार होने की वजह से नही हो पाया। आज महामारी के काल में देंखे, हमारे भाई, कर्मचारी और जरूरतमंद बिना जरूरी सेवाओं की वजह से दम तोड़ रहे है। यदि हमारा अस्पताल तैयार होता तो आज यह दिन नही देखना पड़ता।" दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के पूर्व प्रधान ने बताया। इस दरम्यान शिअद महासचिव हरविंदर सिंह सरना ने कहा कि हमने बाबा हरबंस सिंह जी के सपनो को पूरा करने का बीड़ा उठाया है और इसे पूरा करके रहेंगे। 500 बेडो के आलीशान अस्पताल को दिल्ली को सौंपा जाएगा। जिसमे कैंसर स्क्रीनिंग, रोबोटिक सर्जरी,बॉन मैरो ट्रांसप्लांट, हॉप प्रोग्राम इत्यादि के तहत अन्य इलाज मुफ्त कराया जाएगा।

इसके साथ ही मुख्य सर्जरियों पर 60% तक के न्यूनतम भाव पर इलाज, मुफ्त ओपीडी, मुफ्त दवाइया, विश्वस्तर कीरेडियोलॉजी भी उपलब्ध होगी। अरदास समागम दिल्ली गुरूद्वारा कमिटी के पूर्व नेताभी मौजूद थे जिन्होंने बाला साहिब अस्पताल को समय की अनिवार्यता और दिल्ली की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक बताया। उन्होंने गंदी राजनीति की वजहों से इस नेक काम में अडंगे पड़ने पर गहरा दुःख भी जताया । बादल दल की वजह से आज यह आलीशान अस्पताल खंडहर में तब्दील है। अरदास प्रार्थना में भारी संख्या में संगत और पार्टी कार्यकर्ताओ ने शामिल होकर एक अच्छे काम की शुरुआत की खातिर मत्था झुकाया।

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