नहीं मिली आर्थिक मदद विरोध में सीटू ने किया पर्दर्शन

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 9 जून  2021, गौतम बुध नगर। कोराना महामारी के दौर में मेहनतकश लोगों की बढ़ती तकलीफों और उनकी ज्वलंत मांगों/ समस्याओं पर मजदूर संगठन सी.आई.टी.यू. द्वारा 01 से 10 जून तक देशव्यापी अभियान चला रखा है। उक्त अभियान के तहत 08 जून 2021 को सीटू नेता रामसागर, गंगेश्वर दत्त शर्मा, भरत डेंजर, पूनम देवी, राजकरण सिंह, विनोद कुमार, पारस गुप्ता,विजय गुप्ता आदि के नेतृत्व में सीटू गौतम बुध नगर के कार्यकर्ताओं ने उप श्रम आयुक्त श्री पी .के. सिंह को श्रम कार्यालय सेक्टर- 3, नोएडा पर माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार और माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन दिया दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण की वजह से लाँकडाऊन/अनलाॅंक डाऊन की प्रक्रिया जारी है। मेहनतकशों की जीविका पर संकट बना हुआ है। ऐसे हालात का मुकाबला करने के लिए हमारा संगठन ने आपके समक्ष मेहनतकशों की समस्याओं/माँगो को पूर्व में भी रखा था और आज पुनः आपके समक्ष मेहनतकशों की समस्याओं/माँगो को सुझाव के तौर पर इस ज्ञापन पत्र के माध्यम से रख रहा है और उक्त के सन्दर्भ माननीय सर्वोच्य न्यायालय ने राज्य और केन्द्र सरकार को भी आदेश भी दिए है।

मेहनतकशों की मुख्य समस्याए/माँगें

◆ यह कि मजदूरों को मुफ्त राशन वितरण किया जाए और इसके लिए राशन कार्ड की आनिवार्यता समाप्त की जाए उक्त पर माननीय सर्वोच्य न्यायालय ने भी प्रवासी मजदूरों के लिए राशन वितरण का आदेश दिया है। जिसमें कहा है कि राशन वितरण में आधार कार्ड या अन्य सरकारी दस्तावेज दिखाना जरूरी नही हैं। मजदूरों के स्वंय धोषणा करने पर उन्हें राशन दिया जाए। जिसमें 6 माह तक प्रति व्यक्ति 10 किलो अनाज प्रत्येक माह दिया जाए। जिसमें राशन में सिर्फ गेहॅं और चावल नही बल्कि दाले, चीनी, तेल, मसालो के साथ मास्क, सैनिटाईजर जैसी जरूरी घरेलू चीजों को भी शामिल किया जाए।

◆ यह कि कोविड के दौरान बेरोजगार हुए लोगो को प्रतिमाह 7500 रूपया की आर्थिक मदद दी जाये।

◆ यह कि सभी नियोक्तों द्वारा मजदूरों की छंटनी वेतन में कटौती ना करने के आदेश जारी कर उन्हें सख्ती से लागू कराया जाए।

◆ यह कि मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड व जन विरोधी 3 कृषि कानून और बिजली (संशोधन) विधेयक-2020 को रद्द किया जाए।

◆ यह कि सभी को समयवद्ध कोरोना वेक्सीन लगाई जाए।

◆ यह कि सार्वजनिक स्वास्थ के बुनियादी खर्चे को मजबूत किया जाए उक्त के लिए आवश्यक स्वास्थ कर्मियों की भर्ती कर वर्तमान में कार्यरत ठेका कर्मियों को पक्का कर सभी स्वास्थ कर्मी व फ्रंटलाईन वर्कर्स को सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध करवाए जाए व आबादी के अनुपात में अस्पताल, बैड, आँक्सीजन, दवा का इन्तजाम किया जाए।

◆ यह कि लाँकडाउन की सबसे गहरी चोेट रेहडी-पटरी दुकानदार/पथ विक्रेताओं व घरेलू कामगार महिला मजदूरों पर पडी है और उनकेे काम और आमदनी दोनों बन्द रहने के कारण भुखमरी के हालात उनके सामने बन गये है। जिन्हें सरकार से कोर्ड अभी तक राहत नही मिली है। जो कि जरुरी हैै।

◆ यह कि भवन निर्माण मजदूर एव पथ विक्रेता, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, नाई, धोबी आदि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा रु0-1000/- आर्थिक मदद घोषित की है उक्त राशि को बढाकर दिल्ली सरकार द्वारा घोषित धनराशि रु0-5000/- के बराबर किया जाए।

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