ऊबर ने ऊबर कनेक्ट के अपने वाहनों की संख्या को दोगुना किया

● मई के महीने में कनेक्ट की मांग ने तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की

● ऊबर कनेक्ट का उपयोग कोविड प्रभावित समुदायों तक ज़रूरी सामान की डिलीवरी के लिए किया जाता

शब्दवाणी समाचार, मंगलवार 15 जून  2021, नई दिल्ली। महामारी की दूसरी लहर के दौरान उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के प्रयास में ऊबर ने आज अपनी पैकेज डिलीवरी सर्विस, ऊबर कनेक्ट के लिए दोपहिया वाहनों की संख्या को दोगुना करने का ऐलान किया। मई के महीने में ऊबर कनेक्ट की मांग में तीन गुना बढ़ोतरी हुई, बड़ी संख्या में लोगो ने ज़रूरी चीज़ें जैसे राशन, बिना पर्चे वाली दवाएं, चिकित्सा उपकरण तथा परिवारजनों एवं प्रियजनों के लिए अन्य ज़रूरी सामग्री भेजने के लिए इस सेवा का उपयोग किया।

ऑन-डिमांड पिकअप, भुगतान के डिजिटल विकल्पों एवं कॉन्टैक्लैस डोरस्टैप डिलीवरी के चलते लोग एक दूसरे को पार्सल भेज पा रहे हैं और साथ ही घर से बाहर निकले बिना दुकानों से ज़रूरी सामान के लिए ऑर्डर कर रहे हैं। इस तरह लाखों लोगों की लॉजिस्टिक्स संबंधी समस्याओं को हल करने में मदद मिली है। इस सेवा का उपयोग देश भर में समारितन के द्वारा कोविड प्रभावी समुदायों को ज़रूरी चीज़ों एवं घर के बने खाने की डिलीवरी के लिए किया जा रहा है। कोलकाता में नागरिकां को सहयोग प्रदान करनी वाली एक पहल कोव-एड, होम आइसोलेशन वाले कोविड पॉज़िटिव मरीज़ों को खाना पहुंचाने के लिए ऊबर कनेक्ट का उपयोग कर रही है और अब तक 50 से अधिक परिवारों को 1045 मुफ्त खाने के बॉक्स पहुंचा चुकी है।

इस पहल के बारे में बात करते हुए स्नेह यादव, संस्थापक, कोव-एड ने कहा, ‘‘इस अनिश्चित समय में, कोव-एड कोविड प्रभावी लोगों को भोजन पहुंचाने के मिशन के साथ कार्यरत है और ऊबर कनेक्ट के माध्यम से हम कोलकाता में असंख्य परिवारों को तेजी और कुशलता से भोजन पहुंचाने में कामयाब रहे हैं।इस मुश्किल समय में उपलब्ध संसाधनों और ज़रूरतमंद लोगों के बीच की दूरी को खत्म करना हमारा उद्देश्य है। ऊबर कनेक्ट उन लोगों को एक दूसरे के साथ जोड़ रहा है, जिन्हें मदद की ज़रूरत है और वे जो उन्हें हमारी तरह मदद दे सकते हैं, जैसा कि, हम अपने नाम के अनुरूप खरा उतर रहे है। ऊबर की पैकेज डिलीवरी सर्विस की मांग बढ़ने के कारण ड्राइवर पार्टनर्स को भी फायदा हो रहा है क्योंकि ऊबर इस चुनौतीपूर्ण समय में उन्हें निरंतर कमाई के नए अवसर उपलब्ध करा रहा है।

पवन कुमार शर्मा, ऊबर कनेक्ट ड्राइवर पार्टनर, दिल्ली-एनसीआर ने कहा, ‘‘लॉकडाउन के परिणामस्वरूप मेरी रोज़ाना की कमाई न के बराबर हो गई थी, किंतु ऊबर कनेक्ट ने मुझे वैकल्पिक समाधान दिया और मैं अपना घर चलाने के लिए कमाई जारी रख सका। कोविड की दूसरी लहर हर किसी के लिए मुश्किलें लेकर आई है। मुझे गर्व है कि मैं कोविड प्रभावित लोगां की मदद कर पा रहा हूं चाहे फिर वो लोगां तक ज़रूरी सामान और केयर पैकेज पहुँचाना ही हो।

तरूण गुप्ता, हैड ऑफ स्टै्रटेजिक इनीशिएटिव्स, ऊबर इंडिया एण्ड साउथ एशिया ने कहा, ‘‘ऊबर कनेक्ट उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सर्विस है, जिसके माध्यम से वे ज़रूरी सामान एक दूसरे को भेज सकते हैं, दुकानों से सामान ऑर्डर कर सकते हैं और संकट के इस दौर में अपने परिवार एवं प्रियजनों के साथ जुड़े रह सकते हैं। महामारी की दूसरी लहर के दौरान बढ़ती मांग को देखते हुए हमने अपने प्लेटफॉर्म पर दोपहिया वाहनां की संख्या बढ़ाई, ताकि हम लोगों की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा कर सकें, साथ ही ड्राइवरों को भी कमाई के अवसर उपलब्ध करा सकें। दोपहिया वाहनों के माध्यम से डिलीवरी सर्विस का लॉन्च पिछले साल मई माह में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान किया गया था, अब यह सर्विस, दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता, हैदराबाद, जयपुर, चेन्नई, लखनऊ, अहमदाबाद और चण्डीगढ़ सहित 26 शहरों में उपलब्ध है।

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