प्लक्षा यूनिवर्सिटी भविष्य के लिए एक टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी का मोहाली में शुभारम्भ

◆ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और साइबर-फिजिकल सिस्टम, बायोलॉजिकल सिस्टम और डेटा साइंस में समकालीन/आधुनिक अंडरग्रेजुएट डिग्री की घोषणा

◆ 4 अक्टूबर से उत्कृष्ट  फैकल्टी और विशिष्ट अनुसंधान केन्द्रों की शुरुआत

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 1 सितम्बर  2021, चंडीगढ़। पूरे विश्व से लगभग 60 उद्यमी और व्यावसाय जगत के लीडर्स द्वारा प्लक्षा यूनिवर्सिटी  के स्थापना के जा रही है जिसमें अगले दस वर्षों में रु.2000 करोड़ से अधिक निवेश की योजना है। प्लक्षा यूनिवर्सिटी की घोषणा के अनुसार 50 एकड़ में विस्तृत इसका एक अत्याधुनिक कैंपस 4 अक्टूबर, 2021 को आईटी सिटी, मोहाली में खुलने वाला है। प्लक्षा की स्थापना यूसी बर्कले, पर्ड्यू और एसआरआई जैसे टॉप यूनिवर्सिटीज के सहयोग से की जा रही है। यह इस क्षेत्र में उद्यमिता और नवाचार के परितंत्र का पोषण करेगा। प्लक्षा का विज़न आधुनिक और बहुविषयक टेक्नोलॉजी डिग्रियों पर फोकस करना; डिजिटल हेल्थ, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, डिजिटल कृषि और विनिर्माण 4.0 जैसी ‘महती चुनौतियों’ से सम्बंधित अनुसंधान केन्द्रों की स्थापना करना तथा अगले दस वर्षों में 1000 स्टार्टअप्स से अधिक के विकास की महत्वाकांक्षी दृष्टि के साथ उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। 

प्लक्षा ने स्टैनफोर्ड, कॉर्नेल, कैंब्रिज, ऑक्सफ़ोर्ड, एनटीयु, और आईआईएससी से पीएचडी प्राप्त उत्कृष्ट फैकल्टी को बहाल किया है। यूनिवर्सिटी का लक्ष्य भारत और विश्व के लिए टेक्नोलॉजी एजुकेशन और अनुसंधान को पुनर्कल्पित करना है। प्लक्षा में शिक्षा का स्वरूप अंतरविषयक होगा, जिसमें टेक्नोलॉजी कोर को डिजाईन, उद्यमिता और आत्म-विकास के साथ एकीकृत होगा। यह यूनिवर्सिटी चार अत्याधुनिक और समसामयिक बी.टेक. डिग्रियाँ प्रदान करेगा। इसके पाठ्यक्रम का मार्गदर्शन प्रसिद्ध शिक्षाविदों की परिषद् करेगी, जिसमें नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजित बनर्जी, यूसी बर्कले के पूर्व डीन ऑफ़ इंजीनियरिंग शंकर शास्त्री, माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीराम राजमणि, वर्जिनिया टेक के डीन जूलिया रॉस और आईआईटी दिल्ली के बी.एन.झा सम्मिलित हैं।

इस अवसर पर प्लक्षा यूनिवर्सिटी के फाउन्डिंग वाइस चांसलर, प्रो. रूद्र प्रताप (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस के पूर्व उप निदेशक) ने कहा कि, “प्लक्षा में हम अद्वितीय और सबसे अलग पाट्यक्रम लागू करके टेक्नोलॉजी एजुकेशन की पुनर्कल्पना कर रहे हैं। इंजीनियरिंग का वर्तमान पाठ्यक्रम द्वितीय विश्व युद्ध के समय के ढाँचे पर आधारित है। हमारी समसामयिक डिग्रियाँ हमारे चिंतन का प्रतिबिम्ब हैं।  हमारा कैंपस एक लिविंग लैब होगा जहाँ स्टूडेंट्स क्लासरूम में जितना सीखेंगे उतना ही बाहरी वातावरण से भी सीखेंगे। प्लक्षा यूनिवर्सिटी ने न केवल प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी की है, बल्कि आधुनिक टेक्नोलॉजीज पर केन्द्रित विशिष्ट अनुसंधान केन्द्रों की स्थापना के लिए अग्रणी कॉर्पोरेट्स और उद्योगों के साथ भी साझेदारी कर रहा है। मोहाली स्थित सुसज्जित और अत्याधुनिक कैंपस को एक सामूहिक परोपकारी प्रयास द्वारा फण्ड किया गया है, जिसमें इंडस्ट्री लीडर्स और बीसीजी, भारती, हवेल्स, इन्फोएज, फ्रैक्टल अनालिटिक्स, नगारो, मेफील्ड, अर्सेसियम, ऐप्शो, एवं अनेक दूसरे जैसे संगठनों के उद्यमी सम्मिलित हैं।

प्लक्षा यूनिवर्सिटी के संस्थापक एवं ट्रस्टी और जम्बूरी एजुकेशन के एमडी, विनीत गुप्ता ने कहा कि, “प्लक्षा का लक्ष्य टेक्नोलॉजी, उद्यमिता और डिजाईन के मिश्रण के साथ एक पाठ्यक्रम प्रस्तुस करते हुए एंगिनीरिंग की शिक्षा को पुनर्कल्पित करना है। प्लक्षा में हमारे स्टूडेंट्स को वास्तविक समस्याओं पर काम करने, अपने उपक्रम का बीजारोपण करने का अवसर प्राप्त होगा।  इसके साथ ही उन्हें हमारे पार्टनर्स – यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया, बर्कले, और पर्ड्यू यूनिवर्सिटी के माध्यम से ग्लोबल एक्सपोज़र भी मिलेगा।  हम टेक्नोलॉजी लीडर्स का पोषण करेंगे, उनकी मदद से अपनी पृथ्वी के समक्ष उत्पन्न कतिपय कठिनतम चुनौतियों का समाधान करेंगे।  हमारा विशिष्ट उद्योग पार्टनरशिप हमें सबसे अलग बनाता है।

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