गोदरेज एंड बॉयस ने मूल्‍यवर्द्धन के लिए महत्‍वकांक्षी ईएसजी लक्ष्‍यों को अपनाया

 

◆ लोगों, ग्रह और लाभ पर सकारात्‍मक प्रभाव डालने पर है केंद्रित 

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 20 अक्टूबर  2021, नई दिल्ली। गोदरेज समूह की प्रमुख कंपनी गोदरेज एंड बॉयस ने आज अगले 10 वर्षों के लिए निवेश लक्ष्‍य के साथ अपने पर्यावरणीय, सामाजिक और प्रशासन (ईसीजी) लक्ष्‍यों की घोषणा की है। जमशेद एन गोदरेज, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्‍टर, गोदरेज एंड बॉयस ने कंपनी के ईएसजी रणनीति, प्रमुख पहलों, ध्‍यान देने वाले क्षेत्रों, प्रभाव और इसके उद्देश्‍यों, भविष्‍य की योजनाओं पर एक व्‍यापक प्रकाश डाला। पिछले 10 सालों में, गोदरेज एंड बॉयस ने अपने ईएसजी पहलों की दिशा में 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। ये पहल कंपनी की गुड एंड ग्रीन विजन का एक हिस्‍सा हैं, जो संयुक्‍त राष्‍ट्र के सतत विकास लक्ष्‍यों के अनुरूप हैं और इनकी शुरुआत एक दशक पहले संगठन द्वारा की गई थी।  

जमशेद एन गोदरेज ने गुड एंड ग्रीन के लिए अपनी पथप्रदर्शक टीम के साथ - जॉर्ज मेनेजेस, सीओओ, गोदरेज इलेक्ट्रिकल्‍स एंड इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, कमल नंदी, ईवीपी व बिजनेस हेड, गोदरेज एप्‍लाएंसेस, तेजश्री जोशी, हेड, एनवारमेंटल सस्‍टैनिबिलिटी और अश्विनी देव देशमुख, हेड, सीएसआर एंड सस्‍टैनिबिलिटी  - गोदरेज एंड बॉयस के ईएसजी प्रतिबद्धता और लक्ष्‍यों का गहन विश्‍लेषण साझा किया है, जो भारत के प्रमुख औद्योगिक समूह में से एक के लिए प्रतिस्‍पर्धी मूल्‍य बनाने के लिए संरेखित हैं। सतत और सामाजिक बदलाव के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता का खुलासा करते हुए, जमशेद एन गोदरेज ने कहा, “हमने सतत और समावेशी विकास की दिशा में अपनी पहलों से जो प्रभाव हासिल किया है, उससे हम खुश हैं। गोदरेज एंड बॉयस में, हम चार प्रमुख रणनीतिक स्‍तंभों पर ध्‍यान केंद्रित करते हैं - रोजगारपरकता, गुड एंड ग्रीन उत्‍पादों के लिए नवाचार, हरित भारत का निर्माण और सामुदायिक विकास के माध्‍यम से साझा मूल्‍य निर्माण। हम 2030 के लिए भारत के सतत विकास लक्ष्‍यों (एसडीजी) को हासिल करने में अपना योगदान करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं, साथ ही साथ अपने अद्वितीय और बड़े पैमाने पर पहलों के माध्‍यम से अपने व्‍यापार, समाज और ग्रह के लिए मूल्‍यवर्द्धन कर रहे हैं।

श्री गोदरेज ने आगे कहा, “मेरी टीम और मैंने, साथ मिलकर अपने लिए महत्‍वाकांक्षी लक्ष्‍य निर्धारित किए हैं। हम वित्‍त वर्ष 2021-22 तक अपने समग्र राजस्‍व का एक तिहाई हिस्‍सा गुड एंड ग्रीन उत्‍पादों से अर्जित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” पिछले 10 वर्षों में, गोदरेज एंड बॉयस ने अपनी कौशल पहल- दिशा- में 18 करोड़ रुपये का निवेश किया है और 6 गुना सामाजिक रिटर्न हासिल किया है। कंपनी ने 30 करोड़ वर्ग फुट से अधिक ग्रीन बिल्डिंग फुटप्रिंट और 300 से अधिक गोल्‍ड एंड प्‍लेटिनम रेटेड परियोजनाओं की सुविधा प्रदान की है, जिसमें स्‍वयं की विनिर्माण सुविधाएं और भवन शामिल हैं। 

जॉर्ज मेनेजेस ने कहा, “गोदरेज एंड बॉयस ने अपनी परिचालन दक्षता को बढ़ाकर और रियल-टाइम डेटा और एनालिटिक्‍स का उपयोग कर हरित प्रौद्योगिकियों को अपनाकर समग्र ऊर्जा प्रबंधन दृष्टिकोण के माध्‍यम से अपनी ऊर्जा उत्‍पादकता को दोगुना किया है।

कमल नंदी ने बताया कि गोदरेज एप्‍लाएंसेस का 54 प्रतिशत राजस्‍व गुड एंड ग्रीन उत्‍पादों से प्राप्‍त होता है। उन्‍होंने यह भी बताया कि उनके व्‍यवसाय में देशभर में स्थित विनिर्माण संयंत्रों में 50 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया जाता है। संयंत्रों ने 39,900 मेट्रिक टन ई-कचरे का संग्रहण और जिम्‍मेदारी से पुनर्चक्रण भी किया है। गोदरेज एप्‍लाएंसेस कोविड-19 टीकाकरण अभियान का भी समर्थन कर रही है और पिछले एक साल के दौरान 25,000 वैक्‍सनी रेफ्रि‍जरेटर और फ्रीजर की आपूर्ति की है।    

गोदरेज एंड बॉयस के पर्यावरण स्थिरता लक्ष्‍यों और उद्देश्‍यों पर बोलते हुए, तेजश्री जोशी ने कहा, “गोदरेज एंड बॉयस एक हरित भारत का निर्माण सुनिश्चित करने के लिए विभिन्‍न कदम उठा रहा है और इसके परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं। 600 से अधिक हरित भवनों की सुविधा के साथ, इसने विशिष्‍ट ऊर्जा और जल उपयोग में 50 प्रतिशत की कमी हासिल की है, विक्रोली में कई एकड़ सदाबहार वनों का संरक्षण किया है, जिसने जल को सकारात्‍मक बनाने के लिए वित्‍त वर्ष 2017 से 10 लाख टन से अधिक कार्बन को अलग किया है। कंपनी अपने पर्यावरणीय सतत पहलों के माध्‍यम से मूल्‍य निर्धारण में महत्‍वपूर्ण प्रगति कर रही है। 

सामाजिक प्रभाव के साथ कंपनी के विकास को संरेखित करते हुए, अश्विनी देवदेशमुश ने कहा कि रोजगार सृजन करना गोदरेज एंड बॉयस के लिए एक निरंतर ध्‍यान देने वाला क्षेत्र बना हुआ है। पिछले 10 वर्षों के दौरान, दिशा कार्यक्रम ने 18 राज्‍यों और 80 कस्‍बों व शहरों में 1.6 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया है। इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर हस्‍तक्षेप और अन्‍य पहलों के माध्‍यम से, गोदरेज एंड बॉयस ने 6800 से अधिक बच्‍चों के लिए शिक्षा की गुणवत्‍ता में सुधार किया है।  कॉरपोरेट जिम्‍मेदारी और सतत विकास गोदरेज एंड बॉयस की स्‍थापना से ही मुख्‍य सिद्धांत रहे हैं। कंपनी ने ईएसजी के तीनों स्‍तंभों की दिशा में काफी प्रगति की है। ईएसजी लक्ष्‍यों को एक सतत तरीके से वित्‍तीय मूल्‍य उत्‍पन्‍न करने और समाज के लिए एक सकारात्‍मक परिणाम के साथ निर्धारित किया गया है। 

संगठन हमेशा से जलवायु परिवर्तन पर अंकुश लगाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों में सबसे आगे रहा है। इस दिशा में हाल ही में की गई कुछ प्रतिबद्धताओं में शामिल हैं - ईपी 100, ग्‍लोबल एलायंस ऑन एनर्जी प्रोडक्टिविटी, वर्ल्‍ड ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के साथ एडवांसिंग नेट जीरो बिल्डिंग, एसबीटीआई - विज्ञान आधारित लक्षित कार्यक्रम, क्‍लाइमेट ग्रुप के साथ ईपी 100,  इंडिया प्‍लास्टिक पैक्‍ट, 1.5 डिग्री सेंटीग्रेट के लिए बिजनेस एम्‍बिशन,  भारत में कॉरपोरेट खरीदारों के लिए अक्षय ऊर्जा मांग में वृद्धि (आरईडीई) और मैंग्रोव गठबंधन। पिछले 10 वर्षों में कंपनी की ऊर्जा उत्‍पादकता लगभग दो गुना हो गई है।

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