जेएनयू आंदोलन खत्म होने की उम्मीद, एमएचआरडी ने छात्रों के समक्ष रखे छह प्रस्ताव

शब्दवाणी समाचार वीरवार 12 दिसम्बर 2019 नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी पर पिछले 45 दिनों से चल रहा आंदोलन बृहस्पतिवार को समाप्त होने की संभावना है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और छात्रसंघ पदाधिकारियों की लगातार दो दिन चली बैठक के बाद बुधवार को छह बिंदुओं पर चर्चा हुई।  विश्वविद्यालय की सहमति से तैयार छह बिंदुओं के प्रस्ताव पर छात्रसंघ ने बुधवार रात को जनरल बाडी मीटिंग (जीबीएम) बुलायी। इस बैठक में छात्रों का साथ मिलने के बाद जेएनयू में बृहस्पतिवार को आंदोलन समाप्ति की संभावना है। 



सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने छात्रसंघ से बुधवार को बात करने से पहले विश्वविद्यालय पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। विश्वविद्यालय की सहमति के बाद मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने छह बिंदुओं पर प्रस्ताव छात्रसंघ के समक्ष रखा। छात्रसंघ और मंत्रालय की बृहस्पतिवार को दोबारा बैठक होगी। इसमें जीबीएम में पास प्रस्ताव को मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा। हालांकि अभी तक हॉस्टल फीस वृद्धि वापसी के बगैर आंदोलन समाप्त करने को छात्र तैयार नहीं है।
- हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के तहत कमरे का किराया बढ़ेगा। छात्रों को कमरे का किराया संशोधित हॉस्टल मैनुअल के आधार पर देना होगा। हालांकि बीपीएल परिवार के छात्रों को किराये में पचास फीसदी छूट दी जाएगी। (दस रुपये वाले कमरे का किराया तीन सौ रुपये और बीस रुपये से बढ़ाकर छह सौ रुपये किया गया है।)
- यूटिलिटी व सर्विस चार्ज अब छात्रों को नहीं देने होंगे। उसका पूरा खर्चा अगले आदेश तक यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) जेएनयू प्रशासन को देगा। 
-जेएनयू प्रशासन का डीन स्टूडेंट वेलफेयर छात्रसंघ 2019 को हाईकोर्ट के नियमों के तहत मान्यता देने की अधिसूचना जारी करेगा। 
- कैंपस में पिछले 45 दिनों से आंदोलन की वजह से कक्षाओं का बहिष्कार हुआ है। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की पढ़ाई के नुकसान को बचाने के लिए सेमेस्टर को दो हफ्ते बढ़ाने का समय देगा। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन इस प्रस्ताव को जेएनयू अकेडमिक काउंसिल में रखकर पारित करने की मांग करेगा। 
-छात्रसंघ समेत अन्य छात्र कुलपति कार्यालय में कोई आंदोलन नहीं करेंगे। तय नियमों के तहत बृहस्पतिवार को कुलपति कार्यालय से आंदोलनकारी हट जाएंगे। 
- विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से उग्र व्यवहार नहीं करेगा। इसके अलावा प्रशासन को छात्रों से नरमी से पेश आना होगा। विश्वविद्यालय छात्रों  पर लगे चार्ज को वापस लेगा। 
विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार से सेमेस्टर परीक्षा शुरू होनी थी। हालांकि कुछ स्कूल व सेंटर को छोड़कर अन्य की कक्षाओं में ताले लगे हुए हैं। इसलिए सेमेस्टर परीक्षा शुरू होने की संभावना भी कम है।
मंत्रालय के साथ बैठक ठीक रही है। उन्होंने जो प्रस्ताव दिया है, उसे जनरल बाडी मीटिंग में लेकर जा रहे हैं। छात्रों की सहमति के बाद ही अगला फैसला होगा।



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