सेव द चिल्ड्रन इंडिया पहुंचा जहां स्वास्थ्य देखभाल बहुत कमजोर

◆ अपने #ProtectAMillion मिशन के साथ कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में मदद की

◆ यह पहल दूसरी लहर में पनपी निराशा और बच्चों व उनके परिवारों पर तबाही के प्रभाव की तत्काल प्रतिक्रिया के रूप में आई है

◆ #ProtectAMillion मिशन में खाद्य और स्वच्छता किट, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, एक हेल्पलाइन और टीकाकरण जागरुकता अभियान जैसी चिंताओं को शामिल किया गया है 

◆ यह संगठन 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 57 जिलों में जीवनरक्षक सहायता प्रदान करेगा

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 21 मई  2021, नई दिल्ली। कोविड-19 के मामलों में वृद्धि और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर बढ़ते बोझ के बीच छोटे से शहर में नवजात शिशु की जान बचाई गई, क्योंकि समय पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सप्लाई किया जा सका। सेव द चिल्ड्रन ने #ProtectAMillion मिशन के तहत बच्चों और उनके परिवारों को महामारी से बचाने का संकल्प लिया है। इस पहल के हिस्से के रूप में अग्रणी एनजीओ राजस्थान के टोंक में स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट में 5 लीटर का ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध करा पाया और समय पर की गई इस पहल की वजह से एक बच्चे का कीमती जीवन बचाया जा सका।

उस नवजात शिशु की तस्वीर, जिसने टोंक, राजस्थान में विशेष न्यूबोर्न केयर यूनिट में सेव द चिल्ड्रन के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की मदद से नया जीवन हासिल किया। ऑक्सीजन की मांग में अचानक वृद्धि और हमारे ग्रामीण स्वास्थ्य देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र से आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए संगठन ने 11 राज्यों में सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में 700 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की खरीद की है और उन्हें वितरित कर रहा है। 2020 में महामारी की शुरुआत के बाद से भारत ने वंचित और कमजोर तबके के बच्चों और उनके परिवारों को महत्वपूर्ण देखभाल और सेवाएं प्रदान की हैं, और 5.57 लाख से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है।

2021 में दूसरी लहर के शुरुआती दिनों के बाद से संगठन ने 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 57 जिलों में अपनी पहल लागू करने का सोचा, जिसका लक्ष्य भारत के उन अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचना है जहां स्वास्थ्य प्रणाली कमजोर और खराब है। यह ऑक्सीजन सहायता, चिकित्सा सहायता, कोविड-19 देखभाल किट, स्वच्छता किट, घर पर देखभाल और टेली-परामर्श प्रदान कर रहा है। सेव द चिल्ड्रन इंडिया अभिनेत्री हुमा कुरैशी के साथ साझेदारी में राष्ट्रीय राजधानी के स्वास्थ्य ढांचे पर बोझ को कम करने के लिए नई दिल्ली में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए भी धन जुटा रहा है।

कई राज्यों में उनके प्रयासों के माध्यम से, संगठन हमारे फ्रोंटलीन सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है उन्हें पीपीई किट प्रदान कर रहा है जो नाइट्राइल ग्लव्ज, सैनिटाइज़र और ट्रिपल लेयर वाले मास्क के साथ आते हैं ताकि वे सुरक्षित रूप से समुदाय तक पहुंच सकें। बच्चों व गर्भवती महिलाओं की भलाई के लिए घरों का दौरा कर सकें। बाल संरक्षण मामलों में बढ़ोतरी और इनसे निपटने के लिए संगठन बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए संबंधित सरकारी अधिकारियों और वैधानिक संरचनाओं जैसे कि चाइल्डलाइन 1098, बाल अधिकारों के राष्ट्रीय / राज्य संरक्षण आयोग से जुड़ रहा है और केस उनके पास भेज रहा है। इसके अलावा कुछ राज्यों में बच्चों के लिए ट्रॉमा हेल्पलाइन चल रही है। 


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