बुढ़ाखेड़ा लाठर में आयोजित किया गया सम्मान समारोह

शब्दवाणी समाचार सोमवार 17 जून 2019 जुलाना। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर व ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जुलाना हलके के गांवों में ने अनूठी पहल की है। इन गांवों ने सरकारी स्कूलों में दसवीं व बारहवीं में अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों को एक-एक टैबलेट इनाम के रूप में दिया। विद्यार्थियों के साथ साथ उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी एक-एक टैबलेट दिया गया तथा उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया।



यह सम्मारोह रविवार को जुलाना हलके के गांव बुढ़ाखेड़ा में आयोजित किया गया। हरियाण व पंजाब उच्च न्यायालय के पूर्व कार्यकारी न्यायाधीश जस्टिस एसएस सारों ने इस समारोह में 25 गांवों के 300 विद्यार्थियों, 200 शिक्षकों व उनके अभिभावकों को सम्मानित किया गया। इस समारोह का आयोजन भारत माता क्लब द्वारा आयोजित किया गया। जुलाना खंड के यह अनूठी पहल करते हुए प्रदेश में एक नई मिसाल कायम की है और 12 गांवों के लोगों से चंदा जमाकर 70 लाख रुपये एकत्रित किए।  सम्मान समारोह के लिए अढ़ाई एकड़ में टैंट लगाया गया और हजारों लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की गई। आज मुख्य अतिथि ने गांव में भारत माता स्पोट्स क्लब का भी उदघाटन किया। इस अवसर पर अवसर पर जींद के जिला सत्र न्यायाधीश, बलजीत सिंह, जींद के सीजेएम अरविंद बंसल, सिरसा के एडीजे हिसार वासी जसबीर कुंडू, पलवल के एडीजे बिमल कुमार, भिवानी के एडीजे अरविद नासिर, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के महासचिव कृष्ण ढुल, गुडग़ांव में कार्यरत गांव बुढ़ाखेड़ा वासी डिप्टी कमिश् नर जीएसटी डा. सुरेंद्र लाठर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। 
समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व जस्टिस एसएस सारों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के सम्मान समारोह आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने इस अनुकरणीय बताते हुए कि जुलाना हलके के गांवों में की गई इस पहल को एक माडल मान कर इसे प्रदेश भर में सरकार को लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश सरकार हर क्षेत्र में काम कर रही है और सबसे ज्यादा फोकस शिक्षा पर करने की जरूरत है।  
शिव मंदिर कमेटी ने निर्णय किया है कि आगामी वर्ष जुलाना ब्लाक के सबसे ज्यादा सुंदर रख-रखाव वाले स्कूल को पुरूस्कृत किया जाएगा। इसमें प्रथम रहने वाले स्कूल को डेढ़ लाख रूपये, द्वितीय को एक लाख रूपये व तृतीय को पचास हजार रूपये का पुरूस्कार दिया जाएगा। कमेटी का मानना है कि सरकारी स्कूल की इमारत जनता के पैसे की बनी होती है और इसके रखरखाव अच्छा होगा तो बेहतर परिणाम मिलेंगे और इमारत की आयु लंबी होगी। 
बुढ़ाखेड़ा गांव की सरपंच कविता लाठर ने बताया कि सभी ग्रामीणों और आस पास के 12 गांवों ने चंदा एकत्रित किया है। चंदे की राशि लगभग 70 लाख रुपये एकत्रित की गई जिनमें गांव बुढ़ा खेड़ा, लजवाना कलां, करसोला, शादीपूर, जुलाना, ब्राह्मणवास, देशखेड़ा,्र राजगढ़, मालवी, कमाच खेड़ा, देवरड़, किलाजफरगढ़ आदि गांवों का योगदान है। कार्यक्रम को लेकर 100 वालिंटियर की टीम बनाई गई है। कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 300 छात्रों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा 300 अभिभावकों 25 स्कूलों के 200 अध्यापकों को भी सम्मानित किया गया। हिन्दुस्तान स्काउटस एवं गाइडस के 15 सदस्यों को भी सम्मानित किया गया ।कार्यक्रम में 12 हजार लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की गई और उपस्थित लोगों को खाने में देशी घी से बनी मिठाईयां परोसी गई। 


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