फिल्म बनाना आसान काम नहीं है : अमित अग्रवाल


शब्दवाणी समाचार शनिवार 15 जून 2019 नई दिल्ली। यह एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है जो दर्शकों को हँसाएगी और हैरत में भी डालेगी। फिल्म में आज के समय की कहानी दर्शायी गई है इसमें लिव इन रिलेशनशिप को भी बताया गया है ।  फिल्म की कहानी और स्क्रिप्ट अमित अग्रवाल ने खुद लिखी है , फ़िल्म निर्माण के लिए अमित को मनमोहन शेट्टी का मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिला है।  एक्सप्रेशन फिलस के बैनर पर फिल्म ' हंसते हँसाते ' के निर्माता चारु सुमित गर्ग व अमित अग्रवाल हैं।  फिल्म ट्रेलर अच्छा है पर ट्रेलर से ज्यादा ट्विस्ट फिल्म में है जो दर्शकों को प्रभावित करेगी।  संगीतकार आरको प्रो मुखजी जिन्होंने फिल्म केसरी के लिए तेरी मिट्टी और फिल्म रुस्तम के लिए तेरे संग वारा गीत बनाया है , उन्होंने इस फिल्म का संगीत दिया है साथ संजीव चतुर्वेदी और राहुल जैन ने भी फिल्म म्यूजिक दिया है।



फिल्म के सिनेमेटोग्राफर सुन्नील राजपाल हैं जिन्होंने फिल्म ' लागा चुनरी में दाग ' का छायांकन किया था और वे कई एड फिल्म भी कर हैं। हाल ही में इनकी फिल्म अंतरध्वनि को भी पुरस्कार मिल चुका हैं। इस फिल्म का संपादन असौम सिन्हा ने किया है । तथा कला निर्देशक हेमंत कुमार है।


अमित अग्रवाल बताते कि उन्हें बचपन से ही फिल्म बनाने का शौक था . दसवीं कक्षा में ही उनके मन में यह ख्याल आया था कि एक फिल्म बनाएंगे। उन्होंने २०१० में एक फिल्म बनाने की शुरुआत की थी परंतु किसी कारणवश वह फिल्म नों बन पायी उन्होंने फिर से प्रयास किया और अपने सारे अनुभव को समेट कर फिल्म फंसत फंसाने का निर्माण किया है। फिल्म में अर्पित ,करिश्मा शाँ और नचिकेत नार्वेकर ने अभिनय किया हैं। फिल्म की शूटिंग पुणे की गई है परंतु उसका बैकग्राउंड गाजियाबाद नोएडा और यूपी के क्षेत्रों को इंगित करता है, फिल्म की कहानी उत्तर प्रदेश को झलक देखने को मिलेगी। अमित अग्रवाल ने फिल्म इंडस्ट्री में बतौर एग्जीक्यटिव डायरेक्टर कई वर्षों तक कार्य किया है , उसके बाद उन्होंने फिल्म मेकिंग का कार्य किया। उनका मानना है कि फिल्म का निर्माण एक आसान कार्य नहीं है इसके लिए एक अच्छी सोच , मेहनत और लगन की आवश्यकता होती है और हमारे अनुभव भी इसे नई दिशा देते हैं।  





फिल्म " फसते फंसाते ' एक साधारण कहानी है परंतु फिल्म के अंदर आधुनिकता के साथ साथ कई ट्विस्ट और टर्न है जो दर्शकों को प्रभावित करेगी। अमित आबाल को अपने फिल्मी करियर बहुत कुछ सीखने को मिला और आज उसी का परिणाम है कि उनकी फिल्म बन है। अभी तकनीशियनों का सहयोग पाकर उन्होंने इस फिल्म में हर पहलुओं को बारीकी से दर्शाया गया है।  अमित अग्रवाल सिंपल और ट्विस्ट से भरी फिल्म पसंद करते हैं और यही सब उनकी फिल्म ' फंसते फंसाते में देखने को मिलेगा।


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