आईआईएफएल फाइनेंस बॉन्ड्स के जरिए 1,000 करोड़ रु. जुटायेगा

शब्दवाणी समाचार वीरवार 08 अगस्त 2019 नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में से एक, आईआईएफलएल फाइनेंस 06 अगस्त, 2019 को बॉन्ड्स का पब्लिक इश्यू (सार्वजनिक निर्गम) खोलेगी। इस पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी का लक्ष्य 1000 करोड़ रु. तक की रकम जुटाना है। प्राप्त पैसे का उपयोग कारोबार को आगे बढ़ाने व उसके विस्तार हेतु किया जायेगा। ये बॉन्ड्स 10.5 प्रतिशत तक के ब्याज की पेशकश करते हैं और ये अत्यंत सुरक्षित हैं।



सुरक्षित हैं। यूके-स्थित सीडीसी ग्रुप द्वारा समर्थित, आईआईएफएल कुल 100 करोड़ रु. के प्रत्याभूत एवं अप्रत्याभूत रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (एनसीडी) जारी करेगा, जिसके साथ ग्रीन-शू का विकल्प होगा ताकि 900 करोड़ रु. तक के ओवर-सब्सक्रिप्शन को बनाये रखा जा सके (कुल मिलाकर 1000 करोड़ रु.)।


आईआईएफएल बॉन्ड्स पर 69 महीनों की अवधि के लिए 10.50 प्रतिशत सालाना का अधिकतम ब्याज मिल रहा है। प्रत्याभूत श्रेणी में इन बॉन्ड्स प र 15 महीने की अल्पावधि के लिए 10.00 प्रतिशत सालाना ब्याज की भी पेशकश है। इन बॉन्ड्स पर शून्य कूपन बॉन्ड्स के साथ मासिक, तिमाही एवं वार्षिक भुगतान का विकल्प है। प्रत्याभूत श्रेणी के लिए 39 महीनों की अवधि की भी पेशकश की गई है।


क्रिसिल ने इंस्ट्रूमेंट को AA/स्टेबल की रेटिंग दी है, जिससे पता चलता है कि ये इंस्ट्रूमेंट्स वित्तीय दायित्वों की समयबद्ध सर्विसिंग की दृष्टि से अत्यंत सुरक्षित है और इनमें जोखिम बहुत कम है।


दायित्वों की समयबद्ध सर्विसिंग की दृष्टि से अत्यंत सुरक्षित है और इनमें जोखिम बहुत कम है। आईआईएफएल होम फाइनेंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री मोनू रात्रा ने कहा, “पूरे भारत में 1947 शाखाओं की हमारी दमदार भौतिक मजबूती और विविधीकृत पोर्टफोलियो के जरिए, हम विभिन्न खण्डों के सेवावंचित लोगों की ऋण आवश्यकता पूरी करने में सक्षम हैं। जुटाये गये फंड्स का उपयोग इस तरह के अन्य क्षेत्रों में हमारे परिचालन को बढ़ाने में किया जायेगा।"


आईआईएफएल फाइनेंस, आईआईएफएल ग्रुप का एक हिस्सा है। आईआईएफएल फाइनेंस, भारत की सबसे बड़ी रिटेल-केंद्रित वित्तीय सेवा कंपनियों में से एक के रूप में उभरा है। आईआईएफएल की प्रबंधनाधीन ऋण परिसंपत्तियां लगभग 35,000 करोड़ रु. की हैसबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका 85 प्रतिशत ऋण खुदरा ऋण है, जो छोटे-मोटे ऋणों के रूप में है।


आईआईएफएल फाइनेंस का सकल एनपीए 1.9 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 0.6 प्रतिशत था। मार्च 2019 के अंत में, कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीएआर) 19.2 प्रतिशत रहा, जिसमें टायर 1 कैपिटल 16.0 प्रतिशत था, जबकि वैधानिक रूप से ये दोनों क्रमश: 15 प्रतिशत और 10 प्रतिशत आवश्यक थेवित्त वर्ष 19 में, आईआईएफएल फाइनेंस ने 717.4 करोड़ रु. का कर–पश्चात मुनाफा दर्ज कराया, जो वार्षिक आधार पर 55 प्रतिशत अधिक था और इक्विटी पर 18.3 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दर्ज कराया। विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के साथ इसका मजबूत संबंध हैअल्पावधि उधारी स्रोतों जो सामान्य तौर पर कॉमर्शियल पेपर (सीपी) है, पर निर्भरता काफी कम है और कंपनी ने 2018 के IL&FS संकट के बाद से सीपी मार्केट पर सफलतापूर्वक निर्भरता कम कर दिया है। फंड्स के एक स्रोत के रूप में सीपी ने सितंबर 2018 के 24 प्रतिशत से घटाकर मार्च 2019 के अंत में 12 प्रतिशत कर दिया है।


इश्यू के लीड मैनेजर्स एडेलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, आईआईएफएल सिक्योरिटीज लिमिटेड, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और ट्रस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड हैं। निवेशकों को तरलता प्रदान करने हेतु, एनसीडी को बीएसई लिमिटेड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड पर सूचीबद्ध किया जायेगा। आईआईएफएल बॉन्ड्स 1,000 रु. के अंकित मूल्य पर जारी किये जायेंगे और सभी श्रेणियों में 10,000 रु. से कम का आवेदन नहीं किया जा सकता है। पब्लिक इश्यू 06 अगस्त, 2019 को खुलेगा और 30 अगस्त, 2019 को बंद होगा, हालांकि इसे निर्धारित तिथि से पूर्व भी बंद किया जा सकता है'पहले आयें, पहले पायें' के आधार पर आवंटन किया जायेगा।



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