खाली पेट एक्सरसाइज करने से दोगुनी रफ्तार से घटता है मोटापा

शब्दवाणी समाचार रविवार 17 नवंबर 2019 नई दिल्ली। मोटापा आज हर दूसरे व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी परेशानी का सबब बन चुका है। जिसका एक कारण मधुमेह भी है। डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है। डायबिटीज में शरीर में इंसुलिन का स्राव कम हो जाता है, जिससे खून में ग्लूकोज लेवल बढ़ने लगता है। इंसुलिन एक हॉर्मोन है, जो पाचक ग्रंथि द्वारा बनता है। इसकी जरूरत भोजन को ऊर्जा में बदलने के लिए होती है। एक अध्ययन के अनुसार, भोजन और व्यायाम के समय में बदलाव कर लोग मधुमेह के स्तर पर नियंत्रण रख सकते हैं और ऐसी दिनचर्या बना सकते हैं, जिससे मधुमेह और मोटापे से लड़ने में मदद मिल सके।



ब्रिटेन के बाथ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार, सुबह के नाश्ते से पहले व्यायाम करने वाले लोग वसा की अधिक मात्रा घटाने में कामयाब होते हैं। इसके उलट, जो सुबह  के नाश्ते के बाद व्यायाम करते हैं, उनके शरीर से वसा की मात्रा घटने का अनुपात कम होता है। 'जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्रायनोलोजी एंड मेटाबोलिज्म' में प्रकाशित शोध के अनुसार, सुबह व्यायाम करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर है ।
शोधकर्ताओं ने छह हफ्ते तक मोटापे के शिकार या अतिरिक्त वजन वाले 30 पुरुषों पर शोध करने के लिए उन्हें दो समूहों में बांटा। एक समूह में उन्हें रखा गया, जिन्होंने सुबह के नाश्ते के पहले व्यायाम किया और दूसरे में उन्हें रखा गया, जिन्होंने नाश्ते के बाद व्यायाम किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि छह हफ्ते चले शोध में भाग लेने वालों का वजन कम नहीं हुआ, लेकिन इससे उनके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव अवश्य पड़ा। 
शोध में प्रतिभागियों के शरीर ने इंसुलिन के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया दी, उनके रक्त में शर्करा की मात्रा नियंत्रण में रही और मधुमेह और दिल की बीमारी की आशंका कम देखी गयी।
अध्ययन के सह-लेखक जेवियर गोंजालेज ने कहा, 'हमारे परिणाम बताते हैं कि जब आप व्यायाम करते हैं, तो आप अपने स्वास्थ्य में बदलाव ला सकते हैं।' हालांकि शोधकर्ताओं के अनुसार, नाश्ते से पहले व्यायाम करने वालों की मांसपेशियों में प्रोटीन की मात्रा में अधिक वृद्धि देखी गई। 
विशेष रूप से उन लोगों में, जिनका शरीर ग्लूकोज को रक्तप्रवाह से मांसपेशियों में ले जाता है। हालांकि, शोधकर्ताओं ने उल्लेख किया कि छोटे समय के अध्ययन में केवल पुरुष शामिल थे और वे इस प्रकार के व्यायाम के दीर्घकालिक प्रभावों का पता लगाने की कोशिश करेंगे। वे यह भी जानने का प्रयास करेंगे कि क्या इससे महिलाओं को भी पुरुषों के समान लाभ होता है।



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