पत्रकारों हेतु आनंद राणा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखा पत्र


शब्दवाणी समाचार, रविवार 4 अक्टूबर 2020, नई दिल्ली। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य आनंद प्रकाश राणा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पत्रकारों हेतु सामूहिक बीमा कवर, कैशलेस इलाज सुविधा एवं किफायती आवास आवंटन के लिए आग्रह किया है। मुख्यमंत्री श्री केजरीवाल को लिखे पत्र में श्री राणा ने कहा है कि वर्तमान समय में दिल्ली में बहुत से पत्रकार विकट परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। कम वेतन और अनुबंध आधारित नौकरी के चलते पहले से ही चिंताजनक हालात में कार्य कर रहे पत्रकारों के समक्ष पिछले कुछ माह से अपनी नौकरी बचाये रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। कोरोना काल में विभिन्न मीडिया संस्थानों के कई पत्रकारों को कोविड 19 ग्रस्त होने के चलते असमय ही अपनी जान गंवानी पड़ी है। जानकारी में आया है कि दिवंगत हुए इन पत्रकारों के परिवार घोर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। अनेक पत्रकार कोराना का प्रकोप झेल चुके हैं या इससे ग्रस्त हैं।



वैसे तो लंबे समय से यह देखने में आ रहा है कि पत्रकारों का स्वास्थ्य/दुर्घटना बीमा न होने की वजह से इलाज के दौरान उन्हें स्वयं या असमय मृत्यु हो जाने पर उनके परिवार को घोर आर्थिक संकट से जूझना पड़ता है। सरकारी स्तर पर और नियोक्ता संस्थान से कोई आर्थिक मदद भी मुश्किल से ही किसी को मिल पाती है। अगर कभी कभार मदद मिलती भी है तो धनराशि बहुत ही मामूली होती है। ऐसी परिस्थितियों में पत्रकारों की मदद के लिए स्वास्थ्य/दुर्घटना बीमा बहुत ही मददगार साबित हो सकता है। श्री राणा ने कहा है कि दिल्ली सरकार के सूचना एवं प्रचार निदेशालय से मान्यता प्राप्त पत्रकारों हेतु कम से कम 20 लाख रूपये की सामूहिक स्वास्थ्य/दुर्घटना बीमा योजना लागू की जाए जिसमें सालाना प्रीमियम का आधा हिस्सा लाभार्थी पत्रकार एवं आधा हिस्सा दिल्ली सरकार वहन करे। इसके साथ ही गैर अधिसूचित/गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए कम से कम 10 लाख रूपये की सामूहिक स्वास्थ्य/दुर्घटना बीमा योजना के लिए भी दिल्ली सरकार पहल करें।



आनंद राणा ने यह भी मांग उठाई है कि दिल्ली सरकार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तर्ज पर पत्रकारों के लिए कैशलेस इलाज सुविधा भी प्रदान की जानी चाहिए। वर्तमान में अनेक पत्रकार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में यह सुविधा उनकी परेशानियों को कम करने में मददगार साबित होगी। दिल्ली सरकार पत्रकारों के लिए किफायती कीमत पर आवास सुविधा के लिए भी कोई योजना लागू की जाए। आज दिल्ली में ज्यादातर पत्रकार किराये पर रह रहे हैं। 25-30 साल की नौकरी के बाद भी अपना घर उनके लिए सपना बना हुआ है। नरेला-बवाना में दिल्ली सरकार के हजारों फ्लैट बने हुए हैं। एक किफायती खरीद कीमत तय कर इनमें से अगर एक या दो कमरे के फ्लैट मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए आवंटित कर दिये जायें तो इससे किराये के मकानों में अपने परिवारों के साथ रहने पर मजबूर पत्रकारों के लिए अपने घर का सपना साकार हो सकेगा।



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