वेंचर कैटेलिस्ट्स ने 102 स्टार्टअप्स में किया 700 करोड़ रुपये का निवेश

 


• भारत में सबसे बड़ा और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा 

• एक्टिव इनक्यूबेटर और एक्सीलरेटर बना 

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 17 दिसंबर  2020, नई दिल्ली। मुंबई। भारतीय अर्ली-स्टेज स्टार्ट-अप निवेशक वेंचर कैटेलिस्ट्स ग्रुप (वीकैट्स) ने कोविड-19 महामारी के बावजूद एक बार फिर 2020 में अपनी श्रेणी में अपनी लीडरशिप स्थापित की है। मुंबई की यह निवेश फर्म एक इनक्यूबेटर और सेबी रजिस्टर्ड एक्सीलरेटर फंड 9यूनिकॉर्न्स संचालित करती है और इसने पिछले साल के 63 के मुकाबले इस साल 102 डील्स की है। वीकैट्स का फोकस भारत के छोटे शहरों में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूती देने पर है और इसने इस साल कई क्षेत्रों में कई आइडिया-स्टेज और अर्ली-स्टेज के व्यवसायों में सिंडिकेशन के माध्यम से 700 करोड़ रुपए का निवेश किया है, जबकि 2019 में उसने 500 करोड़ रुपए का निवेश किया था।

वेंचर कैटेलिस्ट्स ग्रुप के सह-संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा ने कहा, “भारत और विदेश में कई निवेश फर्मों ने 2020 में फंडिंग एक्टिविटी में कमी देखी है और हम आगे बढ़ते रहे हैं। एक फाउंडर-फ्रेंडली इन्वेस्टर के रूप में हमारा मानना है कि प्रतिकूलता अपने साथ कई अवसर भी लाती है। वास्तव में हम भाग्यशाली हैं कि हम सही मूल्यांकन के साथ कई इनोवेटिव और अच्छे स्टार्ट-अप को आगे बढ़ा सके और इन शुरुआती स्टार्ट-अप को सपोर्ट कर सके।

प्रमुख ग्लोबल रिसर्च फर्मों -ट्रेक्सन एंड क्रंचबेस से लिए गए आंकड़ों के अनुसार, वीकैट्स ने अर्ली स्टेज या आइडिया स्टेज की निवेश फर्मों जैसे कि एंजेलिस्ट इंडिया, लेट्सवेंचर, मुंबई एंजेल्स और ब्लूमे वेंचर को स्टार्ट-अप इन्वेस्टमेंट से जुड़े हर पैरामीटर में फंडिंग से एक्जिट तक पछाड़ दिया है। लगातार दूसरे वर्ष फर्म ने टॉप-10 ग्लोबल मोस्ट एक्टिव एक्सीलरेटर और इनक्यूबेटर्स की सूची में भी जगह बनाई है। यह अब वायकॉम्बिनेटर और टेकस्टार्ट्स के पीछे तीसरे स्थान पर है और डील्स के मामले में इसने प्लग एंड प्ले, 500 स्टार्टअप, एसओएसवी और एंटलर ग्लोबल जैसे लोकप्रिय एक्सीलरेटर को पीछे छोड़ दिया है।



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