सैमसंग ने भारत में 25 साल पूरे

 




• इस मौके पर #PoweringDigitalIndia के अपने नए विजन के साथ देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दुहराई
• नागरिकता, R&D, स्टार्टअप कम्युनिटी और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की योजन

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 10 दिसंबर  2020, नई दिल्ली। गुरुग्राम। भारत की सबसे बड़ी और भरोसेमंद इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग ने आज देश के लिए एक बिलकुल नए विजन के साथ #PoweringDigitalIndia अभियान शुरू किया, जो एक नए रोमांचक नागरिकता कार्यक्रम से संचालित होगा। इस कार्यक्रम के दौरान देश भर के छात्रों, स्थानीय स्टार्टअप समुदाय पर विशेष फोकस के साथ बदलावों के साथ एक नई स्थानीय R&D रणनीति और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को लक्ष्य कर कई नई पहल होगी।
#PoweringDigitalIndia का यह नया विजन उस समय सामने आया है जब सैमसंग ने एक चमकते हुए सितारे की तरह भारत की मैन्युफैक्चरिंग एवं ग्रोथ स्टोरी की यात्रा में एक प्रतिबद्ध साझेदार के रूप में देश में सफलतापूर्वक 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 
इन नए विजन को लॉन्च करते हुए सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और सीईओ केन कांग ने कहा, “25 की उम्र में सैमसंग इंडिया भी न्यू इंडिया की तरह युवा और जोशीला है। हमारे लाखों ग्राहकों, हमारे साझेदारों और कर्मचारियों ने सालों तक अपना प्यार देकर सैमसंग को मोबाइल फोन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में देश का सबसे बड़ा, सबसे भरोसेमंद और सबसे प्रशंसित ब्रांड बनाया है। देश में शायद ही कोई ऐसा घर हो, जहां सैमसंग किसी न किसी रूप में मौजूद न हो। हमारा नया विजन #PoweringDigitalIndia भारत के भावी ग्रोथ के लिए एक दिशा तय करता है, जिसमें सैमसंग सबसे मजबूत साझेदार की भूमिका निभाता रहेगा।”
केन कांग ने कहा, “सैमसंग राष्ट्र निर्माण, डिजिटल समावेशन, डिजिटल सशक्तीकरण और मैन्युफैक्चरिंग, R&D, रोजगार और उद्मिता सृजन, जिम्मेदार नागरिकता और क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले आविष्कारों में कई पहलों के जरिए मौजूद डिजिटल खाई को पाटने से संबंधित भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के विजन को साकार करने के लिए उनके साथ काम करने को प्रतिबद्ध है।




नागरिकताः युवाओं के लिए विजन 
भारत एक युवा देश है और सैमसंग आने वाले कल के लिए नेतृत्व तैयार कर इसमें अपना योगदान देना चाहती है। डिजिटल इंडिया को सशक्त बनाने के विजन के हिस्से के तौर पर सैमसंग एक नया युवा-केंद्रित नागरिकता कार्यक्रम शुरू करेगी जिसमें इंजीनियरिंग के छात्रों और पूरे देश के शिक्षा जगत को शामिल किया जाएगा। इससे देश में इनोवेशन के लिए एक मजबूत पारिस्थितक तंत्र खड़ा करने में मदद मिलेगी।
बदलावों के साथ नई R&D रणनीति 
R&D के मोर्चे पर हमारे पास अगले साल के लिए एक नई रणनीति है। भारत में मौजूद सैमसंग के R&D केंद्र 5G, AI, IoT और क्लाउड सेवाओं जैसे आधुनिकतम R&D क्षेत्रों में काम करना जारी रखेंगे और अनुसंधान को विकास के रास्ते कारोबार के चरण तक पहुंचाने के लिए सांगोपांग सोच के साथ परियोजनाएं प्रारंभ करेंगे। इसके साथ ही वे देश में इनोवेशन और स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने में मदद देने के लिए और साथ ही अपनी इन-हाउस इनोवेशन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए स्टार्टअप कंपनियों, छात्रों और विश्वविद्यालयों के साथ अपने ओपन इनोवेशंस को विस्तार भी देंगे। सैमसंग R&D केंद्रों में इनोवेशन की संस्कृति हजारों इंजीनियरों को पेटेंट तैयार करने का रास्ता साफ करेगी और टेक्नोलॉजी और यूजर अनुभव के क्षेत्र में दीर्घकालिक असर छोड़ेगी। 
नेटवर्क के विकास की अगुवाई
सैमसंग ने एक भारतीय दूरसंचार कंपनी के लिए पूरे देश में अब तक का सबसे बड़ा 4G LTE नेटवर्क खड़ा किया है। यह दुनिया के सबसे विशाल डाटा कैरियर में भी एक है, जो उपभोक्ताओं और उद्योगों को भरोसेमंद नेटर्किंग सेवाएं देता है। सैमसंग 5G टेक्नोलॉजी में भी अगुवा है और भारत में कई साझेदारों के साथ मिलकर नेटवर्क के विकास में नेतृत्व देने में मदद कर ही है, जिससे भारत के डिजिटल रूपांतरण का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है। 
मैन्युफैक्चरिंग में नई पहल
सैमसंग भारत के मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में नई पहलों की योजना बना रही है, जिनकी दिशा सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ विजन में योगदान करने और देश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने में सहयोग की होगी। 
इस मौके को यादगार बनाने के लिए सैमसंग इंडिया ने नए विजन का एक लोगो लॉन्च किया है। 
डिजिटल दुनिया आज की तारीख में संपर्क और बदलाव का सूचक है। यह लोगो इसी दुनिया से प्रेरित है और इसे देखते ही एक अर्थ स्पष्ट होता है, जो भविष्य पर दृष्टि, इनोवेशन और गति की ओर इंगित करता है। लोगो के डिजाइन में अंग्रेजी के “I” अक्षर के ऊपर एक बिंदु है जो चाल और गति को सूचित करते हैं। यह गतिशील है, स्मार्ट है, भविष्यबोधक है और अल्पता के डिजाइन से प्रेरित है। यह आधुनिक है, स्पष्ट है और इंडिया कलर्स को निगेटिव स्पेस का इस्तेमाल कर बेहद बुद्धिमानी से उपयोग करता है ताकि यह पूरे डिजाइन में बाधा पैदा न करे और रंगों को एक्सेंट के जैसा इस्तेमाल किया गया है। 


भारत में सैमसंग की यात्रा 1995 में शुरू हुई। यह 1991 में शुरू हुए भारत के उदारीकरण और वैश्वीकरण के दौर का प्रारंभिक समय था। तब से सैमसंग भारत के साथ बढ़ती गई और दो मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों, 5 R&D केंद्रों और एक डिजाइन केंद्र, 2,00,000 खुदरा दुकानों, 70,000 कर्मचारियों, और 10 अरब डॉलर से ज्यादा आमदनी के साथ भारत की सबसे बड़ी मोबाइल फोन और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी बन गई है। सैमसंग की पहली मैन्युफैक्चरिंग इकाई नोएडा में और R&D केंद्र बेंगलुरू में 1996 में बने। दो दशकों से ज्यादा की यह साझेदारी भरोसे, सहयोग, इनोवेशन और ग्रोथ पर टिकी है। 
सैमसंग ने भारत को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनाने के विजन के साथ 2018 में नोएडा में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री का उद्घाटन किया। इस फैक्ट्री का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। सैमसंग ने बेंगलुरू के प्रसिद्ध ओपरा हाउस में दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल एक्सपीरियंस सेंटर भी खोला है जो भारत के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।





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