किसान दिवस के मौके पर

आइए भारत को कृषि सुधारों के माध्यम से आर्थिक विकास की नई उंचाईयों तक ले जाएं

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 24 दिसंबर  2020, नई दिल्ली। स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय किसान दिवस का आयोजन किया जाता है। किसान दिवस एक ऐसा दिन है जो लोगों को समाज में किसानों के महत्व के बारे में जागरुक बनाता है और बताता है कि देश के समग्र आर्थिक एवं सामाजिक विकास में किसानों का क्या योगदान है। इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान संगठन ने कई गणमान्य दिग्गजों के साथ एक वर्चुअल बैठक का

इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान संगठन ने कई गणमान्य दिग्गजों के साथ एक वर्चुअल बैठक का आयोजन किया, इनमें डॉ आर. बी. सिंह, पूर्व अध्यक्ष, एनएएएस, राष्ट्रीय किसान समिति के सदस्य, स्वामिनाथन समिति, श्री पवन पायल, राज्य अध्यक्ष, राजस्थान, आरकेपीए एवं अध्यक्ष, सर चौधरी छोटूराम, भारतीय किसान समिमि शामिल थे।

इस साल का किसान दिवस किसान आंदोलन के बीच आया है, गौरतलब है कि किसान समुदाय, हाल ही में सरकार द्वारा जारी तीन किसान कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहा है. 1. किसानों के उत्पाद, कारोबार एवं वाणिज्य (संवर्धन अधिनियम) 2. कीमत आश्वासन और फार्म सेवाओं पर किसान (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) समझौता अधिनियम 3. आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम

सत्र को सम्बोधित करते हुए श्री संजय सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष एवं महासचिव, अखिल भारतीय किसान संगठन ने कहा, "किसान दिवस एक ऐसा दिन है जो अर्थव्यवस्था में भारतीय किसान की भूमिका पर रोशनी डालता है। हम सरकार द्वारा किसान कल्याण के लिए की गई पहलों के प्रति आभारी हैं, साथ ही किसानों का भी धन्यवाद करते हैं। मौजूदा आंदोलन किसानों तक पहुंचाई गई गलत जानकारी, संदेहों और आशंकाओं का परिणाम है क्योंकि किसान समुदाय का मानना है कि विधेयकों को अंतिम रूप देने से पहले किसानों से बातचीत नहीं की गई। राजनैतिक और निजी स्वार्थ के चलते कुछ लोग इस आग में घी का काम कर रहे हैं। यह आंदोलन अब केन्द्र सरकार के खिलाफ राजनैतिक विरोध का रूप ले चुका है, जिसके लिए किसानों को हथियार बनाया जा रहा है। नए किसान कानून किसी भी तरह से काले कानून नहीं हैं। ये कानून निश्चित रूप से किसान समुदाय के लिए फायदेमंद होंगे। कुछ राज्यों में यह डर है कि नए किसान कानून किसानों के अनुकूल नहीं हैं। अगर पिछले कानून अच्छे होते तो 3.34 लाख से अधिक किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर क्यों होना पड़ता? श्री संजय नाथ सिंह ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, “जहां एक ओर नए किसान कानून विकास उन्मुख हैं, वहीं हमारे कृषि कानूनों में और भी सुधार की गुजाइश है। किसान संगठन हमेशा से किसान अखिल भारतीय किसान संगठन कानूनों में बदलाव की मांग करते रहे हैं। इनमें से ज्यादातर समस्याओं का समाधान किया गया है और कुछ सुधारों पर मौजूदा आशंकाओं एवं संदेहों का दूर करने की आवश्यकता हैसरकार द्वारा एमएसपी का आश्वासन दिया गया है, जिसकी मांग कानूनी गांरटी के रूप में की जा रही है। सरकार इस पर विचार सकती है। सरकार अनुबंध खेती पर किसानों के संदेहों के समाधान के लिए विनियामक प्राधिकरण के गठन पर विचार कर सकती है। अखिल भारतीय किसान संगठन माननीय प्रधानमंत्री द्वारा कच्छ में दिए गए वक्तव्य से सहमत है “कृषि सुधार ठीक उसी तरह से किए गए हैं, जिस तरह से किसानों एवं विपक्षी दलों द्वारा लम्बे समय से मांग की जाती रही है। भारत सरकार हमेशा से किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रही है और आने वाले समय में भी किसानों की सभी समस्याओं को हल करनेके लिए प्रयासरत रहेगी।

इस अवसर पर डॉ आर. बी. सिंह, पूर्व अध्यक्ष, एनएएएस एवं राष्ट्रीय किसान आयोग के सदस्य (स्वामिनाथन समिति) ने कहा, कि किसान दिवस का आयोजन समाज तथा देश की समृद्धि में किसानों के योगदान पर रोशनी डालता है और उनकी आजीविका को सुरक्षित रखने एवं जय किसान की मर्यादा को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है। आज भी, हमारी माननीय प्रधानमंत्री जी का कहना है कि आत्मनिर्भर किसान के कंधों पर ही आत्मनिर्भर भारत का निर्माण किया जा सकता है। इसी के मद्देनजर हमारी सरकार कई किसान कल्याण योजनाएं लेकर आई है जैसे किसानों की आय दोगुना करने की योजना, पीएम-किसान आदि। कुछ दिन पहले ही पीएम-किसान की 7वी किश्त जारी करनेकी घोषणा भी की गई थी। माननीय केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के माननीय केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने 18 दिसम्बर को किसानों को लिखे गए पत्र में एमएसपी, एपीएमसी, विवाद के निपटान एवं किसान अधिकारों से जुड़े हर पहलु को स्पष्ट किया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि सरकार कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाकर नव भारत के निर्माण हेतु किसानों के लिए प्रतिबद्ध है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सभी से, खासतौर पर किसानों से अपील की है कि मंत्री जीके इस पत्र को पढ़ें, और सुधारों को समर्थन दें, जो किसानों एवं देश के हित में हैंमाननीय केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के माननीय केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा हाल ही की गई कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं: 1. सरकार एमएसपी के बारे में लिखित आश्वासन देने के लिए तैयार है। 2. राज्यों को एपीएमसी के बाहर निजी बाजारों में कराधान की अनुमति दी जा सकती है3. किसानों के पास किसी भी मामले के निपटान क लिए अदालत जाने का अधिकार है। 4. राज्यों को किसान समझौतों में पंजीकरण का अधिकार है। 5. कोई भी किसानों की जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता क्योंकि यह कानून किसान की जमीन के स्थानान्तरण, बिक्री, लीज, गिरवी आदि की अनुमति नहीं देता।अखिल भारतीय किसान संगठन 6. अनुबंधकर्ता किसान की जमीन में स्थायी बदलाव नहीं ला सकते। 7. अनुबंधनकर्ता किसान की जमीन पर बनाई गई किसी भी अस्थायी संरचना पर ऋण नहीं ले सकते। 8. स्थिति चाहे जो भी हो, किंतु कानून किसान की जमीन पर कब्जे की अनुमति नहीं देते।



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