स्मार्ट एपीआई के लॉन्च के साथ एंजेल ब्रोकिंग ने एपीआई इंटिग्रेशन को सक्षम किया 



शब्दवाणी समाचार, शनिवार 5 दिसंबर  2020, मुंबई। भारतीय रिटेल निवेशकों के निवेश में तेजी लाने के लिए एंजेल ब्रोकिंग ने स्मार्ट एपीआई के माध्यम से एपीआई इंटिग्रेशन के लिए खुद को ओपन किया है। इस फ्री-टू-इंटीग्रेटे फ़ीचर किसी भी प्लेटफ़ॉर्म, जिसमें स्टार्टअप और स्टॉक एडवाइज़री भी शामिल हैं, एंजेल ब्रोकिंग के माध्यम से रियल-टाइम ट्रेड्स को निष्पादित करने में सक्षम करता है,  साथ ही 5 प्रोग्रामिंग भाषाओं में अपने कार्यक्रम बनाने के लिए एल्गो ट्रेडर्स को सशक्त बनाता है।
वर्तमान में प्लेटफ़ॉर्म पायथन, नोड्स, जावा, आर, गो का सपोर्ट करता है। स्मार्टएपीआई ने 2.83 मिलियन एंजेल ब्रोकिंग ग्राहकों (अक्टूबर 2020 के अनुसार) के लिए एंड-टू-एंड ट्रेडिंग सर्विसेस के विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। एंजेल ब्रोकिंग ग्राहक जो इनमें से किसी भाषा में एल्गोरिदम बनाना चाहते हैं, वे स्मार्टएपीआई के माध्यम से सीधे अपने खाते में ऑर्डर एक्जिक्यूट कर सकेंगे। उदाहरण के लिए, कस्टमर-फेसिंग एल्गो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म अब एंजेल ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म के साथ इंटिग्रेट हो सकते हैं और अपने ग्राहकों को निर्बाध रूप से ब्रोकरेज के माध्यम से ट्रेड्स पूरे करने में मदद कर सकते हैं।



लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड के सीईओ श्री विनय अग्रवाल ने कहा, “एंजेल ब्रोकिंग हमेशा से ही टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित इनोवेशंस में सबसे आगे रहा है। आज, हमें स्मार्टएपीआई के साथ इस संबंध में एक और बड़ी उपलब्धि घोषित करने पर गर्व है। स्मार्टएपीआई न केवल अपने यूजर्स को सशक्त प्लेटफॉर्म बनाने और एल्गो ट्रेडिंग को मूल रूप से चलाने में सशक्त करेगा, बल्कि हमारे ग्राहकों के लिए अल्ट्रामॉडर्न सेवाओं की नई लहर को भी अनलॉक करेगा। हमने यह सुनिश्चित किया है कि प्लेटफार्म प्रोग्रामिंग भाषाओं की व्यापक रेंज का समर्थन करें और निकट भविष्य में और अधिक जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। स्मार्टएपीआई जैसे विश्वसनीय प्लेटफार्म की शुरुआत के साथ, अब स्टॉक एडवाइजरी और रिकमंडेशन प्लेटफार्म अपने प्लेटफार्म को रियल टाइम के ट्रेडिंग फंक्शनलिटी के साथ ट्रेडिंग-रेडी कर सकते हैं। स्मार्टएपीआई कामेदांता ने रोबोटिक थोरैसिक सर्जन, डॉ अरविंद कुमार को नियुक्ति किया
गुरुग्राम। विश्व स्तरीय, समग्र स्वास्थ्य सेवा देने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, मेदांता (https://www-medanta-org/) ने प्रसिद्ध रोबोटिक थोरैसिक सर्जन, डॉ अरविंद कुमार को चैस्ट सर्जरी एवं चैस्ट ओन्को-सर्जरी और फेफड़े का प्रत्यारोपण संस्थान का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह मेदांता के रोबोटिक संस्थान की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। डॉ अरविंद कुमार अपनी चार चेस्ट सर्जनों एवं सलाहकारों की टीम के साथ मेदांता के सहवर्ती संचालित निदान संस्थान को मजबूत बनाने में मदद करेंगे ताकि फेफड़ों के कैंसर, थायमोमास, फेफ़डों की टीबी, एम्पाइमा, छाती की दीवार की विकृति और चैस्ट ट्रॉमा  के लिए उपचार प्रदान किया जा सके एवं छाती के आपातकालीन रोगीयों का उपचार भी किया जा सके।



डॉ अरविंद कुमार ने 2008 में भारत में रोबोटिक चेस्ट सर्जरी के विकास का मार्ग प्रसस्थ किया, जब वे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में सर्जरी और थोरैसिक और रोबोटिक सर्जरी यूनिट के प्रमुख थे। एक प्रमुख शिक्षाविद और शोधकर्ता, डॉ अरविंद ने एम्स, नई दिल्ली से अपनी एमबीबीएस और मास्टर्स इन सर्जरी (एम.एस.) पूरी की और 24 वर्षों तक संकाय सदस्य के रूप में वहाँ काम किया। की-होल थोरैसिक और रोबोटिक चेस्ट सर्जरी में विशेषज्ञ, प्रमुख सर्जन, डॉ अरविंद का विश्वास है, ‘यदि आप चेस्ट की समस्या से परेशान हैं, तो हमारे पास समाधान है‘। डॉ अरविंद एवं उनकी टीम ने सफलतापूर्वक 10,000 से अधिक थोरैसिक सर्जरी की हैं।
मेदांता में शामिल होने से पहले, डॉ अरविंद आठ साल के लिए सर गंगा राम अस्पताल, नई दिल्ली में चेस्ट सर्जरी और फेफड़े प्रत्यारोपण केंद्र के निदेशक और रोबोटिक सर्जरी संस्थान के निदेशक थे। प्रतिष्ठित, डॉ बी.सी. रॉय अवार्ड विजेता, डॉ अरविंद अपने विशाल अनुभव और फेफड़ों, थाइमस, फूड पाइप और विंडपाइप के कैंसर की असाधारण सफलता दर के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं। ”डॉ अरविंद कुमार और उनकी टीम के वरिष्ठ चिकित्सकों की नियुक्ति के साथ, अंतर्राष्ट्रीय मानकों के छाती संबंधी विकारों के समग्र उपचार प्रदान करने के लिए हमारी क्षमता और बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है“, डॉ नरेश त्रेहन, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, मेदांता।



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