वॉटरटेक स्टार्टअप स्वजल ने प्री-सीरीज ए फंडिंग राउंड में 1.6 मिलियन डॉलर जुटाया

◆ आरवीसीएफ और इन्वेस्टर्स के एक ग्रुप ने किया निवेश

◆ वाटरटेक कंपनी का लक्ष्य सेग्मेंट में प्लास्टिक के उपयोग को कम करना 

◆ एआई-पावर्ड वॉटर सॉल्यूशन को अपनाना

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 12 फरवरी  2021, नई दिल्ली। भारत के प्रमुख वॉटरटेक स्टार्टअप्स में से एक स्वजल ने आज राजस्थान एसेट मैनेजमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (RAMC) से आरवीसीएफ के जरिए, इंडिया ग्रोथ फंड और श्री प्रमोद अग्रवाल (पूर्व सीएफओ, पीएंडजी, ग्लोबल हेयर केयर डिविजन) के नेतृत्व वाले इन्वेस्टर्स के ग्रुप से अपने प्री-सीरीज़ ए फंडिंग राउंड में 1.6 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल करने की घोषणा की है। इसके बाद स्टार्टअप का लक्ष्य अब भारत में एआई-पॉवर्ड सस्टेनेबल वाटर सॉल्यूशंस को अपनाने पर फोकस करना है, और साथ ही  पूरे सेग्मेंट में प्लास्टिक के उपयोग को कम से कम करना है। स्वजल समुदायों, हॉस्पिटैलिटी कंपनियों, कॉरपोरेट्स और अन्य लोगों के लिए पीने के पानी के लिए नई पीढ़ी के समाधान पेश करता है। इसकी अत्याधुनिक पेशकश भारत के सबसे बड़े प्रत्यक्ष सौर ऊर्जा संचालित जल शोधन प्रणाली जैसे फरीदपुर (हरियाणा) जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर प्रीमियम होटलों तक है, जिनमें जेडब्ल्यू मैरियट भी शामिल है। यहां एआई-इनेबल्ड प्रीमियम वॉटर के लिए समर्पित ग्लास वॉटर बॉटलिंग सुविधा है। स्वजल ने रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डे के लाउंज, अस्पतालों, और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ अन्य के लिए भी प्रीमियम ऑफरिंग की है। यह भारत में प्लास्टिक की बोतलों पर निर्भरता को कम से कम करते हुए वाटर एटीएम जैसी इनोवेटिव पेशकश कर रहा है।

इसका वाटरटेक प्लेटफॉर्म "क्लेयरवॉयंट" स्वजल को प्रभावी रूप से अपने सभी प्यूरीफिकेशन सिस्टम का प्रबंधन करने और एआई-इनेबल्ड एनालिटिक्स का उपयोग बिना डाउनटाइम के बनाए रखने की अनुमति देता है। गुरुग्राम में स्वजल के इन-हाउस डीएसआईआर द्वारा मान्यता प्राप्त रिसर्च एंड डेवलपमेंट फेसिलिटी द्वारा क्लेयरवॉयंट विकसित किया गया था। आईआईटी के पूर्व छात्र और स्वजल की सीईओ डॉ. विभा त्रिपाठी ने कहा, “हम भारत में स्थानीय स्तर पर अपने सिस्टम का निर्माण करते हैं। यह हमें अपने उत्पादों पर टाइट कंट्रोल करने और एक क्विक टर्नअराउंड टाइम के साथ नया करने की अनुमति देता है। पिछले कुछ वर्षों से हमने पिरामिड के निचले हिस्से की पेयजल जरूरतों पर ध्यान केंद्रित किया है। अब, हम पीने योग्य पानी के समाधान की एक नई पीढ़ी की शुरुआत करने के अपने रास्ते पर हैं और पानी के लिए प्लास्टिक पर निर्भरता को कम करते हैं। नवीनतम फंडिंग राउंड हमें इस विजन को और अधिक आसानी से पूरा करने में मदद करेगा।

आरसीवीएफ के वाइस प्रेसिडेंट श्री रवि माथुर ने कहा, “हम स्वजल के साथ जल क्षेत्र में निवेश करने को लेकर बेहद खुश हैं, जहां हमारा मानना है कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन आने वाले वर्षों में अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण होंगे। प्लास्टिक न केवल हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, माइक्रोप्लास्टिक पीकर हम अपने स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। पिछले 6 महीनों में, डिजाइनिंग और प्रोटोटाइप के लिए कोविड-19 लॉकडाउन का उपयोग करते हुए स्वजल ने कॉर्पोरेट और आतिथ्य क्षेत्र के लिए 2 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं। स्वजल की नई रेंज को उसके ग्राहकों ने व्यापक रूप से सराहा है। आरवीसीएफ-III भारत में सोशल और पर्यावरणीय प्रभाव क्षेत्रों में अत्यधिक परिवर्तनकारी कंपनियों पर केंद्रित कर रही है, जिनमें उच्च-वृद्धि और प्रचुर संभावनाएं वाले मॉडल है। स्वजल आरवीसीएफ-III के नेतृत्व वाले फंडिंग राउंड से इनोवेशन और रिसर्च के लिए पेयजल को अधिक सुलभ, टिकाऊ और प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए उपयोग करेगा।

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