भारत में सैमसंग के आर एंड डी ने पूरे किए 25 साल

•  एसआरआई-बैंगलौर मना रहा है सिल्वर जुबली

• 5G और डेटा साइंस से आगे बढ़कर मल्टी-डिवाइस इंटेलिजेंस में करेगा खोज

• जनरेशन जेड और मिलेनियल इंजीनियरों के बीच पेटेंट दाखिल करने की संस्कृति को दी मजबूती 

• स्टार्टअप, छात्रों और विश्वविद्यालयों के साथ ओपन इनोवेशन को दिया विस्तार

• 5G, AI, IoT, क्लाउड सेवाओं जैसे एडवांस आर एंड डी क्षेत्रों में लगातार प्रयास जारी        

• भारत को ध्यान में रखकर सैमसंग गैलेक्सी स्मार्टफोन के लिए इनोवेशन पर जोर

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 11 फरवरी  2021बेंगलुरू। सैमसंग आर एंड डी इंस्टीट्यूट, बैंगलोर (एसआरआई-बी), ने भारत में अपनी स्थापना के 25 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर कंपनी ने एक नई आरएंडडी रणनीति के साथ #पावरिंगडिजिटलइंडिया को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसके तहत अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा है, जो समुदायों में बदलाव लाएगा और लोगों के जीवन को बेहतर बनाएगा। इसके साथ ही यह स्टार्टअप और शिक्षा के एक मजबूत ईकोसिस्टम को भी प्रोत्सहित करेगा। एसआरआई-बी, कोरिया के बाहर सैमसंग की सबसे बड़ी आर एंड डी इकाई है। इसकी स्थापना 1996 में की गई थी। पिछले कई वर्षों से, यह वायरलेस संचार, मल्टीमीडिया और इमेज प्रोसेसिंग, विजन, वॉइस और टेक्स्ट टेक्नोलॉजी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) में उत्कृष्टता के साथ दुनिया भर में सैमसंग के लिए एक एडवांस आर एंड डी सेंटर के रूप में विकसित हुआ है।

अगले पांच वर्षों में, एसआरआई-बी मल्टी-डिवाइस इंटेलिजेंस, 5G से आगे की तकनीक खोजने, ब्लॉकचेन और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में खोज करेगी। इसी के साथ ही यह कैमरा तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 5जी में इनोवेशन के माध्यम से सैमसंग को दूसरों से अलग बनाने के लिए प्रयास जारी रखेगी। एसआरआई-बी ने पिछले एक दशक में अपने इंजीनियरों के बीच पेटेंट दाखिल करने की संस्कृति विकसित की है। इसके साथ ही अब ये देश में इनोवेशन और स्टार्टअप ईकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करने के लिए स्टार्टअप, छात्रों और विश्वविद्यालयों के साथ ओपन इनोवेशन का विस्तार करेगा। कंपनी अपने इस प्रयास को आगे बढ़ाने के लिए अपने इंडस्ट्री-एकेडमिया प्रोग्राम प्रिज्म का विस्तार करेगी। इसके तहत यह इंजीनियरिंग छात्रों और फैकल्टी के साथ अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्रों में वास्तविक अनुसंधान और विकास परियोजनाओं पर काम कर रहा है। अब तक यह देश में करीब 500 छात्रों के साथ काम कर चुका है और इनमें से कुछ छात्र सैमसंग इंजीनियरों के साथ पेटेंट दाखिल कर चुके हैं।

एसआरआई-बी के इंजीनियरों ने अब तक 3,200 से अधिक पेटेंट दाखिल किए हैं। वहीं पिछले तीन वर्षों में प्रतिवर्ष दायर किए जाने वाले पेटेंटों की संख्या में 4 गुना वृद्धि हुई है। इस अवधि में, एसआरआई-बी द्वारा दाखिल किए गए पेटेंट में जनरेशन जेड और मिलेनियल इंजीनियरों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है और लगभग 80% पेटेंट ऐसे इंजीनियरों के हैं, जिन्होंने अपने करियर में पहली बार पेटेंट दायर किया था। एसआरआई-बी के प्रबंध निदेशक, दीपेश शाह ने कहा, “1996 से लेकर अब तक का सफर अविश्वसनीय रहा है। एसआरआई-बी ने सैमसंग के एक मजबूत स्तंभ के रूप में भूमिका निभाई है। हमने एक और मील का पत्थर पूरा किया है, अब हम अपनी नई आरएंडडी रणनीति के साथ आधुनिक इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इससे भारत से प्रेरित नई वैश्विक जीवनशैली को आकार मिलेगा। हम विशेष रूप से कर्नाटक क्षेत्र में अपने विशिष्ट सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों के कौशल को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं, इसके साथ ही हम आगे भी प्रगति करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि "हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारे लोग हैं और जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे हम अत्याधुनिक रिसर्च और डेवलपमेंट के क्षेत्रों में अपनी कंपनी की प्रतिभाओं के कौशल निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे। इसी के साथ ही सैमसंग के डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के तहत, हमारी इंडस्ट्री-एकेडमिया पहल सैमसंग प्रिज्म में नामांकित हजारों छात्रों को भी सशक्त बनाएंगे। नेक्स्ट जनरेशन तकनीकों पर फोकस यहां से आगे, आर एंड डी केंद्र मल्टी-डिवाइस इंटेलिजेंस, 5G से आगे की तकनीक खोजने, ब्लॉकचेन और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में खोज को आगे बढ़ाएगा। इसाके साथ ही डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में वर्चुअलाइजेशन और कंटेनराइजेशन जैसे प्रमुख प्रौद्योगिकी फोकस क्षेत्र होंगे। एसआरआई-बी सैमसंग फाइंड जैसे कम्युनिटी बिल्डिंग प्रोग्राम को तेज करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। सैमसंग फाइंड यूजर्स को ट्रेसिंग डिवाइस में एक दूसरे की मदद करने में सहायता करता है।

1996 में अपनी स्थापना के बाद से, एसआरआई-बी ने कई अत्याधुनिक तकनीकों पर काम किया है। इसने उद्योग को कई नई तकनीकें प्रदान की हैं जैसे 3जी नेटवर्क, दुनिया का पहला 4जी, 5जी नेटवर्क, वॉइस ओवर एलटीई प्रमुख हैं। इस केंद्र के इंजीनियरों ने सैमसंग गैलेक्सी स्मार्टफोन और सैमसंग नेटवर्क के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

स्थानीय भारत-केंद्रित इनोवेशन

एसआरआई-बी स्थानीय भारत-केंद्रित इनोवेशन को विकसित करने पर केंद्रित रहा है। इसने भारतीय बाजार में सैमसंग स्मार्टफोन को एक अलग जगह प्रदान की है। इसके साथ ही इन इनोवेशन को भारतीय उपभोक्ताओं ने भी काफी पसंद किया है। एसआरआई-बी भारत में उपभोक्ताओं की बढ़ती जरूरतों को समझने के लिए हर साल कंज्यूमर रिसर्च करता है, जिसके आधार पर इंजीनियर ऐसे इनोवेशन विकसित करते हैं जो देश में स्मार्टफोन प्रोडक्ट का हिस्सा बन जाते हैं। हाल ही में एक इनोवेशन जो सेंटर ने विकसित किया है वह है एक ऑन डिवाइस सर्च इंजन। यह नेचुरल लैंग्वेज सर्च का उपयोग करते हुए लोगों को आसानी से उनकी तस्वीरों और अन्य कंटेंट को स्मार्टफोन में ढूंढने में मदद करता है।

ओपन इनोवेशन एवं एक मजबूत पेटेंट संस्कृति का निर्माण

एसआरआई-बी भारतीय इनोवेशन ईकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप छात्रों की क्षमताओं को विकसित करने में मदद करने के लिए सैमसंग प्रिज्म कार्यक्रम का विस्तार करेगा। इसके तहत देश भर के और भी कॉलेजों को इस कार्यक्रम में जोड़ा जाएगा। इन छात्रों को तकनीक के क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को हल करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (विजन तकनीक सहित), मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और कनेक्टेड डिवाइसेस जैसी अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्रों के प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिलेगा। प्रत्येक प्रोजेक्ट तीन छात्रों और एक प्रोफेसर की टीम को सौंपा जाता है, जिसमें एसआरआई-बी के एक मेंटर शामिल होते हैं, जो उनका मार्गदर्शन करेंगे और उन्हें प्रशिक्षित करेंगे। साथ ही वे नियमित रूप से समीक्षा भी करेंगे। छात्रों को एसआरआई-बी के साथ संयुक्त रूप से पेपर पब्लिश करने और पेटेंट फाइल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

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