भारतीय इंजीनियर का अमेरिका में बजा डंका

◆ बिना ड्राइवर वाली कार बनाने वाली अमेरिकी कंपनी ने दिया करोड़ों का पैकेज

शब्दवाणी समाचार, सोमवार 8 फरवरी  2021, (ऐ के लाल) गौतम बुध नगर। बिहार के एक युवक ने अमेरिका में अपने शोध का डंका बजा दिया है, अमेरिका की नामी ऑटो कंपनी ने युवक को करोड़ों का पैकेज दिया है, अमेरिकी कंपनी में नियुक्ति के बाद अब भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर बिना ड्राइवर के चलने वाली कार को मार्किट में उतारने के लिए दिन रात काम कर रहे हैं, इंजीनियर का सपना है कि अमेरिका के बाद भारत में भी बिना ड्राइवर वाली कार बनाने में वह सहयोग करें बिहार के पटना निवासी स्वर्ण अविनाश कुमार के एक शोध की अमेरिकी की नामी ऑटो कंपनी भी मुरीद हो गयी, अविनाश एक ऐसे प्रोजेक्ट में काम कर रहे है जिसे लोग अपने सपनो में देखते है। स्वर्ण अविनाश की माता कृष्ण कुमारी सिंह और पिता अशोक कुमार सिंह  नोएडा के सेक्टर 137 में रहते

हैं इंजीनियर स्वर्ण अविनाश की माता ने बताया कि सेल्फ ड्राइविंग कार एक तरह का वाहन है जो की एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए बहुत सारे सेंसरो को इस्तेमाल करता है जैसे कैमरा, रेडार और आर्टिफ़िश्यल इंटेलिजेंस आदि।  सेल्फ ड्राइविंग कार एक रोमांचक क्षेत्र है जो आने वाले समय में दुनियाभर में छा जाएगी। उन्होंने बताया कि राइड शेयरिंग कंपनी Lyft बिना ड्राइवर वाली कार पर काम कर रही है, उन्होंने बताया कि अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में रहकर वह दिन रात बिना ड्राइवर वाली कार को मार्किट में लाने के लिए काम कर रहा है, स्वर्ण अविनाश इससे पूर्व  सिंगापुर , जर्मनी में भी काम कर चुके हैं, उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि उनका सपना है कि भारत में भी बिना ड्राइवर वाली कार मार्किट में आये, इस कार के भारत में आने के बाद एक नयी क्रांति भारत में आएगी। 

गूगल में नौकरी से शुरू किया था सफर स्वर्ण अविनाश ने बताया कि 2015 में बंगलौर में गूगल से नौकरी शुरू की, उसके बाद सिंगापुर होते हुए जर्मनी में अमेज़न में अपनी सेवाएं दीं, अविनाश अपनी सफलता का श्रेय अपने माता और पिता को देते हैं उनका कहना है शुरू से ही वह गणित और विज्ञान में रूचि रखते थे, जिसके फलस्वरूप इलाहाबाद आईआईआईटी में दाखिला मिला सभी बाधाओं को दूर कर आगे बढ़ने की रूचि ने शिखर पर पहुंचाया : स्वर्ण अविनाश कुमार एक विशेष कौशल के साथ एक युवा प्रवर्तक हैं,जो उन्होंने उतार चढ़ाव से भरी यात्रा के माध्यम से हासिल किये हैं, अपनी मेहनत के कारण इंजीनियर स्वर्ण अविनाश सेल्फ ड्राइविंग कार बनाने वाली कम्पनियों में शीर्ष शोधकर्ताओं में एक बन गया।


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