मणिपाल अस्पताल ने कोलंबिया एशिया में अपनी 100% हिस्सेदारी हासिल करने की प्रक्रिया को पूरा किया

शब्दवाणी समाचार, शनिवार 1 मई  2021, नई दिल्ली। मणिपाल हॉस्पिटल्स भारत का दूसरा सबसे बड़ा बहुराष्ट्रीय अस्पताल बनामणिपाल हॉस्पिटल्स ने कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड (कोलंबिया एशिया) में 100% हिस्सेदारी हासिल करने के सफल समापन की घोषणा की। स्वामित्व का हस्तांतरण सभी विनियामक अनुमोदन के पूरा होने के बाद हुआ है। इस अधिग्रहण के साथ, मणिपाल अस्पताल भारत का दूसरा सबसे बड़ा बहु-विशेषता अस्पताल श्रृंखला बन गया।

इस अवसर पर टिप्पणी करते हुए, मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप (एमईएमजी) के अध्यक्ष डॉ.रंजन पई ने कहा, “हम नियामक प्रक्रियाओं को पूरा करने में प्रसन्न हैं जो अब इन दो उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा संगठनों को एक के रूप में कार्य करने की अनुमति देती हैं। अब हमारा ध्यान इस बात पैर है की हम इस एकीकरण से अपने मरीजों को दुनिया की सबसे बेहतर उपचार और सेवा का अनुभव करायें। मैं एक बार फिर कोलंबिया एशिया अस्पताल की पूरी टीम का मणिपाल परिवार में स्वागत करता हूं।

यह अधिग्रहण मणिपाल हॉस्पिटल्स को एक उल्लेखनीय भौगोलिक और सांस्कृतिक पहुँच प्रदान करता है। कुल मिलाकर अब मणिपाल हॉस्पिटल्स संयुक्त इकाई में 14 शहरों में 7,000+ बेड के साथ 26 अस्पताल, 4,000+ डॉक्टरों और 10,000+ कर्मचारियों का एक प्रतिभाशाली पूल है। सालाना 4 मिलियन से अधिक रोगियों का इलाज करते हुए, मणिपाल अस्पताल की श्रृंखला आज देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य सेवा प्रदाता नेटवर्क में शुमार हो गयी।

कोलंबिया पैसिफिक मैनेजमेंट के चेयरमैन, डैन बाटी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “मैं मणिपाल और कोलंबिया एशिया के संयोजन के बारे में बेहद उत्साही हूं क्योंकि यह अधिक से अधिक रोगियों को विश्व स्तर का इलाज पाने का मौका देगा। कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल्स ने भारत में 2005 में हेब्बाल, बेंगलुरु से अपना सफर शुरू किया था और अब बेंगलुरु, मैसूर, कोलकाता, गुरुग्राम, गाजियाबाद, पटियाला और पुणे में 1,300 बेड, 1,200 से अधिक चिकित्सकों और 4,000 कर्मचारियों के साथ 11 अस्पतालों का संचालन किया।

Comments

Popular posts from this blog

सचखंड नानक धाम ने किसान समर्थन के लिए सिंघू बॉर्डर पर अनशन पर बैठे

अक्षय तृतीया पर रिलायंस ज्वेल्स अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और समृद्धि की कामना करता

उप प्रधानाचार्य प्रशासनिक अनियमितताएं और भ्र्ष्टाचार में लिप्त, मुख्य अधिकारी नहीं ले रहे संज्ञान