रेथियोन टेक्‍नोलॉजीज़ ने कोविड-19 राहत के लिए भारत को भेजी जीवन-रक्षक मशीनें

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 6 मई  2021नई दिल्‍ली। रेथियोन टेक्‍नोलॉजीज़ कॉरपोरेशन (NYSE: RTX), जिसने भारत में लगभग 5000 लोगों को रोजगार दिया है, मुख्‍यरूप से प्रैट एंड व्हिटनी एवं कॉलिन्‍स एयरोस्‍पेस के माध्‍यम से, कोविड-19 की चुनौतीपूर्ण दूसरी लहर के बीच, देश की मदद करने और अपने सहयोगियों एवं उनके परिवार व समाज के स्‍वास्‍थ्‍य की सुरक्षा करने का प्रयास कर रही है। 

कंपनी ने यूएस-भारत रणनीतिक भागीदारी फोरम (USISPF) और पूरे देश में सरकार के साथ सक्रियता से काम करने वाले संगठनों के माध्‍यम से 1,000 ऑक्‍सीजन कंसनट्रेटर का दान किया है, जो भारत पहुंचना शुरू हो गए हैं। इन जीवन-रक्षक उपकरणों का वितरण वहां किया जाएगा जहां इनकी सबसे ज्‍यादा जरूरत है। आरटीएक्‍स भारत को इस महामारी से उबरने में मदद के लिए प्रभावित समुदायों को समर्थन और भागीदारी के नए रास्‍ते निरंतर खोजती रहेगी। 

पैम एरिक्‍सन, चीफ कम्‍युनिकेशंस ऑफिसर, रेथियोन टेक्‍नोलॉजीज़ ने कहा, “दुनिया के कई हिस्‍सों में रिकवरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन भारत में हमारे साथी अभी भी महामारी के मुश्किल दौर का सामना कर रहे हैं। हमारे लिए यह समय उनकी मदद करने का है।

अष्मिता सेठी, प्रेसिडेंट एंड कंट्री हेड, प्रैट एंड व्हिटनी ने कहा, “हमें भारत में कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर को रोकने के लिए वैश्विक मदद की आवश्‍यकता है। एयरोस्‍पेस इंडस्‍ट्री हमारे सैन्‍य और एयरलाइन उपभोक्‍ताओं के साथ वैक्‍सीन, ऑक्‍सीजन और दवाओं के तात्‍कालिक परिवहन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।” उन्‍होंने आगे कहा, “हमें उनके इन प्रयासों को समर्थन देने और इस संकट के समय में मदद करने पर गर्व है।

आरटीएक्‍स की टीम संसाधनों को जुटाने और कर्मचारियों एवं स्‍थानीय समुदायों के लिए पीपीई एवं अन्‍य आवश्‍यक सामग्र‍ियों की आपूर्ति के लिए सप्‍लाई चेन क्षमता का उपयोग करने के लिए सक्रियता से काम कर रही है। रेथियोन टेक्‍नोलॉजीज़ 22 मई तक कर्मचारियों के दान के बराबर राशि का दान करेगी, जिसे भारत में कोविड-19 राहत कार्यों में लगी तमाम गैर-लाभकारी संस्‍थाओं को उपलब्‍ध कराया जाएगा।  

प्रैट एंड व्हिटनी के पास कॉमर्शियल, रीजनल और सैन्‍य विमानन क्षेत्र में भारत के विकास को समर्थन देने का 70 साल का गौरवशाली इतिहास है। 680 से अधिक टर्बोप्रोप, टर्बोशाफ्ट और टर्बोफैन एयरक्राफ्ट के साथ, प्रैट एंड व्हिटनी के पास देश में सबसे बड़े इंजन निर्माता के रूप में उपस्थिति है, और भारत में हवाई सफर करने वाले प्रत्‍येक दो लोगों में से एक प्रैट एंड व्हिटनी इंजन से संचालित हवाई जहाज में सफर करता है। 

अपने कारोबार के माध्‍यम से, रेथियोन टेक्‍नोलॉजीज़ दशकों से भारत में निवेश कर रही है। आरटीएक्‍स की कंपनियां प्रैट एंड व्हिटनी, कॉलिन्‍स एयरोस्‍पेस, रेथियोन इंटेलीजेंस एंड स्‍पेस और रेथियोन मिसाइल एंड डिफेंस सभी साथ मिलकर अपने डिजाइन, इंजीनियरिंग और एमआरओ सेंटर्स के साथ ‘मेक इन इंडिया’ में सक्रियता से शामिल हैं एवं अपने प्रशिक्षण केंद्रों तथा स्‍टेम (STEM) एजुकेशन पहल के माध्‍यम से ‘स्‍किल इंडिया’ में सहयोग दे रही हैं। 

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