67% भारतीय हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका को पसंद करते हैं : प्रोडिजी फाइनेंस

●   स्टेट ऑफ हायर एजुकेशन इन स्टडी अब्रॉड मार्केट पर प्रोडिजी फाइनेंस की रिपोर्ट से आया सामने

●   अमेरिका के बाद ब्रिटेन और फ्रांस दोनों 8%-8% भारतीय छात्रों को हायर एजुकेशन के लिए पसंदीदा स्थान हैं

●   पिछले 12 महीनों में हायर एजुकेशन के लिए विदेश यात्रा करने वाले भारतीय छात्रों में महाराष्ट्र 20% के साथ सबसे आगे है, इसके बाद कर्नाटक 15% और दिल्ली 12% है

●   पिछले 12 महीनों में विदेश में हायर एजुकेशन के लिए प्रत्येक छात्र को लोन रूप में लगभग 30 लाख रुपए उपलब्ध कराए गए हैं

●   अगले तीन वर्षों में 20,000 से अधिक योग्य भारतीय छात्रों को $1 बिलियन वितरित करने की योजना है

●   भारतीय छात्रों के लिए 800 कॉलेजों के ग्लोबल पोर्टफोलियो और 1000 पोस्ट-ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के साथ अब तक दुनिया भर में 20,000 छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान की

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 21 मई  2021, नई दिल्ली। विदेश में पोस्ट-ग्रेजुएट पढ़ाई के लिए लोन की पेशकश करने वाले एक प्रमुख क्रॉस-बॉर्डर फिनटेक प्लेटफॉर्म प्रोडिजी फाइनेंस ने पिछले 12 महीनों में भारतीय छात्रों के बीच विदेशों में हायर एजुकेशन के ट्रेंड्स पर नवीनतम निष्कर्षों को सामने रखा है। अध्ययन से संकेत मिलता है कि विदेश में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए फिन-टेक प्लेटफॉर्म द्वारा फंड प्राप्त करने वाले छात्रों की कुल संख्या में से 67% ने संयुक्त राज्य अमेरिका में पढ़ाई की, इसके बाद 8%-8% छात्रों ने यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस को चुना। पिछले वर्ष हायर एजुकेशन के लिए लोन के रूप में प्रत्येक छात्र को लगभग $40,261 (30 लाख रुपए ) वितरित किए गए। 

इस स्टडी में पिछले 12 महीनों में विदेशों में हायर एजुकेशन प्राप्त करने वाले भारतीय छात्रों के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आए हैं। इंजीनियरिंग कोर्सेस के लिए नॉर्थ-ईस्टर्न यूनिवर्सिटी, अर्लिंग्टन में टेक्सास यूनिवर्सिटी, र स्टीवंस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सबसे पसंदीदा यूनिवर्सिटी थे, जबकि जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी, टोरंटो यूनिवर्सिटी और रोचेस्टर यूनिवर्सिटी एमबीए कार्यक्रमों के लिए लोकप्रिय रहे हैं। स्टडी में आगे बताया गया है कि शीर्ष चार राज्य जहां से भारतीय छात्रों ने पिछले एक साल में विदेश यात्रा की, वे थे महाराष्ट्र (20%), कर्नाटक (15%), दिल्ली (12%) और तेलंगाना (8%)। गहराई से गोता लगाते हुए निष्कर्षों में बताया गया है कि पिछले साल विदेश यात्रा करने वाले लगभग 70% पुरुष थे और 30% महिलाएं थीं। हायर एजुकेशन के लिए विदेश यात्रा करने वाले छात्रों में गंभीर अनिश्चितता है क्योंकि पिछले साल नेशनल लॉकडाउन की वजह से अधिकांश परिवार वित्तीय संकट से गुजरे थे। यह बात अलग है कि 2019 की तुलना में 2020 में आवेदनों में 41% की वृद्धि हुई है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि 2018 में 108% की वृद्धि के बाद 2019 में 55% लोन डिस्बर्समेंट की वृद्धि दर्ज की गई थी।  

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