सोना 47000 के निशान की ओर बढ़ेगा : एंजेल ब्रोकिंग

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 11 अगस्त 2021, नई दिल्ली। 18 जून से 6 अगस्त 2021 के बीच इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में 2.6% और एमसीएक्स फ्यूचर्स पर 2.3% की गिरावट आई है। एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड के नॉन एग्री कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च एवीपी श्री प्रथमेश माल्या ने बताया कि हाल के हफ्तों में पीली धातु की कीमतों में गिरावट कोविड-19 के बढ़ते केसेस, डेल्टा वैरिएंट के मामलों में बढ़ोतरी, यूएस फेड की ओर से क्वांटिटेटिव ईजिंग को कम करने के लिए डोविश टोन, यूएस में बॉन्ड यील्ड में कमी, एग्रीकल्चर से ईतर पेरोल डेटा और इसी तरह के कुछ और फेक्टर्स की वजह से हुई है।

पीली धातु में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी: संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य देशों में कोरोनोवायरस के बढ़ते मामलों ने महामारी के फिर से फैलने की आशंकाओं को हवा दी। शेयर बाजारों में इसका असर महसूस किया जा सकता है क्योंकि अत्यधिक इन्फेक्शियस डेल्टा वैरिएंट के केस बढ़ रहे थे। यूएस फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने 30 जुलाई को हुई एफओएमसी बैठक में कहा कि फेड बैक सपोर्ट वापस लेगा, उसके लिए अमेरिकी जॉब मार्केट को कुछ और मजबूती लानी होगी। इसके अलावा अनिश्चित ग्लोबल ग्रोथ आउटलुक और इनफ्लेशन के बढ़ने के बावजूद ईजी मनी पॉलिसी को केंद्रीय बैंकों ने जारी रखा और इसने गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ाया है। अमेरिका में नौकरियों की संभावनाएं बेहतर: अमेरिका में रोजगार की संभावनाओं ने हाल ही में नॉन-एग्रीकल्चर पेरोल डेटा में सुधार के संकेत दिखाए हैं। यह आंकड़े अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट ने 6 अगस्त को जारी किए हैं। इसमें दिखाया गया है कि अमेरिकी नियोक्ताओं ने पिछले एक साल के मुकाबले जुलाई में सबसे अधिक कर्मचारियों को काम पर रखा और मजदूरी भी बढ़ाई।

पिछले महीने नॉन-एग्रीकल्चर पेरोल में 943,000 नौकरियां बढ़ी थी, जो अगस्त 2020 के बाद सबसे अधिक है। मई और जून के आंकड़ों में संशोधन किया गया ताकि पहले की रिपोर्ट की तुलना में 119,000 अधिक नौकरियों को दिखाया जा सके। बेरोजगारी दर गिरकर 16 महीने के निचले स्तर यानी 5.4% पर आ गई। फेड अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि लेबर मार्केट में मजबूती आ रही है, इस वजह से महामारी से उबरने के लिए जो राहत पैकेज जारी किया था, उसे वापस लिया जा सकता है। मनी मैनेजर पिछले कुछ हफ्तों में सोना डंप कर रहे हैं: 20 जुलाई 2021 को 1,08,815 कॉन्ट्रेक्ट्स में नेट लॉन्ग पोजिशन ली गई थी, जो 3 अगस्त को 1,06,662 कॉन्ट्रेक्ट्स के साथ मजबूत हुई है। नेट लॉन्ग में गिरावट फंड मैनेजरों की पीली धातु के प्रति कमजोर भावनाओं को प्रकट करती है, जिससे आने वाले हफ्तों में पीली धातु में मंदी का दौर जारी रह सकता है।

सोना किस ओर जा रहा है?: सोने के बाजार में विपरीत फेक्टर हावी है। एक तरफ डेल्टा वैरिएंट की वजह से कोविड के बढ़ते मामले कहर ढा रहे हैं, वहीं लेबर मार्केट में रिकवरी फेड को बाजार की उम्मीदों के मुकाबले पहले ही राहत उपायों को वापस का संकेत दे रही है। यह निवेशकों के लिए दुविधा की स्थिति है, खासकर जिन्होंने गोल्ड मार्केट में नेट लॉन्ग पोजिशन ले रखी है। हालात जो भी हो, हर गिरावट पर सोना जमा करना बेहतर विकल्प है। सोने की कीमतों में हालिया सुधार ने उन निवेशकों को अनुकूल अवसर दिया है जो इससे पहले की रैली का लाभ नहीं उठा सके हैं। हमारा सुझाव है कि महीने में 45,500-46,000 के बीच आने पर सोना लिया जाए और 47,500 का टारगेट रखा जाए।

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