67% छात्रों को घर से पढ़ाई के दौरान अपने शिक्षकों की मदद लेना आसान : ब्रेनली सर्वे

शब्दवाणी समाचार, शनिवार 4 सितम्बर  2021, नई दिल्ली। वर्ल्ड टीचर्स डे के अवसर पर किए गए अपने नए सर्वेक्षण के माध्यम से दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म  ब्रेनली ने ऑनलाइन लर्निंग के माहौल में शिक्षकों की बदलती भूमिका को समझने की कोशिश की है। साथ ही यह भी देखा कि छात्र और शिक्षक की बॉन्डिंग में किस तरह बदलाव आ रहा है। सर्वेक्षण के मुख्य हाइलाइट्स इस प्रकार हैं-

1.   भारतीय छात्रों को लगता है कि ऑनलाइन लर्निंग ने उनके टीचर्स के साथ कम्युनिकेशन के गैप को खत्म कर दिया है। ऑफलाइन स्कूलों के अचानक बंद होने और पिछले साल लर्निंग पूरी तरह से ऑनलाइन होने से आए बदलावों ने न्यू नॉर्मल में छात्रों और शिक्षकों के क्लासरूम अनुभवों को लेकर कुछ चिंताएं पैदा की हैं। क्या वर्चुअल इंटरैक्शन आमने-सामने की बातचीत जितना ही प्रभावी होगा? घर से पढ़ाई के नए माहौल पर छात्रों की रिएक्शन क्या होगी? क्या यह उनके शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रभावित करेगा? इस तरह की चिंताओं को हल करते हुए ब्रेनली के नए सर्वेक्षण में पाया गया कि 67% छात्रों को लगता है कि ऑनलाइन लर्निंग से आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों के साथ जुड़ना आसान हो गया है।

ऑनलाइन लर्निंग के माहौल में ढलने के लिए शिक्षकों और छात्रों दोनों को जीवनशैली, टाइम-टेबल और टीचिंग और लर्निंग के तरीकों और साधनों में कुछ बदलाव करने पड़े हैं। इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि 48% छात्रों ने ऑनलाइन क्लासेस के दौरान टीचर्स की पढ़ाने की स्टाइल में अंतर महसूस किया है। इन परिवर्तनों में यह भी दिखता है कि शिक्षक और छात्रों के संबंध में विकास हुआ है। शिक्षक भी अपने छात्रों के साथ अधिक धैर्य, समझ और सहानुभूति का प्रयोग करने के लिए प्रेरित हुए हैं। इस विकास के आधार पर 43% छात्रों का मानना है कि टीचर शैक्षणिक समस्याओं को हल करने में पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो गए हैं। भारतीय छात्रों को न केवल अपने शिक्षकों तक पहुंचने में आसानी हो रही है, बल्कि वे दिन के विभिन्न घंटों में अपने प्रश्नों को शेयर करने में भी सहज महसूस कर रहे हैं।

2.   अधिक छात्र अकादमिक शिक्षा से परे अपने शिक्षकों के साथ जुड़ रहे हैं

अपनी शैक्षणिक समस्याओं को हल करने के लिए अपने शिक्षकों से सक्रिय रूप से संपर्क करने के अलावा अधिकांश छात्र (72%) कोर्सेस के अलावा भी अन्य कार्यों के लिए अपने शिक्षकों से जुड़ रहे हैं। यह पिछले साल की तुलना में यह बढ़ोतरी है, जहां केवल 57% छात्रों  ने अपने शिक्षकों से शैक्षणिक सहायता मांगने के अलावा कामों के लिए भी संपर्क किया था। किताबों की अनशंसाएं शेयर करने से लेकर नए ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म का सुझाव देने तक शिक्षक और छात्र दोनों ही सीखने के विभिन्न रूपों की खोज कर रहे हैं, नई जानकारी से जुड़ रहे हैं और अपनी शैक्षणिक यात्रा में एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।

3.   अधिक छात्र अपने शिक्षकों से करियर गाइडेंस मांग रहे हैं

महामारी के बाद के औद्योगिक परिदृश्य की पृष्ठभूमि में सर्वेक्षण में पाया गया कि 70% भारतीय छात्र अपने शिक्षकों से करियर मार्गदर्शन मांग रहे हैं। यह पिछले साल की तुलना में 13% की वृद्धि हुई है। नए रुचि क्षेत्रों की खोज से लेकर नए शैक्षिक अवसरों को तलाशने तक, छात्र सक्रिय रूप से अपने शिक्षकों से मेंटरशिप की उम्मीद कर रहे हैं।

सर्वेक्षण के परिणामों पर ब्रेनली के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर राजेश बिसानी ने कहा, “महामारी के दौरान ऑनलाइन लर्निंग शिक्षा का एकमात्र तरीका बन गया था। यह छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए ओवरऑल इन-क्लासरूम लर्निंग अनुभव को बनाए रखने और निकट भविष्य के लिए उससे बढ़कर हो गया है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि 72% छात्र स्कूलों में लौटने और अपनी शिक्षा को अधिक एडवांस तरीके से आगे बढ़ाने को लेकर उत्साहित हैं। अधिकांश छात्र कक्षा में लौटने को उत्सुक हैं, इसका कारण यह है कि वे अपने साथियों के साथ-साथ शिक्षकों के साथ आमने-सामने की बातचीत के लिए तरस रहे हैं। व्यक्तिगत रूप से जुड़ाव सामाजिक शिक्षा का एक अनिवार्य हिस्सा है जो प्रत्यक्ष कक्षा में अधिक कुशलता से होता है। यह खोज हमारे इस विश्वास के अनुरूप है कि पारंपरिक शिक्षाशास्त्र छात्रों के समग्र सीखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। इस पृष्ठभूमि में एडटेक का उद्देश्य मौजूदा कमियों को दूर करते हुए और शिक्षा को अधिक सुलभ व किफायती बनाकर पारंपरिक शिक्षा प्रणाली की जगह लेना नहीं बल्कि उसका पूरक बनना है। ब्रेनली एक प्लेटफॉर्म के रूप में कम्युनिटी शिक्षा और साथियों के साथ चर्चा के जरिए सीखने में विश्वास करता है। हम भारत के स्कूलों को क्लासरूम-आधारित शिक्षण के लिए मौजूदा और उभरते हुए डिजिटल उपकरणों और संसाधनों का लाभ उठाते हुए देखकर उत्साहित हैं। 

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