अपनी त्वचा को सुन्दर और त्योहारों के योग्य बनाने के लिए क्या करें और क्या नहीं

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 22 सितम्बर  2021, (लेखिका सुश्री कंचन नाइकावाडी, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट, इंडस हेल्थ प्लस) नई दिल्ली।  मानसून समाप्त हो चुका है और त्योहारों का मौसम आने ही वाला है. अपना सबसे सुन्दर स्वरुप महसूस और प्रकट करने के लिए अपना उत्साह बढ़ाने और परिवार के साथ जुड़ने का यह उचित अवसर होता है. आनंददायक मौसम के लिए हम जिस तरह अपने घरों को ठीक-ठाक करते हैं,. वैसे ही हमें अपनी त्वचा को भी शानदार चमक के लिए तैयार करना चाहिए।

त्योहारों की चमक के लिए तैयार होने के लिए हमें किसी डैमेज या डलनेस के बचाने के लिए अपनी त्वचा का ध्यान रखना चाहिए. दमकती त्वचा स्वस्थ शरीर की निशानी होती है. इसलिए इसे तरोताजा और सुन्दर रखने के लिए हमें बढ़िया आहार (डाइट) के साथ-साथ उचित स्किनकेयर (त्वचा की देखभाल) के उपाए करने चाहिए. जैसा कि त्योहारों का मिजाज़ बनता जा रहा है, मिठाइयाँ और जंक फ़ूड तो होना ही होना है और इससे त्वचा संबंधी विविध समस्या हो सकती है.  आपकी त्वचा को स्वस्थ-सुन्दर तथा त्योहारों के अनुकूल बनाने में आपकी मदद के लिए नीचे कुछ करने योग्य और कुछ नहीं करने योग्य सुझाव दिए गए हैं क्या करें  :-

संतुलित आहार और पर्याप्त जल : आपकी जीवन चर्या में स्वस्थ और संतुलित आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. समुचित पोषक आहार से शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने और त्वचा की सुन्दरता बढ़ाने के लिए ज़रूरी और अपेक्षित पोषण मिलते हैं. हर रोज 3-4 लीटर तरल पदार्थ पीना ज़रूरी है. शरीर में पर्याप्त पानी रहने से आपकी त्वचा में चमक आती है और यह कोमल बनी रहती है।

सनस्क्रीन लगाना नहीं भूलें : बादल वाले और जाड़े की सुबह में भी धूप में अल्ट्रावायलेट किरणें नहीं होंगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है. इसलिए, त्वचा को हर रोज हानिकारक किरणों से बचाना ज़रूरी है. चाहे दिन में बदरी छाई हो या सर्दी का मौसम हो, अपनी त्वचा को हानिकारक किरणों से बचाने का हमेशा प्रयास करें. जवाँ और स्वस्थ त्वचा के लिए अपने दैनिक जीवन में सनस्क्रीन को शामिल करें।

अच्छी नींद लें : आपके शरीर और त्वचा को तनाव और थकान से मुक्ति के लिए 6-8 घंटे की गहरी नींद आवश्यक है. साथ ही, स्वस्थ एवं सुन्दर त्वचा के लिए ध्यान और योग जैसे तनाव से मुक्ति वाले व्यायाम करें. इससे रक्त-संचार बढ़ता है और शरीर को आराम मिलता है।

विटामिन सी से भरपूर फल खाएं : विटामिन सी से भरपूर फलों में काफी अधिक ऐंटीऑक्सीडेंट होता है. ऐंटीऑक्सीडेंट्स  रेडिकल गतिविधियों को रोकने में मदद करते हैं. अत्यधिक रेडिकल गतिविधि से त्वचा में रूखापन और झुर्रियाँ आ सकती हैं. आड़ू समूह के फलों (पीच), नारंगी, झड़बेरी समूह के फलों (बेरीज) में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है।

बीजों का अधिक सेवन करें : सूरजमुखी, लौकी, अलसी (फ्लेक्स सीड्स), चिया में काफी विटामिन ई होता है. विटामिन ई त्वचा को जवाँ, तरोताजा और कोमल बनाए रखता है।

क्या नहीं करें : 

‘ज़रुरत से ज्यादा एक्स्फोलिएट’ नहीं करें : मृत त्वचा और रोमकूपों (पोर्स) में छुपी मैल से छुटकारे के लिए एक्स्फोलिएट करना (मृत त्वचा को उतारना)  ज़रूरी है. लेकिन ज़रुरत से ज्यादा एक्स्फोलिएशन से चकत्ते और जलन हो सकती है. त्वचा को सुन्दर-स्वस्थ रखने के लिए ज़रुरत से अधिक एक्स्फोलिएशन से बचना चाहिए. हमेशा हल्के एक्स्फोलिएटर का प्रयोग करें।

मेकअप लगाए हुए कभी नहीं सोएँ : मेकअप के सामानों में काफी केमिकल होते हैं और मेकअप के साथ-साथ दिन भर की धूल और गन्दगी से त्वचा को नुकसान हो सकता है और इसकी चमक जा सकती है. इससे त्वचा में इन्फेक्शन और इरिटेशन भी हो सकते हैं।

तले-भुने  ऑइली फूड्स से परहेज करें : त्योहारों में ऑइली और तले-भुने फूड्स से बचना कठिन होता है, लेकिन यह नहीं भूलें कि इससे त्वचा की चमक चली जाती है यह ढीली हो जाती है. अपनी त्वचा की तंदुरुस्ती बनाए रखने के लिए इस तरह के फूड्स पर नियंत्रण करें।

पिम्पल्स को फोड़ने से बचें : अपनी त्वचा को कील-मुहाँसों से मुक्त रखने के लिए पिम्पल्स को फोड़ने से हमेशा बचना चाहिए. पिम्पल्स को नोंचने या फोड़ने से जलन और इन्फेक्शन हो सकता है. साथ ही झाइयों के फटने से दाग और धब्बे बन सकते हैं तथा पिम्पल्स और खराब हो सकते हैं. इसके लिए घरेलूं उपचार का प्रयोग करें या बेहतर उपचार के लिए किसी त्वचा विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) से परामर्श करें। 

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