डेटा चोरी का उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव और इसे कैसे दूर करें

◆ जिन साइट्स से डेटा चोरी हुआ है, वहां अपने पासवर्ड तुरंत बदलें

◆ सभी ऑनलाइन अकाउंट्स के लिए यूनिक पासवर्ड का प्रयोग करें

◆ अपने अकाउंट लॉगिन के लिए दो-फेक्टर ऑथेंटिकेशन के लिए साइन-अप करें

◆ ईमेल में किसी भी संदिग्ध लिंक से सावधान रहें और अनजान साइट्स से बचें

◆ क्विक हील टोटल सिक्योरिटी जैसे मजबूत एंटीवायरस सॉल्युशन का उपयोग करें जो पर्सनल डेटा की चोरी और ऑनलाइन समझौता होने पर क्लाइंट्स को तत्काल अलर्ट प्रदान करता है और तद्नुसार सुधारात्मक उपाय करने में उनकी सहायता करते हैं

शब्दवाणी समाचार, मंगलवार 12 अक्टूबर  2021, नई दिल्ली। कोविड-19 के मद्देनजर दुनिया तेजी से डिजिटल हो गई है। हालांकि, जैसे-जैसे लोग अधिक समय ऑनलाइन बिता रहे हैं, अपने पर्सनल डिटेल्स जैसे ईमेल आईडी, फोन नंबर, पासवर्ड, बैंक डिटेल्स आदि वेबसाइट्स और ऐप्स के साथ शेयर करते हैं, यह उन्हें डेटा चोरी के लिए बहुत अधिक संवेदनशील बनाता है। आज कंपनियां बेहतर क्लाइंट एंगेजमेंट के लिए पर्सनल डेटा एकत्र करती हैं। हालिया डेटा चोरी के मामलों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि ब्रांड यूजर्स की डेटा की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं।  डेटा चोरी के जरिए संवेदनशील जानकारी लीक होती है और इससे न केवल बिजनेस बल्कि क्लाइंट्स दोनों को नुकसान पहुंचता है। 

चोरी गए डेटा का दुरुपयोग बढ़ रहा है। जिस व्यक्ति का डेटा चोरी हुआ है, उसकी व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल फिशिंग स्कैम में हो सकता है। बैंक खातों को हैक किया जा सकता है। अकाउंट पासवर्ड को बदला जा सकता है। चोरी के डेटा का इस्तेमाल कर पीड़ित के नाम से बैंक लोन प्राप्त किया जा सकता है। इस वजह से क्लाइंट्स के लिए यह जांचना महत्वपूर्ण है कि क्या उनका डेटा किसी बड़ी चोरी के हिस्से के रूप में लीक हुआ है और उन्हें उसका प्रभाव कम करने के लिए सुधारात्मक उपाय करने की आवश्यकता है। क्विक हील रिसर्चर्स के अनुसार, चूंकि ब्रांड और बिजनेस पर्सनलाइज्ड यूजर एक्सपीरियंस प्रदान करने के लिए क्लाउड-बेस्ड तकनीकों को अपनाते हैं, उन्हें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि थ्रेट एक्टर चोरी किए गए क्लाइंट डेटा को चुराने, बेचने और यहां तक कि खरीदने के लिए समान टूल का लाभ उठा रहे हैं।

क्विक हील की लीड प्रोडक्ट मैनेजर, स्नेहा काटकर ने कहा, "डेटा चोरी के बढ़ते मामलों के कारण हमने क्विक हील में डेटा ब्रीच अलर्ट जैसी नए प्राइवेसी फीचर्स को शामिल कर अपने उपभोक्ता समाधानों को अपग्रेड किया है। यह पर्सनल डेटा से समझौता होने पर क्लाइंट्स को तत्काल अलर्ट प्रदान करता है। इसके आधार पर तत्काल सक्रियता देकर क्या किया जा सकता है, यह सुझाव भी देता है। प्राइवेसी-ड्रिवन अप्रौच के बाद हमारा नया सिक्योरिटी सॉल्युशन एंटी-ट्रैकर, वेब कैम सिक्योरिटी, सेफ बैंकिंग समेत एडवांस फीचर भी मिलते हैं। क्लाइंट प्रोटेक्शन हमेशा हमारे ऑपरेशंस के केंद्र में रहा है और हम दृढ़ता से मानते हैं कि मजबूत सुरक्षा उत्पादों का इस्तेमाल कर और उसके बारे में जागरूकता बढ़ाकर, हम अपने विकसित, नए जमाने के क्लाइंट्स के लिए  सेफ और सिक्योर डिजिटल यूनिवर्स बना सकते हैं।

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