सेठ आनंदराम जैपुरिया स्कूल, वसुंधरा ने मनाया 17वाँ संस्थापक दिवस

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 9 दिसंबर  2021ग़ाज़ियाबाद। सेठ आनंदराम  जैपुरिया स्कूल के प्रांगण में आज विद्यालय के 17वें संस्थापक दिवस  का आभासी  आयोजन किया गया | इस आभासी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दक्षिणी एशियाई नारी नेटवर्क की संस्थापक एव संयोजक तथा जमिया मिलिया इस्लामिया की सुप्रसिद्ध प्रोफेसेर ‘श्रीमती वीना सिकरी ’ थीं, जो बांग्लादेश एव मलेशिया की भूतपूर्व उच्चायुक्त भी रह चुकी हैं।  विशिष्ट अतिथि के रूप में जैपुरिया शैक्षिक संस्थान के अध्यक्ष ‘श्री शिशिर जैपुरिया’ आभासी रूप से उपस्थित थे | इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों में जैपुरिया शैक्षिक संस्थान की उपाध्यक्ष श्रीमती सुनीता जैपुरिया, सलाहकार श्री विनोद मल्होत्रा , राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित एव निदेशिका स्कूल  श्रीमती मंजू राणा, सेठ आनंदराम जैपुरिया स्कूल वसुंधरा, गाजियाबाद की निदेशिका प्रधानाचार्या श्रीमती शालिनी नाम्बियार, सभी जैपुरिया स्कूलों तथा संस्थानों के प्रधानाचार्य एवं निदेशक, और स्कूल की प्रबंधन समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे |

इस कार्यक्रम में  ‘इग्नाइट-द स्कूल क्रॉनिकल ’की डिजिटल रिलीज़ देखी गई, जो इन अभूतपूर्व समय में भी छात्रों के उत्साह को प्रदर्शित करते हुए, रंगों और विचारों से भरा हुआ था। शिक्षाविदों और सह-पाठयक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लगभग 26 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया और सत्र  2012-13  की पूर्व छात्रा आरुषि अग्रवाल को स्कूल द्वारा सम्मानित किया गया । उसने अपने सफल करियर की यात्रा को साझा किया और उसे मूल्यों, अनुशासन और ज्ञान का सही मिश्रण प्रदान करने का सारा श्रेय स्कूल को दिया। स्कूल की संस्कृति और लोकाचार का उस पर गहरा प्रभाव पड़ा |

विद्यालय की निदेशिका प्रधानाचार्या सुश्री शालिनी नाम्बियार ने स्कूल के   तत्कालीन सत्र की प्राप्त उपलब्धियों की सूची पढ़ी और गत वर्ष में स्कूल द्वारा छात्रों के हित में किए गए प्रयासों के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने सभी को एजुकेशन वर्ल्ड रैंकिंग से अवगत कराया और साझा किया कि स्कूल को गाजियाबाद में पहला स्थान मिला है। उन्होंने सभी वर्गों के छात्रों को प्रदान की जाने वाली सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा, डिजाइन थिंकिंग और न्यूमेरसी और साक्षरता कौशल शिक्षा की सफलता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं अन्य गतिविधियों में पर प्रकाश डालते हुए छात्रों एवं शिक्षकों को हार्दिक बधाई दी और इसी प्रकार उन्नति के पथ पर आगे बढने की प्रेरणा दी | उन्होंने उप प्रधानाचार्या ‘श्रीमती वी. सुप्रभा ’मुख्य अध्यापिका ‘श्रीमती इंदु कोहली’ एवं ‘श्रीमती सोनल श्रीवास्तव’ नर्सरी विभागाध्यक्ष , अध्यापकगण व छात्रों के अनुपम प्रयास की सराहना की |

कार्यक्रम का शुभारंभ सम्मानित जनों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया | विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा से प्रभावित होकर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ‘श्रीमती वीना सिकरी’ ने अपने भाषण के द्वारा इन असाधारण समय में छात्रों और विद्यालय की अजेय एवं सकारात्मक भाव की सराहना की । उन्होंने यह भी कहा कि प्रगतिशील समाज के निर्माण में शिक्षा की एक अहम भूमिका है एवं युवावर्ग की विचारधारा को नई दिशा प्रदान करता है | उन्होंने प्रतिभावान विद्यार्थियों को शैक्षिक गतिविधियों तथा विभिन्न उपलब्धियों हेतु बधाई दी एवं विद्यार्थियों की रचनात्मक और कलात्मक प्रस्तुतिकरण को देखकर मन्त्रमुग्ध हुए बिना नहीं रह पाए |

जैपुरिया शैक्षिक संस्थान के अध्यक्ष ‘श्री शिशिर जैपुरिया’ने मुख्य अतिथि, सम्मानित जनों का हार्दिक स्वागत किया और इस महामारी में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के निर्बाध प्रवाह के लिए प्रौद्योगिकी के अनुकूलतम उपयोग के साथ छात्रों तक पहुँचने में स्कूल के अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने गर्व से STTAR- Saamarthya Teachers Training Academic of Research के बारे में उल्लेख किया जो  गत वर्ष में जैपुरिया समूह द्वारा शुरू किया गया एक उपक्रम है, जो अपने शिक्षकों को शिक्षा के प्रभावी कौशल परिदृश्य में लगातार बदलाव के अनुकूल बनाने के इरादे से है।

क्रम के मुख्य अतिथि ‘श्रीमती वीना सिकरी ’ने सेठ आनंदराम जैपुरिया स्कूल के द्वारा ‘प्रतिबिम्ब’ विषय पर आधारित आभासी प्रदर्शनी में प्रदर्शित विभिन्न रचनात्मक और कलात्मक प्रस्तुतिकरण को देखकर मन्त्रमुग्ध हुए बिना नहीं रह पाए और उन्होंने चन्द शब्दों के द्वारा छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि प्रगतिशील समाज के निर्माण में शिक्षा की एक अहम भूमिका है एवं यह युवावर्ग की विचारधारा को नई दिशा प्रदान करता है | उन्होंने जोर देते हुए कहा कि छात्र अपने व्यक्तित्व एवं ज्ञान के आधार पर अपने लक्ष्य का चुनाव करे | इस प्रदर्शनी में छात्रों ने गाँधी जी की विचारधारा से प्रेरित होकर आकर्षक माडलों के माध्यम से यह सन्देश दिया कि हमें सदैव सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलना चाहिए |

इस सांस्कृतिक समारोह का आरम्भ ‘गणाध्यक्ष ’ नामक कार्यक्रम से किया गया , जिसमें छात्रों ने अपने आराध्य श्रीगणेश के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए नृत्य प्रस्तुत किया | ‘तरंगिणी’ नामक संगीतमय कार्यक्रम जिसके अंतर्गत छात्रों ने जिंदगी के विभिन्न रंगों को दर्शाते राग किरवानी पर आधारित  ह्रदय स्पंदित करने वाले गीतों को प्रस्तुत किया | ‘ रसोत्सव‘ जिसमें नवरस को मानवीय अनुभुतियो से जोड़ते हुए छात्रों ने नृत्य नाटिका की प्रस्तुति की |कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की उपप्रधानाचार्या श्रीमती ‘वी० सुप्रभा’ने वहाँ उपस्थित सभी गणमान्य जनों को धन्यवाद किया एवं कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों के मस्तिष्क को खुलापन मिलता है जिससे उनकी सोच और निखरती है | उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रयत्नशील विद्यालय की मुख्य अध्यापिका ‘श्रीमती इंदु कोहली’ एवं ‘श्रीमती सोनल श्रीवास्तव’, कला एवं तकनीकी विभाग के सभी अध्यापकगण, नर्सरी विभागाध्यक्ष ,समस्त अध्यापकगण व छात्रों के अनुपम प्रयास की सराहना की। 

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