एग क्वालिटी को बेहतर करने का आयुर्वेदिक उपचार : डॉ चंचल शर्मा

शब्दवाणी समाचार, रविवार 12 दिसंबर  2021, नई दिल्ली। आपने ने बहुत से लोगों के मुंह से सुना होगा कि हमारा स्वास्थ्य ही सर्वश्रेष्ठ धन है। और साथ में यह भी अक्सर सुनने को मिल जाता है। कि माँ बनने का सुख संसार के सबसे बड़ा सुख होता है। परंतु आज की स्थिति कुछ ऐसी नही हैं। आज की जीवनशैली एवं डाइट की वजह से महिलाओं के अनियमित पीरियड्स, अल्कोहल-धूम्रपान का सेवन, कम अधिक बीएमआई महिलाओं की प्रजनन क्षमता के साथ महिलाओं की एग की क्वालिटी को खराब कर रहे हैं। गर्भधारण करने के लिए हर महिला की एक क्वालिटी का अच्छा होना बहुत जरुरी होता है। एग क्वालिटी के साथ-साथ यदि आप अच्छी डाइट लेती है तो आपके पीरियड्स रेगुलर होगें। जिससे आपकी ओवुलेशन की प्रक्रिया समय से पूर्ण होगी। 

आयुर्वेदिक उपचार की सहायता से आप अपने एग की क्वालिटी में सुधार कर सकती हैं। आयुर्वेद के अनुसार यदि आप पौष्टिक डाइट का सेवन करती हैं। तो आपका पूरा रिप्रोक्टिव सिस्टम एक्टिव रहेंगा । साथ ही रक्त का संचार पूरी क्षमता के साथ होगा। जिससे आपकी क्षमता में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा। हेल्दी लाइफस्टाइल और हेल्दी डाइट के साथ रोजना योग एवं व्यायाम करने से एग क्वालिटी में शीघ्र सुधार देखने को मिलता है। 

हरी सब्जियों के सेवन से प्रजनन अंगों में मजबूती आती है और वह पूरी क्षमता से कार्य करने के लिए तैयार हो जाते है। हरी सब्जियों में सबसे अधिक मात्रा में आयरन, फोलिक एसिड एवं एंडी ऑक्सीडेंट महिलाओं को गर्भधारण या प्रेगनेंसी प्लानिंग करने में अच्छी मदद करते हैं। आसानी से प्रेगनेंट होने के लिए महिलाओं को सुखे मेवे मददगार साबित हो सकते हैं। ड्राईफ्रुट्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होती है जो प्रेगनेंसी की संभावना को और अधिक बढ़ाने में सहायक होती है। प्रेगनेंसी प्लान करने से पहले एग क्वालिटी को बढ़ाने मे ताजे फलों का योगदान बहुत ही अच्छा होता है। ताजे फलों में सबसे ज्यादा मात्रा में विटामिन सी एवं अन्य बहुत सारी विटामिंस मौजूद होती है। जो महिला को जल्दी से प्रेगनेंट करने से मददगार होती है। 

डाइट में रेशेदार खाद्य पदार्थ जरुर शामिल करें - रेशे युक्त आहार को आयुर्वेद डाइट में शामिल करने पर प्रमुखता से जोर देता है। क्योंकि इसमें सेवन से पाचन तंत्र में मजबूती आती है और एग क्वालिटी में सुधार होता है। रेशे युक्त डाइट में आप मोटा अनाज जैसे - गेहूँ की आटे की चपाती, ब्राउन राइस और बींस को मिला सकते हैं। 

दूध - दूध को संपूर्ण आहार की श्रेणी में भी रखा गया है। क्योंकि दूध में बहुत अधिक प्रोटीन होती है। दूध से मिलने वाली प्रोटीन से फर्टिलिटी पॉवर में तेजी से वृद्धि होती है। दूध से मिलने वाला हेल्दी फैट फर्टिलिटी हार्मोन के निर्माण में सहायक होते है। और कंसीव करने में मदद करते हैं। फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ चंचल शर्मा कहती हैं। कि उच्च वसा डेयरी प्रोडक्ट से फर्टिलिटी की अधिक संभावना बढ़ जाती है। 

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