बायजूस और द अक्षय पात्र फाउंडेशन ने वंचित स्‍टूडेंट्स की शिक्षा के लिये किया गठंबधन

◆ इस गठबंधन का लक्ष्‍य है समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आने वाले देश के 2 लाख बच्‍चों की शिक्षा को रिमोट लर्निंग से सहयोग देकर डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना

बायजूस और द अक्षय पात्र फाउंडेशन ने वंचित स्‍टूडेंट्स की शिक्षा के लिये किया गठंबधशब्दवाणी समाचार, वीरवार 20 जनवरी  2022, नई दिल्ली। विश्‍व की अग्रणी एडटेक कंपनी बायजूस ने द अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ भागीदारी की है। यह भागीदारी स्‍टूडेंट्स को अच्‍छी गुणवत्‍ता की शिक्षा तक पहुँच देने के बायजूस के मिशन को मजबूत करने और सुविधा से वंचित बच्‍चों के जीवन को सकारात्‍मक ढंग से प्रभावित करने के एक प्रयास के तहत की गई है। बायजूस की सामाजिक पहलों के प्रयास ‘एज्‍युकेशन फॉर ऑल’ के अंतर्गत लॉन्‍च हुआ यह गठबंधन देश के सुदूर क्षेत्रों समेत कई राज्‍यों में स्‍कूलों के आंशिक रूप से बंद रहने पर भी करीब 2 लाख सुविधा से वंचित बच्‍चों की पढ़ाई जारी रखने के लिये है। डिजिटल शिक्षा की यह पहल अक्षय पात्र के फ्लैगशिप नेशनल एन्‍डेवर फॉर स्‍टूडेंट ट्रांसफॉर्मेशन (एनईएसटी) पहल का हिस्‍सा भी है और यह संयुक्‍त प्रयासों के माध्‍यम से शिक्षा की गुणवत्‍ता को पूर्ण बनाने के लिये शिक्षा प्रणाली से जुड़ना चाहती है। इस गठजोड़ के द्वारा बायजूस स्‍टूडेंट्स को फ्री स्‍ट्रीमिंग के लाइसेंस और स्‍मार्ट क्‍लासरूम देकर उच्‍च गुणवत्‍ता के और टेक्‍नोलॉजी से चलने वाले लर्निंग प्रोग्राम्‍स की पेशकश करेगा।

इस पहल के बारे में बायजूस की को-फाउंडर दिव्‍या गोकुलनाथ ने कहा, “बायजूस के पास समाज के विभिन्‍न तबकों के बच्‍चों के उत्‍थान के लिये बदलाव करने वाली विभिन्‍न सामाजिक पहलों को चलाने और गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा तथा डिजिटल पहुँच के बीच की दूरी को भरने का एक ठोस विचार है। हम अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ गठजोड़ करके खुश हैं, जो कि भारत में स्‍कूली बच्‍चों के लिये मील प्रोग्राम्‍स को बढ़ावा देने के लिये लगातार काम कर रहा है। उनके साथ हमारी भागीदारी शिक्षा और सेहत के माध्‍यम से बच्‍चों की भलाई पर लंबी अवधि का प्रभाव छोड़ने की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम है। हमारी फिलोसॉफी मुख्‍य रूप से हमारे मौजूदा शिक्षा परितंत्र पर ठोस प्रभाव डालने पर केन्द्रित है और हम अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ भागीदारी करके और सामाजिक प्रभाव पैदा करने वाली अपनी पहल एज्‍युकेशन फॉर ऑल को मजबूती देकर सम्‍मानित हुए हैं। इस सहयोग की पहल का लक्ष्‍य सरकारी और सहायता-प्राप्‍त स्‍कूलों में विश्‍व-स्‍तरीय डिजिटल प्‍लेटफॉर्म और पेशेवर तरीके से तैयार कंटेन्‍ट तक पहुँच के साथ पढ़ाई का एक इंटरैक्टिव एवं अभिनव अनुभव प्रदान कर बच्‍चों को सशक्‍त करना है। इसकी शुरूआत के लिये बायजूस और अक्षय पात्र ने उत्‍तराखण्‍ड सरकार के साथ मिलकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्‍चों के लिये एक निशुल्‍क शिक्षा कार्यक्रम लॉन्‍च किया है।

द अक्षय पात्र फाउंडेशन के सीईओ श्री श्रीधर वेंकट ने कहा, “अक्षय पात्र में हम लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर‍ते हैं कि कोई भी बच्‍चा भूख के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। हम शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये जो भी कर सकते हैं, करते हैं, क्‍योंकि शिक्षा हर बच्‍चे का मौलिक अधिकार है, चाहे उसकी सामाजिक-आर्थिक पृष्‍ठभूमि कुछ भी हो। हमारा पक्‍का मानना है कि डिजिटल समावेशन से ऐसी दुनिया बनाने में मदद मिल सकती है, जहाँ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्‍चों को किफायत या पहुँच की समस्‍याओं के कारण मौके न खोने पड़ें। बायजूस के साथ हमारा यह गठबंधन बच्‍चों को अच्‍छी गुणवत्‍ता की और आधुनिक शिक्षा निशुल्‍क प्रदान कर डिजिटल विभाजन को दूर करने और डिजिटल समावेश को बढ़ावा देने के लिये हमारा प्रयास है।

उन्‍होंने आगे कहा, “सरकार अपनी ओर से सरकारी और सहायता-प्राप्‍त स्‍कूलों में पढ़ रहे बच्‍चों को गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिये उल्‍लेखनीय प्रयास कर रही है। यह पहल इस मामले में सरकार के संयुक्‍त प्रयासों में सक्रिय रूप से योगदान देने का हमारा प्रयास है। यह गठबंधन द अक्षय पात्र फाउंडेशन की फ्लैगशिप पहल नेशनल एन्‍डेवर फॉर स्‍टूडेंट ट्रांसफॉर्मेशन (एनईएसटी) के कई प्रयासों में से एक है। इन प्रयासों का लक्ष्‍य स्‍कूलों में एक सहायक वातावरण बनाना है, जिसका स्‍टूडेंट्स की पढ़ाई के परिणामों में योगदान मिले और स्‍टूडेंट्स को स्‍कूलिंग का आनंददायक अनुभव मिले।

इस मामले में, फाउंडेशन को बायजूस के रूप में एक सक्षम साथी मिला है, जो अपनी सामाजिक पहलों के माध्‍यम से यथासंभव ज्‍यादा से ज्‍यादा बच्‍चों को डिजिटल पढ़ाई करवाने की कोशिश में है। और इस प्रकार इन बच्‍चों को रिमोट लर्निंग का मौका दे रहा है। 2020 में लॉन्‍च हुआ, ‘एज्‍युकेशन फॉर ऑल’ बायजूस का प्रमुख सामाजिक पहल कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्‍य शिक्षा को लोकतांत्रिक बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्‍चे को पढ़ने का मौका मिले। यह कार्यक्रम सुदूरतम क्षेत्रों में बच्‍चों और कम सेवा-प्राप्‍त समुदायों को टेक्‍नोलॉजी से चलने वाली पढ़ाई के माध्‍यम से सशक्‍त करने के लिए प्रतिबद्ध है। 2025 तक 5 मिलियन सुविधा से वंचित बच्‍चों को सशक्‍त करने के मिशन से कंपनी ने 26 राज्‍यों में 100 एनजीओ के साथ भागीदारी की है, ताकि शिक्षा परितंत्र में सकारात्‍मक सर्वांगी बदलाव हो सके।

Comments

Popular posts from this blog

सरकारी योजनाओं से संबंधित डाटा ढूंढना होगा अब आसान

रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड ने प्रशिक्षण शिविर के लिए चयन समिति का गठन किया

शब्दवाणी समाचार पाठक संघ के सदस्यों का भव्य स्वागत हुआ और अब सबको मिलेगी एक समान शिक्षा का लांच